तमिलनाडु में फंसी बालिकाएं
May 14th, 2020 | Post by :- | 255 Views

तमिलनाडु राज्य के तिरुपर जिला में ग्राम पालाडोम में सीआर गारमेंट में है कोंडागांव की बालिकाएं

 

छत्तीसगढ़ से अन्य प्रदेशों में गए हुए, पढ़ाई के लिए हो या प्रशिक्षण हो या मजदूर सभी को लाएंगे – मोहन मरकाम

कोंडागांव 12 मई । वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के चलते आज पूरे देश में अनेक बच्चे विभिन्न प्रांतों की शिक्षा संस्थाओं में लाक डाउन के कारण फंसे हुए हैं। उनमें से बहुत कम बच्चों को अब तक अपने राज्यों से सहायता मिल पाई है। इनमें से उत्तर प्रदेश तथा छत्तीसगढ़ ही पहले राज्य है। जिन्होंने ऐसे बच्चों के लिए बसें भिजवाकर उन्हें अपने राज्यो में घर तक पहुंचाया है, और लगातार शासन प्रशासन हर सम्भव मदद करने के लिए प्रयास कर रहा है, किंतु तमिलनाडु में रोजगार करने के लिए गयी, बस्तर संभाग कोंडागांव जिले की बालिकाओं के लिए अभी तक मदद नही पहुँच पाई है। हालांकि जिला प्रशासन ने पोर्टल पर उनकी जानकारी सेव कर उनकी मदद हेतु, प्रयत्न कर रही है। तथा प्रेदश कांग्रेस अध्यक्ष व विधायक मोहन मरकाम ने कहा अन्य राज्यो में फंसे लोगों को जल्द लाएंगे अपने राज्य में, हर व्यक्ति पहुचेंगे अपने घर

कोंडागांव जिले की 24 बालिकाओं ने मोबाइल के माध्यम से सहायता मांगते हुए बताया, दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल विकास योजना के तहत रायपुर में 6 माह का कोर्स पूरा कर प्लेसमेंट के लिए ग्राम पालाडोम जिला तिरुवर तमिलनाडु की सीआर गारमेंट्स में सिलाई ऑपरेटिंग का कार्य दिया गया था, 2 माह तक अच्छे से कार्य किये, उसके बाद 47 दिन तक लॉक डाउन के चलते काम बंद रहा और अब सभी बालिकाओं ओवर टाइम काम करवाया जा रहा है।

बस्तर संभाग की 36 बालिकाएं रोजगार हेतु, सिलाई मशीन में ऑपरेटिंग का कार्य करने के लिए, तमिलनाडु के तिरुपुर जिला के ग्राम पालाडोम में फंसे हुए हैं, लॉक डाउन में फंसे बस्तर जिला की ग्राम बस्तानार निवासी संध्या कुशवाहा ने बताया कि वे प्लेसमेंट के जरिए तमिलनाडु राज्य के तिरुपर जिला में ग्राम पालाडोम में सीआर गारमेंट में प्लेसमेंट के जरिए सिलाई मशीन चलाने हेतु रोजी रोटी की तलाश में वहां पहुंचे थे हम यहां फरवरी से काम कर रहे हैं, कोरोना वायरस के चलतेलॉक डाउन के कारण यहां दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है सीआर गारमेंट के मालिक द्वारा कार्य के लिए पहुंचे यहां के लोगों को प्रताड़ित किया जा रहा है, ओवर टाइम काम करने के लिए जोर दिया जाता है नहीं करेंगे ओवर टाइम काम बोलने से डराया धमकाया जाता है, बहुत सारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, अब हमारे पास पैसे भी खत्म हो गए हैं,

फोन के जरिए संध्या कुशवाहा ने बताया कि हम लोग पलाड़ोम गांव के गणपति पालम में छात्रावास में रह रहे हैं जिसमें बस्तर जिला के 12 लोग बड़े किलेपाल, सरगी गुडा, डिलमिली, बास्तानार, बागराम, और नारायणपाल, के लोग फंसे हुए हैं । वही कोंडागांव जिला के 24 बालिकाएं खचगांव, पलारी, जोबा, दहीकोंगा, मुनगा पदर, करनपुर, गांव के शामिल हैं यहां की सरकार के द्वारा हमें किसी प्रकार की कोई मदद नहीं मिल रही है अतः हमें छत्तीसगढ़ सरकार से मदद दिलवाये

विभागीय पोर्टल पर भी चढ़ा दिए है – एसडीएम

एसडीएम कोंडागांव पवन कुमार प्रेमी ने बताया है कि तमिलनाडु में काम करने गयी बालिकाओं की सूचना मिल चुकी है और हमने आला अधिकारियों को भी इसकी जानकारी दे दिए है, तथा श्रम विभाग को जानकारी देकर विभागीय पोर्टल पर भी चढ़ा दिए है, जैसे ही उधर बस जाएगी या फिर उस साइड से कोई बस आती है, सभी बालिकाओं लाया जाएगा, जिला प्रशासन उनको जल्द से जल्द लाने के लिए हर संभव प्रयास करेगा।

पढ़ाई के लिए हो, प्रशिक्षण हो या मजदूरी सभी को लाएंगेमोहन मरकाम

छत्तीसगढ़ से अन्य प्रदेशों में गए हुए, चाहे पढ़ाई के लिए हो या प्रशिक्षण हो या मजदूर भाइयों सभी को लाने का कार्य हमारी सरकार मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार कर रही है, कोटा के बच्चों को हमने 22 से अधिक बच्चों को लाए कल हमने हैदराबाद से 10 तथा बस्तर से 125 से अधिक बच्चों को लाने के लिए हमने गाड़ियां भेजी है, और अन्य प्रदेशों में तमिलनाडु या अन्य प्रदेशों में लगातार हमारी सरकार ने बकायदा नंबर जारी किया है उसमें अप्लाई करके आ सकते, लगातार ट्रेनें चलाने का निर्णय लिया उसे छत्तीसगढ़ के जो अन्य राज्यो में फंसे हुए है उन्हें लाएंगे

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