छत्तीसगढ़ राज्य में श्रमिकों ,मजदूरों और अन्य व्यक्तियों को आश्रय भोजन और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई गई
May 6th, 2020 | Post by :- | 130 Views

कोंडागांव 07 मई – जिला कोंडागाँव की कांग्रेस पार्टी के द्वारा प्रेस विज्ञप्ति जारी की गई जिसमें छत्तीसगढ़ की भूपेश बघेल सरकार ने कोरोना वायरस महामारी के संक्रमण को रोकने के लिए पूर्वानुमान लगाकर बेहतर तैयारी और कार्ययोजना के साथ इसका सामना किया इसके कारण अन्य राज्यों के मुकाबले छत्तीसगढ़ में संक्रमण को नियंत्रण में रखने में सफलता मिली, वहीं दूसरी और राज्य सरकार ने राहत भरे फैसले किये संकट में फंसे प्रदेशवासियों की हर संभव मदद की। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य की जनता के नाम जारी अपने पहले ही संदेश में कह दिया था कि हम अपने राज्य में किसी को भूखा सोने नहीं देंगे और इस डेढ़ महीने से अधिक के लाकडाउन के दौरान धरातल पर उन्होंने ऐसा किया भी । राज्य के 56.48 लाख गरीब परिवारो को अप्रैल, मई और जून, तीन माह का राशन निःशुल्क प्रदान किया गया हैं ।

बिना राशनकार्ड वाले व्यक्तियों को भी प्रति व्यक्ति 5 किलो चावल देने का निर्णय।

लॉक – डाउन में मनरेगा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के अंतर्गत ग्रामीणों को रोजगार देने में छत्तीसगढ़ अभी पूरे देश में प्रथम स्थान पर है । देशभर में मनरेगा कार्यों में लगे कुल मजदूरों में से करीब 24 फीसदी अकेले छत्तीसगढ़ से हैं । यह संख्या देश में सर्वाधिक है । प्रदेश की 9883 ग्राम पंचायतों में चल रहे विभिन्न मनरेगा कार्यों में अभी लगभग 20 लाख मजदूर काम कर रहे हैं ।

लॉकडाउन के दौरान राज्य एवं राज्य के बाहर लगभग 3 लाख श्रमिकों की समस्याओं का सीधे तौर पर किया निराकरण

लॉकडाउन के दौरान राज्य एवं राज्य के बाहर लगभग 3 लाख श्रमिकों की समस्याओं का सीधे तौर पर निराकरण किया गया। छत्तीसगढ़ राज्य में श्रमिकों, मजदूरों और अन्य व्यक्तियों को आश्रय, भोजन और अन्य सुविधायें उपलब्ध करायी गयी। अन्य राज्यों में फंसे छत्तीसगढ़ के मजदूरों की समस्याओं को दूर करने के लिए वहां के मुख्यमंत्रियों, अधिकारियों से सम्पर्क कर उन्हें भोजन , आश्रय इत्यादि उपलब्ध कराया गया। छत्तीसगढ़ के कुल एक लाख 24 हजार 205 श्रमिक 21 राज्यों और 4 केन्द्रशासित प्रदेशों में लाक डाउन के कारण फसे हैं । अन्य राज्यों में संकट का सामना कर रहे 16हजार 885 श्रमिकों को लगभग 66 लाख रूपये की राशि प्रदान की गयी। शासन द्वारा छूट प्रदत्त गतिविधियों और औद्योगिक क्षेत्रों में 81हजार 669 श्रमिकों को पुनः रोजगार मिला |

लाकडाउन में वनोपज संग्रहण में भी छत्तीसगढ़ देश में पहले स्थान पर हैं।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रेल मंत्री को 2 मई को पत्र लिखकर छत्तीसगढ़ के श्रमिकों को वापस राज्य में लाने के लिए 28 ट्रेन चलाने की मांग की। कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी के निर्देशों के प्राप्त होते ही राज्य सरकार ने 4 मई को रेलवे को पत्र लिखकर कहा कि राज्य सरकार श्रमिकों की राज्य वापसी में लगने वाले ट्रेन के सारे खर्च को वहन करेगी। लाकडाउन में वनोपज संग्रहण में भी छत्तीसगढ़ देश में पहले स्थान पर हैं। देश के कुल वनोपज संग्रहण का 99 प्रतिशत अकेले छत्तीसगढ़ ने ही किया सेंटर फार मानीटरिंग इंडियन इकानामी ( CMIE ) ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि छत्तीसगढ़ में अप्रैल माह में बेरोजगारी की दर केवल 3.4 प्रतिशत रही हैं। जबकि इस समय देश की औसत बेरोजगारी दर 23.5 प्रतिशत रही हैं ।

स्कूलों में ऑनलाइन पढ़ाई के लिए ‘पढ़ाई तुंहर दुआर’ वेबपोर्टल प्रारंभ किया।

कोटा में लाकडाउन के कारण फंसे छत्तीसगढ़ के 2हजार 252 विद्यार्थियों को 97 बसों में वापस राज्य लाया गया। इस पर राज्य सरकार ने 1.45 करोड़ व्यय किये। राज्य के अंदर लगभग 6 हजार श्रमिकों को एक जिले से दूसरे जिले में स्थित अपने गांव जाने के लिए व्यवस्था की गयी अवकाश अवधि में स्कूली बच्चों, आंगनबाड़ी केन्द्र के बच्चों, गर्भवती शिशुवती माताओं और किशोरी बालिकाओं को सूखा राशन। राज्य की हर ग्राम पंचायत में जरूरतमंद लोगों के लिए दो क्विंटल चावल की व्यवस्था। स्कूलों में ऑनलाइन पढ़ाई के लिए पढ़ाई तुंहर दुआर’ वेबपोर्टल प्रारंभ किया।

अब तक 15 लाख 77 हजार छात्र और 1.65 लाख शिक्षक पंजीकृत। रिजर्व बैंक ने अपनी रिपोर्ट में छत्तीसगढ़ में कृषि और उससे सम्बंधित कार्यों में बनी तेजी को सराहा है। किसानों को फसल बीमा और प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना के तहत लॉकडाउन की अवधि में अब तक 900 करोड़ रूपए की राशि उनके खातों में अंतरित की जा चुकी है ।

 

कृपया अपनी खबरें, सूचनाएं या फिर शिकायतें सीधे editorlokhit@gmail.com पर भेजें। इस वेबसाइट पर प्रकाशित लेख लेखकों, ब्लॉगरों और संवाद सूत्रों के निजी विचार हैं। मीडिया के हर पहलू को जनता के दरबार में ला खड़ा करने के लिए यह एक सार्वजनिक मंच है।