गेहूं की फसल काटने के बाद फसल अवशेषों को ना लगाए आग : किरण
May 4th, 2020 | Post by :- | 38 Views
कुरुक्षेत्र, ( सुरेशपाल सिंहमार )    ।       शाहबाद की एसडीएम डॉ. किरण सिंह ने कहा वातावरण को दूषित होने से बचाने के लिए किसान भाई गेहूं की फसल की कटाई के बाद खेतों में खड़े अवशेषों की अधिक से अधिक तुड़ी बनवाएं और शेष वेस्ट को खेतों में ही डालें उसको आग ना लगाएं। ऐसा करने से जहां जमीन की उपजाऊ शक्ति नष्ट होती है। इसके साथ साथ मित्र कीट भी नष्ट हो जाते हैं तथा हवा भी जहरीली हो जाती है जो हमारे स्वास्थ्य पर बहुत बुरा प्रभाव डालती है।
सोमवार को एसडीएम कार्यालय में जानकारी देते हुए एसडीएम डॉ. किरण सिंह ने कहा कि गेहूं की फसल काटने के बाद खेतों में खड़े अवशेष-फानों में आग ना लगाएं बल्कि उसकी पशुओं के लिए तुडी बनवाएं तथा जो अवशेष बचता है मशीनों से उन्हें खेत की मिट्टी में ही मिलाएं। ऐसी मशीनें उपमंडल स्तर पर उपलब्ध करवाई गई हैं। जो किसान समूह केंद्रों पर खरीदने के लिए उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस संकट से निपटने के लिए सरकार भरसक प्रयास कर रही है। लेकिन यह प्रयास तभी सफल हो सकता है जब सभी मिलकर लॉकडाउन के नियमों का पालन करें। कोरोना एक बड़ा संकट है। जिससे आज पूरा विश्व जूझ रहा है। यह हमारा सौभाग्य है कि अभी तक हमारे देश और प्रदेश की सरकार ने इस संकट से निपटने के लिए मजबूती के साथ कार्य किया है इसलिए यह हम सभी का भी फर्ज बनता है कि हम सभी नियमों का पालन करते हुए इस संकट को समाप्त करने में सरकार की मदद करें।
उन्होंने कहा कि बेवजह अपने घर से बाहर ना निकले अगर अति आवश्यक कार्य हैं तो मास्क का प्रयोग जरूर करें। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस किसी जाति धर्म व समुदाय को देखकर अपना प्रहार नहीं करता। उन्होंने कहा कि डॉक्टरी परामर्श के साथ-साथ सावधानी ही इसका सबसे बड़ा बचाव है। इसलिए हम सभी को सचेत रहने के साथ-साथ दूसरों को भी जागरूक करना चाहिए।

कृपया अपनी खबरें, सूचनाएं या फिर शिकायतें सीधे editorlokhit@gmail.com पर भेजें। इस वेबसाइट पर प्रकाशित लेख लेखकों, ब्लॉगरों और संवाद सूत्रों के निजी विचार हैं। मीडिया के हर पहलू को जनता के दरबार में ला खड़ा करने के लिए यह एक सार्वजनिक मंच है।