शराब की अवैध ब्रिकी पर लगाएं रोक -मुख्यमंत्री मनोहर लाल
May 6th, 2020 | Post by :- | 34 Views

करनाल, हरियाणा (रजत शर्मा)। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने बुधवार को चण्डीगढ़ से वीडियो कॉन्फ्रैंसिंग के माध्यम से प्रदेश के जिला अधिकारियों को निर्देश दिए कि शराब की अवैध ब्रिकी पर पूर्णत: रोक लगाएं तथा दूसरे प्रदेशों से किसी भी सूरत में शराब को ना आने दें, बॉर्डरों पर पूरी सख्ताई हो। शराब की फैक्ट्री व गोदामों की चैकिंग के लिए डीसी, एसपी तथा डीईटीसी कार्यालय की ओर से एक संयुक्त टीमें गठित की जाएं और इन पर कड़ी नजर रखें।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने वीडियो कांफ्रैंसिंग के माध्यम से प्रदेश के जिला अधिकारियों के साथ शराब की बिक्री, उत्पादन, भंडारण की व्यवस्था, खनन कार्य तथा प्रवासी मजदूरों को वापिस उनके घर भेजने की व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने कोरोना वायरस महामारी को हराने तथा लॉकडाउन की अनुपालना को लेकर प्रदेश के अधिकारियों द्वारा की गई व्यवस्था की सराहना की और उन्हें बधाई दी और कहा कि आने वाले समय में भी लॉकडाउन की अनुपालना सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने कहा कि कोविड-19 के चलते मार्च के माह में शराब के ठेकों की नीलामी का कार्य नहीं हो पाया, जिसके कारण प्रदेश के राजस्व में काफी नुकसान हुआ है। लेकिन अब स्थिति नियंत्रण में होने के कारण प्रदेश में शराब ब्रिकी का कार्य शुरू हो चुका है, शराब की फैक्ट्रियों में उत्पादन व उसके भंडारण की निरंतर चैकिंग करें तथा शराब के ठेके निर्धारित समयावधि में ही खुलें तथा ठेकों पर सोशल डिस्टैंसिंग की अनुपालना सुनिश्चित हो।

उन्होंने पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिए कि लॉकडाउन के चलते शराब के ठेकों के नजदीक बैरॉकेटिंग भी अवश्य करवाएं। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि पुलिस कर्मियों व डीईटीसी कार्यालय के अधिकारियों द्वारा पकड़ी गई अवैध शराब को नष्ट करने की बजाए, उसके उपयोग करने के नियम भी बनाए जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में खनन से सम्बंधित 54 साईट अधिकृत हैं, जिनमें से अधिकांश पर कार्य शुरू हो चुका है।

उन्होंने जिला उपायुक्तों को निर्देश दिए कि इस कार्य से जुड़े लोगों से बातचीत करके वह साईट पर चालू करवाएं, अनावश्यक तौर पर परेशान ना किया जाए। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन से पहले अवैध खनन से सम्बंधी जो गाडिय़ां इम्पाउंड की गई थी, सम्बंधित गाड़ी मालिकों से जुर्माना वसूल करके उनको वापिस लौैटा दी जाए और जो जुर्माना भरने में आनाकानी करें, उनकी गाडिय़ों की नीलामी की जाए।

उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा इच्छुक प्रवासी मजदूरों को उनके घर भेजने की व्यवस्था की जा रही है, बिहार सरकार से बातचीत हो चुकी है तथा अन्य प्रदेशों के रहने वाले मजदूरों के लिए भी उनके प्रदेश की सरकार से बातचीत जारी है। उन्होंने आज फिर दोहराया कि प्रदेश में किसी भी गरीब, जरूरतमंद व प्रवासी मजदूर को भूखा नहीं रहने दिया जाएगा, जिन लोगों को सरकार की किसी भी योजना के तहत अब तक लाभ नहीं मिला है उनकी सूची उपायुक्तों के माध्यम से सरकार के पास पहुंच चुकी है। उन्हें भी जल्द आर्थिक सहायता तथा राशन सामग्री उपलब्ध करवाई जाएगी।

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