दुकानदार उडा रहे प्रशासन की नितियों की धज्जियां, ठेकों में शराब उपलब्ध नही|
May 6th, 2020 | Post by :- | 33 Views

हसनपुर पलवल (मुकेश वशिष्ट) :- वैश्विक महामारी कोविड़ 19 से सुरक्षा के मद्देनजर देश व प्रदेश सहित पलवल जिला के होडल उपमंडल में पिछले लगभग डेढ़ महीने से जारी लॉक डाउन में प्रशासन ने लोगों को राहत प्रदान करते हुए दुकानदारों को सम-विषम की नीति अपनाते हुए शारिरिक दूरी अपनाकर बाजार की दुकानों को खोलने के आदेश जारी किए। प्रशासन के द्वारा दुकानों को खोलने के आदेश जारी करने पर शहर के दुकानदार लॉकडाउन की धज्जियां उड़ाते नजर आये। वही शराब के ठेकों में शराब उपलब्ध ना होने पर ठेकों के कारिंदे व्यवस्था बनाते हुए शराब की बिक्री की तैयारियां करने में लगे रहे।

प्रशासन व सरकार द्वारा लॉक डाउन में राहत देकर दुकानों को खोलने के आदेश जारी होने पर बाजार के दुकानदारों ने दुकानों को खोल दिया और कुछ दुकानदारों ने सरकार के सम विषम नियम की खुलकर धज्जियां उड़ाई। सम विषम नीति के तहत बाजार की दुकानें खोलने के प्रशासन के आदेश जारी होते ही दुकानदारों न लॉक डाउन के नियमों को सरेआम हवा में उड़ाना शुरू कर दिया और सम विषम की नीति का मख़ौल बना दिया।

लॉक डाउन में जनता को राहत प्रदान करने के अनुरूप सरकार व प्रशासन के सम विषम की नीति बनाकर रातोंरात शहर की दुकानों पर नम्बर अंकित करवाए और राहत प्रदान करने के पहले दिन 6 मई को उपरोक्त नीति के तहत दुकानों को खोलने के आदेश जारी किए और नियमों के तहत दुकान पर भीड़ ना होने देना, केवल मास्क लगाने वाले ग्राहक को ही सामान उपलब्ध करवाना, सोशल डिस्टेंसिग का पालन जैसे कुछ आवश्यक नियम निर्धारित किए लेकिन दुकानदार सरेआम नियमों की धज्जियां उड़ाते रहे और प्रशासनिक अधिकारी मात्र शहर में घूमकर अपने कर्तव्य की इतिश्री कर लॉक डाउन के निर्धारित नियमों का मखोल बनते हुए घूमते रहे।

पुलिस प्रशासन भी लॉक डाउन के नियमों का पालन करवाने के लिए शहर में निरीक्षण करते रहे। वहीं शराब ठेको में शराब मुहैया ना होने पर शराब के शौकीनों को ठेकों से शराब नही मिली और मदिरापान करने वाले लोग ठेकों के चक्कर लगाते रहे जिससे उन्हें मायूसी का सामना करना पड़ा। लॉक डाउन के तहत होडल शहर के लिए डयूटी मजिस्ट्रेट नायब तहसीलदार मानसिंह का इस मामले में कहना है कि जो भी दुकानदार बनाए गए कानूनों की अवहेलना करता पाया गया उसके खिलाफ  विभागीय कार्यवाही की जाएगी और उस दुकानदार का चालान किया जाएगा।

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