एमवीएन विश्वविद्यालय ने प्लास्टिक मुक्त भारत जन जागरण रैली का किया आयोजन
September 4th, 2019 | Post by :- | 86 Views

पलवल / लोकहित एक्सप्रेस

प्रवीण आहुजा

एमवीएन विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ फार्मासिटिकल साइंसेज के तत्वाधान में प्लास्टिक मुक्त भारत जन जागरण रैली का आयोजन किया गया जिसमें फार्मेसी विभाग के छात्र एवं छात्राओं ने औरंगाबाद गांव में जाकर लोगों को प्लास्टिक से होने वाले भयंकर नुकसान एवं उससे बचने के उपाय बताते हुए कचरे के रूप में पड़े हुए प्लास्टिक को एकत्रित करके सरकारी स्कूल में जमा कराया प्लास्टिक एक ऐसा रसायन पदार्थ है जो हजारों वर्ष तक ज्यों का त्यों बना रहता है ।आज के समय में इसका प्रयोग एवं प्रभाव लगातार दिन-ब-दिन बढ़ता चला गया है जो एक बहुत ही बड़ा खतरा बन चुका है सन 2016 की एक रिपोर्ट के अनुसार प्रतिदिन 15000 टन प्लास्टिक के रूप में अपशिष्ट होता है केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार देश में सबसे ज्यादा प्लास्टिक कचरा बोतलों से आता है ।

  •  रीसाइक्लिंग की प्रक्रिया भी प्रदूषण को बढ़ाती है क्योंकि यह री साइकिल किया गया प्लास्टिक कचरे में ऐसे रसायन होते हैं जो जमीन में पहुंचकर मिट्टी और भूगर्भीय जल को विषैला बना देते हैं प्लास्टिक मानव जीवन में इस तरह शामिल हो चुका है।कि मनुष्य के दिन की शुरुआत प्लास्टिक के  ब्रश से होती है जिस बाल्टी से नहाता है वह भी प्लास्टिक होती है जिस टिफन में खाना लेकर जाता है वह भी प्लास्टिक होता है एवं जिस बोतल में पानी पीता है वह भी प्लास्टिक की बनी होती है जिससे कैंसर जैसी भयानक बीमारी होने का खतरा पैदा होता है ।प्लास्टिक के प्रयोग के कारण वायु प्रदूषण जल प्रदूषण मृदा उर्वरता की कमी एवं विभिन्न प्रकार की बीमारियों की समस्याएं उत्पन्न होती है इन समस्याओं से बचने के लिए हमें एक बार प्रयोग में आने वाली प्लास्टिक का बहिष्कार करें पॉलिथीन की जगह जूट एवं कागज के थैलों का प्रयोग करें पॉलिथीन को एक बार प्रयोग करने के बाद लोगों को पॉलिथीन से होने वाले दुष्परिणाम के बारे में बताएं ।

फार्मेसी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ तरुण विरमानी अध्यक्ष फाउंडेशन ऑफ हेल्थ एंड एनवायरमेंट सर्च हरियाणा राज्य ने कहा कि हमने इस मुहिम को देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के अभियान प्लास्टिक मुक्त भारत के तहत आगे बढ़ाएं एवं इस प्रकार की रैलियां हम आसपास के सभी गांवों एवं शहरों में कराकर लोगों को प्लास्टिक के दुष्परिणाम एवं उनके निवारण से अवगत कराएंगे इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ जेबी देसाई ने विभाग की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि प्लासी का प्रयोग स्तर पर हो रहा है कि अभी भी इसके बारे में नहीं सोचा गया तो हमारे पास पछताने के अलावा कुछ नहीं बचेगा इस अवसर पर फार्मेसी विभाग के सहायक अध्यापक मोहित संदूजा अश्विनी कुमार अशोक कुमार एवं सभी अध्यापक विद्यार्थियों के साथ उपस्थित रहे ।

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