आयुष विभाग कोरोना योद्धाओं को नि:शुल्क मुहैया करा रहा रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली आयुर्वेदिक दवा की किट|
May 6th, 2020 | Post by :- | 40 Views

हसनपुर पलवल (मुकेश वशिष्ट) :- कोविड-19 वैश्विक महामारी से बचाव के लिए शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित करने आयुष विभाग द्वारा संशमणिवटी की गोलियों व अनु तेल नि:शुल्क वितरित की जा रही है। आयुष विभाग कोविड-19 के संकट काल में घर से बाहर निकलकर योद्धाओं की तरह काम कर रहे पुलिस विभाग,  नगर परिषद व पंचायत विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों को रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली आयुर्वेदिक दवा की किट मुहैया करवा रहा है।

जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. जे. एस. अहलावत ने बताया कि पलवल जिला में उपायुक्त नरेश नरवाल के मार्गदर्शन में प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली दवाओं का वितरण किया जा रहा है। आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति सदियों पुरानी प्रमाणिक चिकित्सा पद्धति है। उन्होंने औषधियों के सेवन की विधि भी बताई। इसे अपनाकर हम अपने शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ा सकते हैं। आयुर्वेदिक उपचार अनुसार सुबह और शाम तिल अथवा नारियल का तेल या फिर घी दोनों नासिका छिद्रों में लगाए।

डॉ. अहलावत ने बताया कि पुलिस विभाग पलवल पलवल को 1955 संशमणिवटी व अनु तेल, नगर परिषद पलवल को 500 संशमणिवटी व अनु तेल तथा पंचायतराज डीडीपीओ पलवल को 220 संशमणिवटी व अनु तेल उपलब्ध करवाएं गए हैं। प्रत्येक पैकिंग में संशमणिवटी की 20 टैबलेट और 5 मिलीलीटर अनु तेल शामिल हैं। विभाग ने अन्य अधिकारी व कर्मचारियों को भी आयुर्वेदिक औषधियां वितरित की। इसके अलावा इन दवाओं को वृद्धों और पेंशनरों को पलवल के सम्पर्क क्षेत्रों में भी वितरित किया जाएगा। आमजन को आयुर्वेद द्वारा स्वस्थ रहने के उपाय बताए जा रहें हैं ताकि व्यक्ति रोगग्रस्त न हो। आयुर्वेद के नियम और औषधियों का प्रयोग करके लोग अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ा सकते हैं।
कैसे लें संशमनी वटी
आयुष अधिकारी ने बताया कि संशमणिवटी की एक-एक गोली सुबह-शाम खाने के बाद गुनगुने पानी से लें। संशमणिवटी से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता में बढ़ोतरी होती है, जिससे मुनष्य रोग से लडऩे में सक्षम हो जाता है। उन्होंने लोगों से आह्वïान किया कि आयुष मंत्रालय के सुझाव के अनुसार दिन भर गर्म पानी पीते रहें। साथ ही घर पर रहकर दिन में कम से कम आधे घंटे तक योगासन व प्रणायाम करें।

हल्दी, धनिया, जीरा, लहसुन का खाने में प्रयोग करें और सुबह एक चम्मच च्यवनप्राश खाएं। मधुमेह के रोगी शुगर फ्री च्यवनप्राश का सेवन करें। उन्होंने बताया कि इसके अलावा दिन में एक या दो बार हल्दी मिला हुआ दूध पीएं। हर्बल चाय, तुलसी काढ़ा, दालचीनी, कालीमिर्च, सौंठ व मुनक्खा का दिन में कम से कम दो बार प्रयोग करें। इन औषधियों के सेवन से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, जिससे किसी भी संक्रामक रोग से बचने में मदद मिलती है।

 

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