लॉक डाउन 3.0 रियातो के फैसले पर डर लगने की बात कहकर स्वास्थ्य मंत्री जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ रहे हैं : चित्रा सरवारा
May 6th, 2020 | Post by :- | 140 Views

गौरव शर्मा वरिष्ठ पत्रकार ( हरियाणा)  :   अंबाला छावनी डेमोक्रेटिक फ्रंट की नेत्री ने अंबाला छावनी में करोना संक्रमण के मामलों में अचानक विस्फोट पर गहरी चिंता जताते हुए कहा कि प्रदेश के गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री और सीएम के बीच के मतभेद और संवाद की कमी की अवधि चढ़ने जा रहा है करोना से जूझता हरियाणा हरियाणा सरकार द्वारा लव 3 .0 जीरो में व्यवसाय खोलने और अंबाला कैंट में हुए करोना मामलों में हुई एकाएक बढ़ोतरी में ठीक 1 दिन पहले गृहमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने बड़े आराम से यह कह दिया कि मुझे डर लग रहा है अपनी जिम्मेवारी से पल्ला झाड़ने का काम किया सीएम के फैसलों की जानकारी साझेदारी और जिम्मेवारी से मंत्रालयों वाले स्वास्थ्य मंत्री बच नहीं सकते अपने दबंग अंदाज़ के लिए विख्यात मंत्री जी के बारे में अब यह माना जाए कि गब्बर डर गया क्या यह डर सरकार का है या उनकी अपनी जिम्मेदारियों की अपेक्षा कारण प्रदेश में होने वाला करोना विस्फोट का डर है क्या गृहमंत्री का खुलेआम माना कि ऐसे मुख्य फसलों में उनसे मुख्यमंत्री रहे नहीं ले रहे क्या गृहमंत्री के स्वास्थ्य मंत्री का इन पदों पर बने रहना अब नैतिक औचित्य रखता है अगर उनसे पूछा भी नहीं जा रहा उनके महकमो से जुड़े अहम फैसले लेते समय हर छोटी बात और अपेक्षा पर इस्तीफे की धमकी देने वाले मंत्री जी ऐसी नजरअंदाजरई और दरकिनारई के बाद भी पद पर बने रहने पर क्यों आमदा है क्या यह सिर्फ पद का लोग है बिना किसी सुनवाई के मंत्रालय और प्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था के हालात को देखते हुए क्या मंत्री जी को पद पर बने रहना नैतिक है।

उन्हें खुले शब्दों में कहना चाहिए कि प्रदेश सरकार का दुकानों को खोलने का फैसला ठीक है या गलत है साफ कहना चाहिए कि वह इस फैसले के साथ है या नहीं क्योंकि असमंजस की स्थिति बनाकर लोगों को जीवन से खिलवाड़ करना बहुत ही दुखद और निंदनीय है ना केवल उन्हें हर सरकारी फैसले की जिम्मेदारी उठानी चाहिए पर कि उन्हें लोगों की तरफ अपने दायित्व को निभाते हुए हर फैसले को पूरी तरह से सोचकर योजना पूर्वक तरीके से उसे जमीनी स्तर पर लागू करना चाहिए गृहमंत्री अपने गृह क्षेत्र अंबाला कैंट में लॉक डाउन की खुलेआम उलघना होती रही पर कोई सुचारू व्यवस्था नहीं की गई उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री और अंबाला के सीएमओ की ओर से करोना वायरस को रोकने के लिए पिछले कई दिनों से दावे किए जा रहे थे कितने हैरानीकी बात है कि स्वास्थ्य मंत्री की नाक के नीचे बने ड्रीम प्रोजेक्ट कहलाए जाने वाले करोड़ों के अंबाला छावनी नागरिक अस्पताल के डॉक्टरों के निर्माणाधीन क्वार्टरों में कार्यरत 25 से अधिक मजदूरों के करोना पॉजिटिव निकले हैं ।

चित्रा सवारों ने कहा कि पूरे मंत्रिमंडल को विश्वास में लेकर सरकार को करो ना वायरस महामारी के चलते लागू लॉक डाउन में दुकानें खुलवाने का निर्णय लेने की बात सभी जिला उपायुक्त व पूर्व सूचना देनी चाहिए और यह निर्देश देने चाहिए कि वह अपने जिलों में मार्केट एसोसिएशन के पदाधिकारियों को 24 घंटे पहले विश्वास में लेकर सरकार के फैसले को लागू करवाएं अन्यथा आधी अधूरी जानकारी के आधार पर दुकानदारों जब दुकान खोल लेते हैं तो पुलिस उन पर डंडे बरसा देती है

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