मजदूरों का टूटा सब्र का बांध हाईवे पर टायरों में आग लगाकर जाम लगाया
May 17th, 2020 | Post by :- | 72 Views

कोसीकला,मथुरा( राजकुमार गुप्ता)कोसीकला में मंडी समिति के बाहर से सैकड़ों मजदूरों ने कई किलोमीटर तक पैदल दौड़ लगाई। रैपुरा जाट पर मजदूरों ने हाईवे पर झाड़ियां और टायर रखकर आग लगा दी। पुलिस ने लाठियां फटकार कर भीड़ को नियंत्रित किया। मजदूरों का आरोप है कि काफी गुहार के बाद भी प्रशासन ने खाने और पानी की व्यवस्था नहीं कराई। घर जाने के लिए बसों का इंतजाम भी प्रशासन नहीं कर सका। औरैया में हुए दर्दनाक हादसे में मजदूरों की मौत के बाद प्रदेश सरकार ने एनएच-2 और एक्सप्रेसवे से सटे सभी जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मजदूर किसी भी कीमत पर ट्रक या इस प्रकार के अन्य वाहन से या फिर पैदल न जाने पाएं। इस आदेश के बाद डीएम और एसएसपी ने कोसीकलां के कोटवन बॉर्डर, फरह के रैपुरा जाट तथा एक्सप्रेसवे पर बाजना कट पर ऐसे किसी प्रकार के वाहनों से आने वाले मजदूरों को रोकने के निर्देश दिए। इस आदेश का अनुपालन शनिवार सुबह से ही शुरू हो गया। कोटवन पर ट्रकों आदि से आने वाले सभी मजदूरों को रोक लिया गया। कुछ मजदूर अधिकारियों की आंखों में धूल झोंककर बंद कैंटर आदि में बैठकर फरह तक चले गए उन्हें वहां पर उतार लिया। इन मजदूरों को कोसीकलां मंडी समिति तथा फरह में हरदयाल विद्यालय में तथा एक्सप्रेसवे पर आरकेडियन पब्लिक स्कूल में रखा गया। यह सब शासन के दूत बनकर जनपद में आए सचिव स्तर के अधिकारियों की मौजूदगी में किया गया, लेकिन इन मजदूरों के लिए खाने पीने की व्यवस्था करने के नाम पर अधिकारी एक-दूसरे का मुंह ताकते रहे। भूखे-प्यासे मजदूरों ने किसी प्रकार से शनिवार की रात काटी। भूख-प्यास से परेशान मजदूरों ने किया हंगामा- रविवार की सुबह भूख और प्यास से परेशान मजदूरों ने हंगामा शुरू कर दिया। उन्होंने कोसीकलां बॉर्डर पर जमकर हंगामा किया। सरकार विरोधी नारेबाजी करते हुए कोसीकलां मंडी समिति से निकलकर हाईवे पर दौड़ लगा दी। इस दौरान पुलिस ने उन्हें रोकने के प्रयास में लाठियां चलाईं लेकिन अधिकतर मजदूर एनएच-2 पर पैदल ही निकल गए। इस दौरान कई मजदूर गिरकर घायल हुए तो कुछ मजदूर पुलिस की लाठियां पड़ने से चुटैल हो गए। इसी प्रकार से फरह में रैपुरा जाट पर मजदूरों ने ट्रकों के टायर जलाकर जोरदार विरोध किया। मजदूरों का कहना था कि जब प्रशासन उनको रोटी-पानी से लेकर जाने के लिए बसों का इंतजाम नहीं कर पा रहा है तो रोक क्यों रहा है। मजदूर हाईवे पर हंगामा कर रहे थे कि पुलिस ने उन पर लाठियां चलानी शुरू कर दीं, जिससे उनका विरोध और उग्र हो गया। मजदूरों का विरोध देखकर पुलिस तथा प्रशासनिक अधिकारियों के हाथ पैर फूल गए और उन्होंने मजदूरों को एनएच-2 से ट्रक आदि के माध्यम से भेजना शुरू कर दिया। मजदूरों को भोजन-पानी देने का आश्वासन भी दिया। जीएलए विवि पर रोके गए मजदूर- भूखे प्यासे मजदूर जब कोसीकलां से एनएच-2 पर चल रहे थे तो अधिकारियों ने जीएलए विवि पर इन सभी मजदूरों को रोकने का प्रयास किया। यहां पर कुछ मजदूर अवश्य रुके बाकी मजदूर अपने घरों की ओर आगे बढ़ते रहे। दोपहर तक प्रशासन मजदूरों को उनके घरों तक भेजने के लिए रोडवेज की बसें उपलब्ध नहीं करा सका। यही हालत एक्सप्रेसवे पर हुए लेकिन वहां पर मजदूरों की संख्या कम होने के कारण विरोध मुखर नहीं हो सका। बाद में प्रशासन ने एक्सप्रेसवे पर बसें उपलब्ध कराकर उन्हें रवाना किया। लॉकडाउन में घर जाने के लिए निकले मजदूरों ने रविवार की सुबह कोसीकलां से फरह तक 85 किलोमीटर का सफल पैदल किया। छोटे बच्चों को गोद में लेकर महिलाएं लंबी दूरी तक पैदल चलीं। इसी तरह छोटे बच्चे सामान सिर पर रखकर दौड़ते दिखाई दिए। जो मजदूर एनएच-2 पर चलते-चलते जीएलए विवि से आगे निकल गए उन मजदूरों के कदम फिर फरह में रैपुरा जाट के बॉर्डर पर रुके। इस दौरान उन्हें न भोजन मिला न पानी। मजदूर तेज धूप में पेड़ की छांव में रुक-रुक कर पूरी दोपहरी चलते रहे। केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार के लाख दाव ओ के बाद सड़क पर मजदूर रोक नहीं रहे मजदूरों का कहना है तो प्रशासन कुछ इंतजाम नहीं करा रहा।

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