थैलेसीमिया पीडि़तों का जीवन बचाने को आगे आया डेरा सच्चा सौदा
May 8th, 2020 | Post by :- | 105 Views
पंचकूला, ( महिन्द्र पाल सिंहमार )    ।   थैलेसीमिया से पीडि़त छोटे बच्चों को राहत भरी ‘एक मुस्कान’ देने के लिए डेरा सच्चा सौदा के भारी संख्यां में श्रद्धालु शुक्रवार को पंचकूला के सेक्टर 6 एवं निजीअस्पतालों में रक्तदान के लिए उमड़ पड़े। कई जगह पर डेरा सच्चा सौदा के श्रद्धालु मांग से भी ज्यादा खूनदान करने के लिए पहुंचे। शुक्रवार शाम तक मिली जानकारी अनुसार डेरा सच्चा सौदा ब्लॉक पंचकूला के श्रद्धालुओं ने 42 यूनिट रक्तदान किया।
जानकारी के अनुसार देश में चल रही कोरोना की महामारी के दौरान बड़ी संख्या में ब्लड बैंक रक्त की कमी से जूझ रहे हैं। ऐसे में थैलेसीमिया जैसी बीमारी से निपटना भी मुश्किल हो रहा है। इस मुश्किल दौर में डेरा सच्चा सौदा, सिरसा ने अपना मदद का हाथ बढ़ाते हुए देशभर के सभी राज्यों में रक्त की कमी को दूर करने का बीड़ा उठाया। थैलेसीमिया बीमारी से जूझ रहे छोटे बच्चों के लिए बड़े स्तर पर खूनदान की इस मुहिम को ‘एक मुस्कान’ नाम दिया गया। डेरा सच्चा सौदा की प्रबंध समिति ने जानकारी देते हुए बताया कि डेरा सच्चा सौदा पूज्य गुरु संत डॉ गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां के नेतृत्व में पिछले कई दशकों से रक्तदान करता आ रहा है और रक्तदान करने में डेरा सच्चा सौदा के नाम कई बड़े विश्व रिकार्ड भी दर्ज हैं। कोरोना महामारी के चलते देश के कई बड़े ब्लड बैंक में रक्त की कमी से जूझ रहे हैं, जिसे दूर करने के लिए ब्लड बैंकों की ओर से डेरा सच्चा सौदा को रक्तदान के लिए लिखित मांग पत्र भेजे गए थे।
पंचकूला के ब्लॉक भंगी दास अनिल कुमार इन्सां ने बताया कि पंचकूला के सेक्टर 6 के ब्लड बैंक के इन्चार्ज मनोज त्यागी ने उन्हे कहा की हमें बी पोजिटिव ब्लड की जरूरत है। इस पर बिना देर किये सैक्टर छह पंचकूला मे डेरा प्रेमी ब्लड डोनेट करने पहंच गऐ। थैलेसीमिया से पीडि़त बच्चों को रक्त की सबसे ज्यादा जरूरत रहती है, थेलेसीमिया पीडि़त बच्चों की पीड़ा को देखते हुए आज रक्तदान किया गया। और भविष्य में जब भी रक्त की मांग आएगी तो डेरा सच्चा सौदा रक्तदान करने के लिए सदैव तैयार है।उन्होंने यह भी बताया कि कोरोना महामारी में रक्तदान के दौरान रक्तदानियों द्वारा सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन किया गया।  ब्लड बैंक ेमें डेरा सच्चा सौदा के श्रद्धालुओं ने रक्तदान किया है, वहां रक्तदानी मास्क पहनने के साथ-साथ सेनेटाइजर भी लेकर आए और एक निश्चित दूरी पर रहते हुए रक्तदान किया।
रक्तदान में डेरा सच्चा सौदा के नाम अनेक रिकार्ड
डेरा सच्चा सौदा के नाम रक्तदान के क्षेत्र में 5 विश्व रिकार्ड दर्ज है, जिनमें से 3 गिनीज बुक रिकार्ड, 1 लिम्का बुक रिकॉर्ड और 1 एशिया बुक रिकार्ड में दर्ज हैं। इसके साथ ही अब तक 145 से ज्यादा रक्तदान शिविर लगाकर डेरा सच्चा सौदा 5 लाख 32 हजार 321 यूनिट रक्तदान कर चुका है, यह क्रम निरंतर जारी है।
 थैलेसीमिया पीडि़तों की मदद को हमेशा आगे रहा है डेरा सच्चा सौदा
क्वलेसीमिया से पीडि़त बच्चों की मदद के लिए डेरा सच्चा सौदा हमेशा आगे रहा है और यह पहला मौका नहीं है जब थैलेसीमिया से पीडि़त बच्चों के लिए रक्तदान किया गया हो, इससे पहले भी सैकड़ों बार डेरा सच्चा सौदा की ओर से थैलेसीमिया ग्रस्त बच्चों के लिए रक्तदान किया गया है। परंतु मौजूदा समय में कोरोना महामारी में जब कोई रक्तदान करने के लिए आगे नहीं आ रहा है तो ऐसे मौके पर भी डेरा सच्चा सौदा ही रक्तदान के लिए सबसे पहले आगे आया है।

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