जिला प्रशासन द्वारा 20 बसों के माध्यम से 600 प्रवासी श्रमिकों को सहारनपुर के लिए किया रवाना–बसों में सामाजिक डिस्टेंसिंग का रखा गया पूरा ख्याल–श्रमिकों को उपलब्ध करवाए गए मास्क और सैनिटाइजर:-डी.सी. अशोक कुमार शर्मा।
May 18th, 2020 | Post by :- | 121 Views

अम्बाला, ( सुखविंदर सिंह ) उपायुक्त अशोक कुमार शर्मा ने बताया कि ई-दिशा पर रजिस्ट्रड प्रवासी श्रमिकों को नियमों के तहत उनके गृह जिलों में भेजने का काम किया जा रहा है। इसी कड़ी में सोमवार को जलबेड़ा रोड़ स्थित राधा स्वामी सत्संग भवन से अम्बाला रोडवेज की 20 बसों के माध्यम से 600 प्रवासी श्रमिकों को उत्तर प्रदेश के सहारनपुर भेजने का काम किया गया। बसों में सोशल डिस्टेंसिंग के तहत 30 लोगों को बैठाने का काम करते हुए रवाना किया गया। 
उपायुक्त ने बताया कि समय-समय पर जारी हिदायतों की अनुपालना के तहत व सरकार के दिशा-निर्देशानुसार प्रवासी श्रमिकों को चाहे उसमें खेतीहर श्रमिक शामिल हों या ई-दिशा पर रजिस्ट्रड श्रमिक शामिल हैं, उन्हें बसों व ट्रेनों के माध्यम से भेजने का काम किया जा रहा है। तीन स्पेशल ट्रेनों के माध्यम से लगभग 3700 खेतीहर श्रमिकों को भागलपुर, कटिहार व मुजफरपुरा भेजने का काम किया गया है। उपायुक्त ने यह भी बताया कि बसों के माध्यम से भी प्रवासी श्रमिकों को भेजने का काम किया जा रहा है। इसीलिए प्रवासी श्रमिक सडकों पर न आएं, उन्हें निर्धारित व्यवस्था के तहत उनके गृह जिलों में भेजने का काम किया जाएगा, वे सयंम रखें। 
सहारनपुर रवाना होने से पूर्व पंचम व उसकी धर्मपत्नी नीरज गुप्ता ने बताया कि वे अम्बाला शहर में शालीमार कालोनी में रहते थे और सिलाई का कार्य करते थे। लॉक डाउन के चलते सिलाई का कार्य नही हो पा रहा है, इसीलिए उन्होंने ई-दिशा पर रजिस्ट्रेशन किया था, जिसके तहत व आज अपने परिवार सहित  जा रहे हैं। जिला प्रशासन का वह धन्यवाद करते हैं, जिसने उन्हें वहां भिजवाने की व्यवस्था की है। इसी प्रकार बिपू, समरजीत ने बताया कि वे शादी व अन्य समारोह में खाना बनाने व वेटर का कार्य करते थे लेकिन अब इस प्रकार के कार्यक्रम न होने के कारण वे पिछले कईं दिनों से घर पर ही हैं। उन्होंने बताया कि तीन दिन पहले ही ई-दिशा पर रजिस्ट्रेशन करवाया था, जिसके तहत उन्हें आज यहां बुलाया गया और वे यहां से अपने घर के लिए जा रहे हैं। जैन कालेज रोड निवासी राम बहुन, धर्मेन्द्र ने बताया कि वे दुखभंजनी मंदिर अम्बाला शहर में साफ-सफाई का कार्य करते थे। आज वह अपने घर जा रहे हैं, जिसके लिए वे जिला प्रशासन का धन्यवाद करते हैं। दिनेश, छंगू, सतीश ने बताया कि वह प्लम्बर व दिहाड़ी-मजूदरी का कार्य करते थे लेकिन अब लॉक डाउन के चलते इस कार्य में दिहाड़ी का कार्य नाम मात्र ही मिल रहा है। एसडीएम गौरी मिड्ढा ने बताया कि जिन श्रमिकों ने ई-दिशा पर रजिस्टर्ड करवाया है , उन श्रमिकों के मोबाईल पर एसएमएस के माध्यम से स्थान व समय बताया जाता है। इसीलिए प्रवासी श्रमिक जिनके पास एसएमएस आता है, वहीं आएं, अनावश्यक न आएं। वह संयम रखें, उन्हें भी उनके गृह जिला में भेजने का काम किया जाएगा। ई-दिशा पर रजिस्टर्ड सभी श्रमिकों को चरणबद्ध तरीके से भेजने का काम किया जा रहा है।

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