मलेरिया, डेंगू को लेकर जिला स्वास्थ्य विभाग सतर्क|
May 8th, 2020 | Post by :- | 38 Views

हसनपुर पलवल (मुकेश वशिष्ट) :- सिविल सर्जन डॉ ब्रह्मदीप की अध्यक्षता मे नागरिक अस्पताल पलवल में मलेरिया, डेूंगू के संबंध में एक बैठक आयोजित की गई। इस अवसर पर उपसिविल सर्जन डा. रेखा भी मौजूद रही। बैठक में सिविल सर्जन ने बताया कि वर्ष 2019 मे मलेरिया के 182 मामले तथा डेंगू के 45 मामले आए थे, जोकि वर्ष 2018 की तुलना मे 50 प्रतिशत कम थे। अब 2020 मे मलेरिया व डेंगू का अभी तक किसी भी प्रकार का कोई भी मामला सामने नही आया है। फिर भी  जिला स्वास्थ्य विभाग मलेरिया व डेंगू को लेकर पूरी तरह से मुस्तैदी के साथ अपने कार्य मे लगा हुआ है।

उन्होंने बताया कि अब तक जिला पलवल में मलेरिया की जांच के लिए गत माह तक 12 हजार बुखार के मरीजो की जांच की जा चुकी है, जिसमे एक भी मलेरिया का मरीज नही पाया गया है। जिले में अब तक मलेरिया विभाग की टीमों द्वारा घरो की जांच की गई है। मच्छर का लार्वा पाए जाने पर 35 घरों मे चेतावनी संबंधी नोटिस भी दिए जा चुके है। स्वास्थ्य विभाग ने पलवल शहर के सभी 32 वार्डों में नगर परिषद के साथ मिलकर फोगिंग करवाई गई है तथा कुछ कॉलोनी में जहां पर मलेरिया व डेंगू के ज्यादातर मामले आते है, उन सभी जगहों पर दोबारा से फोगिंग की गतिविधियां करवाई जा रही हैं। इसके साथ ही 192 तालाब व जोहड़ों में लार्वाभक्षी गाम्बुजिया मछली भी छोडी गई है। जिले मे डेंगू संभावित 55 क्षेत्रो की सूची तैयार कर ली गई है, जिनमे स्वस्थ्य विभाग की टीमों द्वारा एंटी लार्वा संबंधित जरूरी  एक्टिविटीज करवाई जा रही हैं।

प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र सोलडा के 14 गांवों मे स्वास्थ्य विभाग की 6 स्प्रे टीमों द्वारा एक रूट प्लान तैयार कर लिया गया है, जिसके तहत एक सघन कार्यक्रम चलाया जाएगा। कार्य में पूरी मुस्तैदी के साथ प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र सोलडा के साथ लगते सभी गांवों, जिनमें भोलडा, राजूपुर, दोस्तपुर, मालासिंह फार्म, बागपुर, सुनेहरी का नगला, भूड, खेडली, शेखपुर, पंचायत फार्म, जीतफार्म, झुप्पा, नगरिया को कवर किया जाएगा। इस दौरान पहले एक-एक गांव में एक स्प्रे व लार्वा एक्टिविटीज की जाएगी, जिनमें रुके हुए पानी मे टेमिफोस व काला तेल डलवाया जाएगा, जिससे मच्छरों की वृद्धि मे रोक लग सके और साथ ही सभी बुखार से पीडि़त मरीजों की जांच बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मी पुरूष व आशा कार्यकर्ता द्वारा नि:शुल्क की जाएगी। इस दौरान अगर किसी व्यक्ति को मलेरिया पाया जाता है तो उसका तुरंत 14 दिन का इलाज किया जाएगा। इस कार्य को सफल बनाने के लिए सिविल सर्जन ने गांवों के सभी पंच-सरपंचों से अपील की है कि वे अपना भरपूर सहयोग दें।

इस अवसर पर सिविल सर्जन ने कोविड-19 के दृष्टिïगत सामाजिक दूरी का पालन करते हुए सभी स्वास्थ्य अधिकारी व कर्मचारीयों को मलेरिया से बचाव व रोकथाम के बारे में आवश्यक सूचना देते हुए लोगों को जागरूक किया जाए।

इसी तर्ज पर हथीन व होडल खंड के मलेरिया के अति संवेदनशील क्षेत्रों को कवर किया जाएगा। इस दौरान सिविल सर्जन पलवल ने आमजन से अपील की है कि वे पलवल को मलेरिया से मुक्त करने के लिए अपनी जिम्मेदारी सुनिश्चित करे। प्रत्येक रविवार को ड्राई डे मनाएं, जिसमे घरो के टैंक, कूलर व गमलो में से पानी को सप्ताह मे एक बार सुखा कर साफ कर ले। घर में फ्रिज की ट्रे के पानी को साफ करके रखें। घरो कि छत पर रखे हुए बेकार टायरो या बेकार के बर्तनों को हटा दे, जिससे उनमे वर्षा का पानी एकत्रित न हो पाए। घर के आस-पास पानी एकत्रित न होने दें क्योकि ठहरे हुए पानी मे ही मच्छर पनपता है। इसलिए अगर बिना प्रयोग का पानी है तो उसमे काला तेल डाल दें, जिससे मच्छर का लार्वा पानी मे न पनप पाए और मलेरिया फैलाने वाले मच्छर के प्रजनन पर रोक लग सके। उन्होंने बताया कि मलेरिया के शुरूआती लक्षणों मे तेज ठंड के साथ बुखार आना, सिर दर्द होना व उल्टी आना है। इसलिए  कोई भी बुखार आने पर अपने नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र मे जाकर मलेरिया की जांच करवाए और अगर मलेरिया जांच मे पाया जाता है तो उसका 14 दिन का इलाज स्वास्थ्य कर्मी की देख रेख में पूर्ण करे।

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