अब इन ऑनलाईन प्रतियोगिताओं में बच्चों को मिलेगा 3100 रूपये, 2100 रूपये व 1100 रूपये की राशि का पुरस्कार।
May 8th, 2020 | Post by :- | 70 Views

करनाल, हरियाणा (रजत शर्मा)। जिला बाल कल्याण परिषद की ओर से 3 से 14 वर्ष आयु के छोटे बच्चों के नृत्य, गायन, भाषण, कविता, निबंध, कहानी, फैंसी डे्रस और बेकार चीजों के प्रयोग जैसी ऑनलाईन प्रतियोगिताएं शुक्रवार से शुरू हो गई हैं।

परिषद के अध्यक्ष एवं उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने शहर के बाल भवन जाकर दीप प्रज्जवलित कर इन प्रतियोगिताओं की शुरूआत की तथा विद्यादायिनी मां सरस्वती के चित्र पर पुष्प अर्पित किए। डिवीजनल बाल कल्याण अधिकारी प्रदीप मलिक भी इस अवसर पर मौजूद थे।

उपायुक्त के अनुसार यह प्रतियोगिताएं आगामी 15 मई तक रहेंगी। अलग-अलग विधाओं के कुल 26 कम्पीटिशन रखे गए हैं। ओपनिंग पर पहले दिन ही शहर के सरकारी व निजी स्कूलों के बच्चों अथवा उनके अभिभावकों की ओर से 200 के करीब एंट्री दर्ज करा दी हैं, कम्पीटिशन की अवधि समाप्त होने तक अनुमानित 3 हजार बच्चे भाग ले सकेंगे।

बच्चों की ऑनलाईन परफोर्मेंस को शहर के स्कूल-कॉलेजों के प्रबुद्ध शिक्षक बतौर जज मूल्यांकन करेंगे और प्रथम, द्वितीय, तृतीय व सांत्वना पुरस्कार के बच्चों का चयन करने के परिणाम देंगे। बाल भवन में सभी परिणामो के आ जाने के बाद विजयी रहने वाले बच्चों को इनामात दिए जाएंगे।

प्रथम पुरस्कार में 500 रूपये, द्वितीय पुरस्कार के लिए 300 और तृतीय पुरस्कार के लिए 200 रूपये की राशि रखी गई है, सांत्वना पुरस्कार 100 रूपये का दिया जाएगा। ईनाम की राशि आधार व खाता नम्बर लेकर उसमें भेजी जाएगी।विजयी रहे बच्चों के नाम राज्य बाल कल्याण परिषद में भेजे जाएंगे।

जहां कम्पीटिशन में चयन के बाद श्रेष्ठ रहे प्रतिभागी को प्रथम, द्वितीय व तृतीय पुरस्कार में क्रमश: 3100, 2100 व 1100 रूपये का पुरस्कार दिया जाएगा, सांत्वना पुरस्कार 500 रूपये का होगा। ऑनलाईन कम्पीटिशन की शुरूआत करने के बाद उपायुक्त ने मोबाईल स्क्रीन पर प्रतियोगिता में भाग ले रहे बच्चों की परफोर्मेंस देखी और उसे सराहते हुए कहा कि लॉकडाउन के चलते बच्चे कुछ ना कुछ रचनात्मक करते रहें।

उन्होंने कहा कि खाली ना बैठकर कुछ ना कुछ करते रहना बच्चों का स्वभाव रहता है, इसी आदत में वे प्रतिभाओं को निखारने की गतिविधियों से जुड़ें, तो उनके बौद्धिक विकास में इजाफा होगा। नेगेटिविटी की बजाए, क्रिएटीविटी की तरफ जाएंगे।

डिवीजनल बाल कल्याण अधिकारी प्रदीप मलिक ने बताया कि गायन प्रतियोगिता में कोरोना से राहत के लिए प्रभु से प्रार्थना, देशभक्ति तथा लोकगीत के थीम अथवा टोपिक रहेंगे। क्लासिकल डांस में कोई भद्दा नृत्य नहीं होगा, इसके फॉक व फिल्मी ग्रुप कम्पीटिशन में एक बच्चा भाग ले सकता है।

स्पीच अथवा भाषण के टोपिक में अच्छी आदतें, अनुशासन, जीवन का उद्देश्य, जल बचाओ, लॉकडाउन में पर्यावरण तथा स्कूल में कोरोना वायरस के प्रभाव जैसे विषय रहेंगे। इसी प्रकार कविता में सामान्य कविता जिसमें देशभक्ति और प्रेरक कविता शामिल रहेगी।

निबंध लेखन में नैतिक शिक्षा, ईमानदारी, कोरोना वायरस से लॉकडाउन के दौरान माता-पिता व बड़ों का आदर करना शामिल किए गए हैं। जबकि कहानी में भी यही विषय रहेंगे। घर में पड़े बेकार सामान के सदुपयोग की प्रतियोगिता में बच्चों की रूचि अनुसार विषय रहेंगे। इसके अतिरिक्त मिमिक्री, बेकार पेपर से दस्तकारी तथा फैंसी ड्रेस प्रतियोगिताओं में भी बच्चों की रूचि के विषय ही स्वीकार होंगे।

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