सरकार नहर बंद कर खुद बना रही डार्क जोन :- वरुण चौधरी।
May 17th, 2020 | Post by :- | 70 Views

अंबाला , बराड़ा ( गुरप्रीत मुल्तानी )

आज भारतीय किसान यूनियन हरियाणा की जिला कमेटी ने धान की फसल बिजाई पर सरकार द्वारा लगाई गई रोक को हटाने के लिए मुलाना विधायक वरुण चौधरी को एक ज्ञापन मुख्यमंत्री हरियाणा के नाम सौंपा चौधरी ने किसानों की आवाज को सरकार तक पहुंचाने का भरोसा दिलाया।उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने की बात करती है पर किसानों को धान की फ़सल लगाने से रोकती है ऐसे तो किसानों की आय 2022 तक दोगुनी होने की बजाए आधी जरूर हो जाएगी क्योंकि धान की फसल ही किसान को मुनाफा देती है वे सरकार के इस फैसले का पुरजोर विरोध करते हैं उन्होंने भाजपा सरकार किसान मजदूर विरोधी सरकार करार देते हुए कहा कि पिछले वर्ष सरकार ने जिन किसानों को धान की फसल बीजने की बजाय मक्का का बीज उपलब्ध करवाकर मक्का की फसल बीजवाई थी उस पर सरकार एक श्वेतपत्र जारी करे कि सरकार ने किसानों को मक्का का कितना बीज उपलब्ध करवाया और उसके बाद कितनी मक्का की फसल मंडियों में पहुंची। विधायक ने दावा करते हुए कहा कि पिछले वर्ष मक्का का जितना बीज किसानों को दिया था उतना मक्का भी प्रदेश की मंडियों में नहीं पहुंचा है।क्योकि यहाँ के क्षेत्र की धरती की तासीर बदल चुकी है यहां पर मक्का की फ़सल नही हो सकती है।सरकार बेवजह किसानों को तुग़लकी फ़रमान सुनाकर परेशान कर रही हैं।
भूजल की चिंता करना ज़रूरी है लेकिन इसके लिए सरकार को अपनी तरफ से भी क़दम उठाने चाहिए। उसे हरियाणा की सबसे बड़ी दादूपुर नलवी वॉटर रीचार्ज कैनाल परियोजना को फिर से शुरू करना चाहिए नाकि दादुपुर नलवी नहर को बंद करना चाहिए इस नहर को बंद कर सरकार क्षेत्र को डार्क जोन बना रही है।उन्होंने कहा कि हरियाणा में पानी की कमी की आड़ लेकर किसानों से उनका हक छीना जा रहा है। राज्य के ज्यादातर क्षेत्रों में किसान जीरी उगाते हैं और जीरी किसानों की आय का मुख्य साधन है। सरकारी नीतियों से पहले से ही त्रस्त किसानों पर अगर यह मार पड़ी तो वह बदहाली की कगार पर पहुंच जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकारी उपेक्षा,खराब फसलों का मुआवजा न मिलना,फसलों का सरकारी भाव न मिलना व अभी तक गेंहू की फ़सल की पेमेंट नही मिलना,शुगर मिलो का बंद होना सहित अनेक समस्याओं से राज्य का किसान वर्ग जूझ रहा है। ऊपर से प्रदेश सरकार अब किसानों से धान उगाने का अधिकार छीनकर उनके पेट पर लात मारने का काम कर रही है।विधायक ने सरकार को सुझाव दिए कि सरकार कृषि यूनिवर्सिटी में ऐसे किस्म के धान के बीज तैयार करवाए जो कम पानी में अधिक पैदावार दे।और एक जुलाई से पहले धान की फसल बिजवाई पर रोक लगाए ताकि क्षेत्र की धरती में भूजल में सुधार हो सके और सरकार किसानों की जीवन रेखा दादुपुर नलवी नहर को बंद न कर उसे फिर से शुरू करे।

कृपया अपनी खबरें, सूचनाएं या फिर शिकायतें सीधे editorlokhit@gmail.com पर भेजें। इस वेबसाइट पर प्रकाशित लेख लेखकों, ब्लॉगरों और संवाद सूत्रों के निजी विचार हैं। मीडिया के हर पहलू को जनता के दरबार में ला खड़ा करने के लिए यह एक सार्वजनिक मंच है।