सीटीएम जितेंद्र कुमार ने प्रवासी मजदूरों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने की कमान स्वयं संभाली|
May 15th, 2020 | Post by :- | 52 Views
सीटीएम जितेंद्र कुमार ने प्रवासी मजदूरों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने की कमान स्वयं संभाली|

प्रवासी मजदूरों के खाने पीने वाले स्वास्थ्य सुविधाओं का भी लिया जायजा|

मुकेश वशिष्ट (हसनपुर पलवल) :- महामारी के इस मंजर में प्रवासी मजदूरों का दर्द देखकर हर कोई पसीज जाता हैं जिला प्रशासन जहां उन्हें उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए वाहनों का इंतजाम कर रहा है वहीं शहर की सामाजिक संस्थाओं ने उनके खाने-पीने की जिम्मेदारी उठाई है कई सामाजिक कार्यकर्ता मजदूरों की सेवा में दिन-रात जुटे हैं। सामाजिक कार्यकर्ताओं को मजदूरों की सेवा करते हाईवे से गुजरते आम व्यक्ति का दिल भी भावुक हो जाता है ।

सीटीएम जितेंद्र कुमार ने प्रवासी मजदूरों की खाने पीने स्वास्थ्य सुविधाएं व उन्हें उनके गंतव्य तक पहुंचाने की कमान स्वयं नेशनल हाईवे पर उतरकर संभाली हुई है । उनके साथ जिला बाल कल्याण अधिकारी सुरेखा डागर ,शहरी विकास प्राधिकरण के कार्यकारी अभियंता मनोज कुमार, यातायात प्रभारी रविन्द्र कुमार सहित अन्य विभागों के अधिकारी व कर्मचारी मजदूरों को हर संभव सुविधाएं उपलब्ध कराने में जुटे हैं।

मजदूरों की दास्तां सुन छलक उठती हैं आंखें

सीटीएम जितेंद्र कुमार ने केएमपी चौक पर मजदूरों के ठहरने के लिए लगाए गए टेंट में मजदूरों का हालचाल जाना तो मजदूरों ने अपनी दर्द भरी दास्तान सुनाते हुए कहा कि रोजगार खत्म होने के चलते झुगियों का किराया भी नहीं दे पा रहे थे ,वही खाने-पीने की समस्या भी पैदा हो गई थी। इसलिए उन्होंने पैदल ही मध्य प्रदेश अपने घर जाने का निर्णय लिया और पैदल अपने घर की ओर कूच कर दिया ।हालांकि पलवल हाईवे चौक पर पहुंचकर जिला प्रशासन ने उन्हें जो सहारा दिया है वह सदा उसके ऋणी रहेंगे

सामाजिक संस्थाओं की सराहनीय सेवा

पलवल जिले में श्री श्याम सेवा परिवार 11 तारीख वाले, राधा स्वामी सत्संग,  रोटरी कल्ब पलवल, सेवा समिति ,पप्पन प्लाजा सहित कई सामाजिक संस्थाएं प्रवासी मजदूरों की सेवा में जुटी है। श्री श्याम सेवक तारीख संस्था के अमन कुमार कि सेवा का हर कोई कायल है जो सुबह से लेकर शाम तक प्रवासी मजदूरों को खाने से लेकर उनके ठहरने व अन्य सुविधाओं का पूरा ध्यान रख रहे हैं । रोटरी क्लब के कुलदीप सिंह एडवोकेट सुबह से शाम तक नेशनल हाईवे पर प्रवासी मजदूरों की सेवा में जुटे दिखाई देते है। सामाजिक संस्थाओं के सेवा भाव से प्रवासी मजदूर भी भाव विभोर हो जाते हैं।

प्रवासी बच्चे व महिलांए महिला अधिकारी की सेवा भाव से उत्साहित

प्रवासी मजदूरो के साथ चल रही महिलाएं और बच्चे भी जिला बाल कल्याण अधिकारी सुरेखा डागर की सेवा भाव से खासे उत्साहित हैं वे  एक ओर जहां महिलाओं व बच्चों का हौसला बढ़ाती है वही सुबह से देर रात तक केएमपी चौक पर उनकी हर व्यवस्था का पूरा ध्यान रख रही हैं जिला प्रशासन भी दिन रात लोगो की सेवा में जुटी उक्त महिला अधिकारी की कार्यशैली से खासा प्रभावित है।

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