कानूनी सेवाओं को भी आवश्यक सूची में लाया जाये: वकील समुदाय
May 6th, 2020 | Post by :- | 60 Views

चंडीगढ़ (मनोज शर्मा) देशव्यापी लाॅकडाऊन की कड़ी में भाजपा चंडीगढ़ द्वारा लोगों को राहत प्रदान करवाने के लिये ई-कांफ्रेंसिंग बैठकों का दौर क्र्रमानुसार जारी है जिसमें प्रदेशाध्यक्ष अरुण सूद सभी मोर्चो और प्रकोष्ठों की बैठकों की अगुवाई कर जनता का दर्द समझ रहे हैं और उनका निवारण में जुटे हुये हैं। इसी कड़ी में भाजपा लीगल सैल के संयोजक प्रीतम सिंह सैनी की अगुवाई में एक वैब ऐयर बैठक आयोजित की गई जिसमें अरुण सूद ने करीब 100 वकीलों को संबोधित किया। वकीलों ने प्रदेशाध्यक्ष को कोरोना संकट के चलते पेश आ रही चुनौतियों से अवगत करवाया तथा कुछ सुझाव उनके समक्ष पेश किये। पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट के बार कौंसिल के पूर्व चैयरमेन लेखराज का मत था कि कानूनी सेवाओं को भी आवश्यक सूची में स्थान दिया जाये क्योंकि कानून एवं न्याय प्रणाली समाज का अभिन्न अंग है। वकीलों ने सुझाव दिया कि पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट को भी दिल्ली हाई कोर्ट की तर्ज पर चरणबद्ध तरीके से खोला जायें। वकीलों ने सुझाव दिया कि क्योंकि देश में अलग हाई कोर्ट्स की अपनी अपनी नीतियां हैं इसलिये केन्द्रीय सरकार को मुख्य न्यायधीश के साथ विचार विमर्श कर देश में एक समान नीति लागू करनी चाहिये। वकीलों ने इस बार पर भी जोर दिया कि जो भी कानूनी कार्यावाही विडियो एंड ओडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से वर्तमान में जारी उन्हें रिकार्ड कर डाक्यूमेंटिड किया जाना चाहिये।

अरुण सूद ने भी समास्याओं को संज्ञान लेते हुये वकीलों को भी आश्वासन दिया कि वे राष्ट्रीय नेतृत्व से इस दिशा में समाधान पेश करेंगें।

उन्होंनें बैठक को संबोधित करते हुये बताया कि वे समय समय पर बीजेपी कार्याकर्ताओं, पार्षदों, जिलाध्यक्षों, मोर्चा और विभिन्न प्रकोष्ठों और बुद्धिजीवियों से ई-कांफ्रेंसिंग कर समास्यों और सुझावों को न केवल प्रशासन के समक्ष रखते हैं बल्कि राष्ट्रीय नेतृत्व में संबंधित विभागों तक पहुंचा कर समास्याओं का भी निदान कर रहे हैं।

इस अवसर पर चेतन मित्तल, पंकज जैन, दीपक मल्होत्रा, बृजेश्वर सिंह जसवाल,  जसजोत सिंह लाली, और अन्य वरिष्ठ वकीलो ने भी अपने विचार व्यक्त किये।

कृपया अपनी खबरें, सूचनाएं या फिर शिकायतें सीधे editorlokhit@gmail.com पर भेजें। इस वेबसाइट पर प्रकाशित लेख लेखकों, ब्लॉगरों और संवाद सूत्रों के निजी विचार हैं। मीडिया के हर पहलू को जनता के दरबार में ला खड़ा करने के लिए यह एक सार्वजनिक मंच है।