सांसद नायब सिंह सैनी ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग पर जिला परिषद सदस्यों से की चर्चा
May 16th, 2020 | Post by :- | 82 Views

कुरुक्षेत्र, ( सुरेशपाल सिंहमार )    ।     कुरुक्षेत्र लोकसभा क्षेत्र के सांसद नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार ने कोरोना वायरस से प्रभावित औद्योगिक इकाईयों व अन्य क्षेत्रों के लिए 20 लाख करोड़ रुपए का आर्थिक पैकेज देकर देश को आत्म निर्भर बनाने की योजना को अमलीजामा पहनाने का काम किया है। इतना ही नहीं सरकार ने गरीबों, श्रमिकों, किसानों और हर वर्ग के लिए आर्थिक पैकेज में प्रावधान किया है।

सासंद नायब सिंह सैनी शुक्रवार को देर सायं सैक्टर 3 आवास कार्यालय से वीसी के जरिए जिला परिषद के चेयरमैन गुरदयाल सुनहेड़ी के साथ-साथ सभी जिप सदस्यों से आर्थिक पैकेज को लेकर चर्चा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य कारोबारी गतिविधियां फिर से शुरू करना है अर्थात कर्मचारियों एवं नियोक्ताओं, व्यवसायों, विशेषकर सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को फिर से  उत्पादन कार्य में संलग्न करना और कामगारों को फिर से लाभकारी रोजगारों से जोडऩा है। गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी), आवास वित्त कंपनियों (एचएफसी), माइक्रो फाइनेंस सेक्टर और विद्युत सेक्टर को मजबूत करने के प्रयासों के बारे में भी बताया गया। इसके अलावा कारोबारियों को कर राहत, सार्वजनिक खरीद में ठेकेदारों को अनुबंध की प्रतिबद्धताओं से राहत और रियल एस्टेट सेक्टर को अनुपालन राहत भी दी गई है। उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों में सरकार ने सक्रिय रूप से उद्योग और एमएसएमई के लिए विभिन्न उपाय किए हैं। रियल एस्टेट सेक्टर के लिए रियल एस्टेट (विनियमन और विकास) अधिनियम [रेरा] को वर्ष 2016 में कानून का रूप दिया गया, ताकि इस उद्योग में और भी अधिक पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।

उन्होंने कहा कि किफायती और मध्यम आय आवास के लिए एक विशेष कोष पिछले साल बनाया गया, जिससे कि इस सेगमेंट में कर्ज संबंधी समस्या से निपटने में मदद मिल सके। किसी भी सरकारी विभाग या पीएसयू द्वारा देरी से भुगतान करने संबंधी मुद्दे को सुलझाने में एमएसएमई की सहायता करने के लिए वर्ष 2017 में ‘समाधान पोर्टल’ लॉन्च किया गया। स्टार्टअप्स के लिए एक ‘फंड ऑफ फंड्स’ को सिडबी के तहत स्थापित किया गया, ताकि देश में उद्यमिता को बढ़ावा दिया जा सके। इसी तरह विभिन्न अन्य ऋण गारंटी योजनाओं पर ध्यान केंद्रित किया गया, जिससे कि एमएसएमई को ऋण प्रवाह में मदद मिल सके।

कृपया अपनी खबरें, सूचनाएं या फिर शिकायतें सीधे editorlokhit@gmail.com पर भेजें। इस वेबसाइट पर प्रकाशित लेख लेखकों, ब्लॉगरों और संवाद सूत्रों के निजी विचार हैं। मीडिया के हर पहलू को जनता के दरबार में ला खड़ा करने के लिए यह एक सार्वजनिक मंच है।