पॉलीथिन पर रोक लगाने में स्थानीय प्रशासन असफल।
September 4th, 2019 | Post by :- | 75 Views

 

होडल, (मधुसूदन): जिला प्रशासन द्वारा पालीथिन व प्लास्टिक के प्रयोग पर पाबंदी लगाए जाने के निर्देश का शहर में कोई असर दिखाई नहीं दे रहा है। शहर ही नहीं बल्कि गावों में भी प्रशासन की अनदेखी के कारण पालीथिन का धडल्ले से प्रयोग किया जा रहा है। हालांकि कभी जभी प्रशासन द्वारा बाजार में पालीथिन की रोकथाम के लिए अभियान चलाया जाता है,लेकिन बाद में उक्त अभियान ठप हो जाता है। एक ओर प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्लास्टिक और पोलीथिन के प्रयोग पर पूरी तरह से पाबंदी लगाने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन दूसरी ओर शहर और गांवों के दुकानदार पालीथिन का धडल्ले से प्रयोग कर रहे हैं, जिसके कारण शहर में जगह जगह पालीथिन के ढेर लगे रहते हैं। अधिकांश नालियां पालीथिन के कारण अवरूद्ध पडी रहती हैं। बिडम्बना यह है कि प्रशासन द्वारा पालीथिन के प्रयोग पा पाबंदी लगाए जाने के प्रयास के बाद भी अधिकांश सरकारी कार्यालयों, अस्पतालों, विद्यालयों, परचून, सब्जी, दूध, हलवाई, दवाई, डेरी सहित अन्य सभी खाद्य सामग्री बिक्री की दुकानों पर सभी सामान देने के लिए पालीथिन का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके अलावा आज भी अधिकांश सरकारी कार्यालयों में स्वयं विभागीय अधिकारी भी प्लास्टिक के कपों में चाय की चुस्की लेते और प्लास्टिक की बोतल से गला तर करते दिखाई देते हैं। प्रशासन की लापरवाही के कारण सब्जी मंडी,गांधी चौक,कपडा मार्केट,अस्पतालों के आसपास तो सुबह के समय पालीथिन और प्लास्टिक की बोतलों के ढेर लगे रहते हैं। घरों से निकलने वाली गंदगी में सबसे अधिक पालीथिन ही निकलती है। कई जगह सफाई कर्मचारी या दुकानदार भी पालीथिन  को आग के हवाले कर देते हैं, जिसके कारण वातावरण दूषित रहता है। शहर की सब्जी मंडी,राजीव गांधी चौक,हसनपुर चौक व विभिन्न कालोनियों में खाली पडे प्लाटों में पालीथिन की गंदगी की ढेर लगे रहते हैं। लोगों का कहना है कि पालीथिन पर पूर्ण रूप से पाबंदी लगाने से पहले सरकार को इसके निर्माण करने वाली फैक्ट्रीयों पर रोक लगानी चाहिए। ताकि पालीथिन घरों तक नहीं पहुंच सके। अनुमान के अनुसार शहर व आसपास के गावों के बाजार में लगभग एक किव्ंटल पालीथिन का इस्तेमाल किया जा रहा है। परचून के सामान से लेकर अब प्रशासन को इस मामले में गंभीरता बरतने की आवश्यकता है। उधर इस बारे में नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी मनेंद्र सिंह का कहना है कि पालीथिन के प्रयोग पर पाबंदी लगाने के लिए कई बार अभियान चलाया गया है। पालीथिन इस्तेमाल करने वाले दुकानदारों से हजारों रुपए का जुर्माना वसूल कर पालीथिन जब्त भी की गई हैं। अब पालीथिन के इस्तेमाल पर पूर्ण रूप से पाबंदी लगाने के लिए शीघ्र ही अभिायान चलाया जाएगा।

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