जौनपुर ।पूर्वांचल के बाहुबली नेता एवं पूर्व सांसद धनन्जय सिंह सहयोगी के साथ गिरफ्तार, सीवर ट्रीटमेंट प्लांट के प्रोजेक्ट मैनेजर के अपहरण एवं हत्या की धमकी देने का है आरोप, भेजे गए जेल।
May 11th, 2020 | Post by :- | 99 Views

जौनपुर । पूर्व सांसद एवं  बाहुबली नेता धनंजय सिंह को  सोमवार की रात्रि को लगभग दो बजे छापा मारी करते हुए लाइन बाजार की पुलिस ने उनके कालीकुत्ती स्थित आवास से गिरफ्तार कर लिया है। उन पर एक कार्यदायी संस्था के प्रोजेक्ट मैनेजर का अपहरण और धमकी देने का आरोप है। आरोप के मुताबिक ठेकेदार के तौर पर अभियुक्त लोग जो बालू सप्लाई कर रहे थे, उसे घटिया मान कर उसे खारिज कर दिया गया था। इसी पर अभियुक्त गण नाराज हो गए और अपहरण कर धमकियां देने लगे।

मुज़फ्फरनगर निवासी जौनपुर शहर के सीवर ट्रीटमेंट प्लांट के प्रोजेक्ट मैनेजर अभिनव सिंहल का आरोप है कि रविवार शाम धनंजय सिंह के दो सहयोगी   लाइन बाजार थानान्तर्गत पंचहटिया स्थित साइट पहुंचे। यहां से एक काली फॉर्च्यूनर गाड़ी में उन्हें अपहरण कर पूर्व सांसद के आवास पर ले आए। पीड़ित ने बताया कि उनकी तरफ से सप्लाई किया जाने वाला बालू खराब गुणवत्ता का है, इसलिए नहीं लिया जा सकता।

आरोप है कि इसके बाद पूर्व सांसद ने उनको पिस्टल के बल पर धमकी दी। भयभीत प्रोजेक्ट मैनेजर ने देर रात लाइन बाजार थाना पहुंच कर तहरीर दी। इसके आधार पर धारा 364, 386, 504, 506 आई पी सी के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने के बाद तत्काल कार्यवाही करते हुए रात्रि में दो बजे  उनके आवास पर छापा मार कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। थाने लाने के बाद विधिक कार्यवाही पूर्ण कर पूर्व सांसद को न्यायालय में पेश किया मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ( सीजेएम ) ने दोनों को उक्त धाराओं में 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है।

यहां बता दे कि विगत दो बरस पहले ही सरकार ने अपराधी से नेता बने पूर्व सांसद धनंजय सिंह को मिली वाई श्रेणी की सुरक्षा वापस ले ली थी। उच्च न्यायालय ने अतिरिक्त सॉलीसीटर जनरल शशि प्रकाश सिंह और राज्य सरकार के वकील से 25 मई-18 तक पीठ को इस बात से अवगत कराने को कहा था कि इस तरह की आपराधिक पृष्ठभूमि वाले एक व्यक्ति को कैसे वाई श्रेणी की सुरक्षा उपलब्ध कराई गई है और ऐसे व्यक्ति से सुरक्षा वापस क्यों नहीं ली गई है जो हत्या के सात मामलों समेत 24 आपराधिक मामलों में कथित तौर पर शामिल है। मुख्य न्यायाधीश डी.बी. भोसले और न्यायमूर्ति सुनीत कुमार की पीठ के हस्तक्षेप के बाद केंद्र सरकार ने बाहुबली पूर्व सांसद धनंजय सिंह को मिली वाई श्रेणी की सुरक्षा वापस ले ली है।

इस तरह उपरोक्त मामले चल ही रहे थे पूर्व सांसद एवं उनके गुर्गो ने एक नयी कहानी को अंजाम दे दिया है। प्रोजेक्ट मैनेजर की घटना के बाद प्रशासन सहित पुलिस विभाग गम्भीर हो गया  और पूरी मंत्रणा के पश्चात मुकदमा पंजीकृत करनें के बाद तत्काल पूर्व सांसद एवं उनके सहयोगी संतोष  विक्रम सिंह को उनके आवास पर छापा मारी कर गिरफ्तार कर लिया है।
छापा मारी के समय मौके पर अपर पुलिस अधीक्षक सहित सीओ एवं कई थानो की पुलिस मौजूद रही है ताकि कोई किसी तरह का प्रतिकार न कर सकें।

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