एचएमटी पेट्रोल पंप कर्मियों को जबरन निकालने का मामला पहुंचा हाईकोर्ट, अगली सुनवाई 29 मई को
May 12th, 2020 | Post by :- | 70 Views

पिंजौर (चन्दरकान्त शर्मा)। 30 अप्रेल 2020 को एचएमटी कर्मचारी कंस्यूमर कोर्पोरेटिव सोसायटी द्वारा एचएमटी पेट्रोल पंप के 18 कर्मचारियों को जबरन निकाल दिया गया था । जिसको लेकर निकाले गए कर्मियों ने एचएमटी बचाओ संघर्ष समिति के संरक्षक व पूर्व चेयरमैन हरियाणा सरकार विजय बंसल एडवोकेट के मार्गदर्शन में पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर कर न्याय की मांग की। अब मामला हाईकोर्ट के समक्ष पहुंचने के बाद अमित झांझी एडवोकेट ने कोर्ट में कर्मियों का पक्ष रखा जिसके बाद न्यायधीश महाबीर सिंह सिद्धू ने अतिरिक्त मुख्य सचिव, हरियाणा कॉपरेशन विभाग, रजिस्ट्रार हरियाणा कॉपरेटिव सोसायटी, एचएमटी कर्मचारी कंस्यूमर कोर्पोरेटिव सोसायटी के बोर्ड ऑफ़ एडमिनस्ट्रेटर व मैनेजर, पी के जेटली, सुखबीर सिंह तथा हिंदुस्तान पेट्रोलियम के रीजनल मैनेजर को कर्मियों को निकाले जाने के आदेश पर नोटिस ऑफ मोशन कर स्टे करने के संदर्भ में नोटिस देते हुए 29 मई तक जवाब दायर करने के लिए कहा है। विजय बंसल ने जानकारी देते हुए बताया कि अब मामले की अगली सुनवाई 29 मई को होगी। हाईकोर्ट में अमित झांझी ने दलील देते हुए कहा कि नियमो को ताक पर रखकर पक्के कर्मचारियों को निकाला जाना गलत है, इसके साथ ही बिना किसी सूचना के निकाले जाने का एक तुगलकी फरमान कर्मियों को थमा दिया गया।

कर्मचारियों द्वारा कोर्ट में मांग की गई है कि 30 अप्रेल 2020 के निकाले जाने वाले आदेश को रद्द कर उन्हें दोबारा उनकी नौकरी पर रखा जाए। इसके साथ ही 26 नवम्बर 2019 के आदेशों को भी रद्द किया जाए जिसमे सोसायटी के बोर्ड ऑफ एडमिनिस्ट्रेटर्स को नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही 2 वर्षो के लिए एचएमटी पम्प को किसी थर्ड पार्टी को लीज पर दिए जाने के आदेशों को भी रद्द किया जाए व सोसायटी के बोर्ड ऑफ एडमिसन्ट्रेटर्स को नियमानुसार पुनः नियुक्त किया जाए।

विजय बंसल ने कहा कि राज्य व केंद्र सरकार की अनदेखी, भ्रष्ट अफसरों की मिलीभगत व लापरवाही के कारण एचएमटी में स्थित वर्षो से चल रहे पेट्रोल पंप की हालत दयनीय होने का ठीकरा अब 25 वर्षो से कार्यरत स्थानीय 18 कर्मचारियों को नौकरी से निकालकर करना बिल्कुल असहनीय व गलत है। एक तरफ तो देश कोरोना से जंग लड़ रहा है तो वही आर्थिक तंगी से जूझ रहा है तो दूसरी ओर एचएमटी कोर्पोरेटिव सोसायटी ने तुगलकी फरमान जारी करते हुए 18 स्थानीय कर्मचारियों को नौकरी से निकालने का पैगाम जारी कर दिया।विजय बंसल ने कहा कि मजबूती से कर्मियों की लड़ाई को लड़कर हक दिलवाने का काम किया जाएगा।

विजय बंसल का आरोप है कि जब पहले इतने वर्षों तक इन्ही कर्मियों के बलबूते एचएमटी पंप के माध्यम से करोड़ो का मुनाफा प्रति वर्ष सोसायटी को करके दिया तो अब कुछ भ्रष्ट अफसरों की लापरवाही का नतीजा इन 18 कर्मियों को निकालकर क्यो किया जा रहा है। विजय बंसल का यह भी कहना है कि पंप तो कभी नुकसान में जाता ही नही अगर सरकार इस ओर ध्यान देती क्योंकि जीरकपुर से परवाणू तक पूरे हाइवे पर इस रास्ते की ओर केवल एक ही पम्प है और प्रतिदिन हजारों गाड़ियों का निकलना होता है। अब इन कर्मियों के खान-पान और रहन-सहन की जिम्मेवारी केंद्र सरकार लेगी या फिर राज्य सरकार? सरकारी अनदेखी व कमजोर नेतृत्व के कारण इलाके में रोजगार का अभाव है जबकि पहले एचएमटी ट्रेक्टर प्लांट को बन्द किया गया फिर अब पेट्रोल पंप से 18 कर्मियों को निकालकर रोजगार छीनने का काम किया जा रहा है।

एचएमटी पम्प के बन्द होने से राज्य सरकार को भी करोड़ो का नुकसान हो रहा है क्योंकि सरकार को हर माह करीब 50 लाख का राजस्व एचएमटी पम्प से मिलता था जोकि अब नही मिल रहा है जिससे सरकारी खजाने को चुना लग रहा है।

— इन 18 कर्मियों को निकाला गया….

विजय बंसल ने बताया कि एचएमटी पेट्रोल पम्प में कार्यरत मोती राम, दलजीत सिंह, सुनील सेठी, हरजीत सिंह, अजय प्रकाश बबल, राधे श्याम, सुनील दत्त शर्मा, प्रमोद कुमार, अमित मल्होत्रा,अनिल कुमार, दीपक भारद्वाज, प्रदीप कुमार, प्रतिमा चंद, पवन कुमार, नरेश कुमार, हरजिंदर सिंह, मनिंदर सिंह, संदीप कुमार समेत कुल 18 स्थानीय कर्मियों को निकाला गया है।

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