बिना परिजनों ब बिना रिश्तेदारों के की जा रही है बेटियों की बिदाई तो कही बिन माँ-बाप की वेटिया सिर्फ अपने भाई या बहनों से गले मिल कर हो रही है बिदा
May 3rd, 2020 | Post by :- | 77 Views

भरतपुर, ( शौकत अली )      ।    भरतपुर करोना संकट के बीच दहशत के माहौल में हो रही शादयो में न बेंड है न बाराती, न सजाबट है न है दावत। डीजे की धुन की जगह है कोरोनां से बचाव के लिए सोशल डिस्टेंसिंग ब लाकडाउन के नियमो की पालना के बजते एनाउंसमेंट।

लेकिन फिर भी विवाह बंधन में बंधने बाले नवविवाहित जोड़ो के दिलो के अरमान अवश्य हो रहे है पूरे। दहशत के इस माहौल में बाबुल के घर की दहलीज से बिदा होती बेटियों को ससुराल जाते समय इस बात का है जरूर मलाल कि घर से बिदा होते समय बो तमाम लोग नही है मौजूद जिनके साये में पल कर बड़ी हुई थी वह। बिना परिजनों ब बिना रिश्तेदारों के की जा रही है बेटियों की बिदाई तो कही बिन माँ-बाप की वेटिया सिर्फ अपने भाई या बहनों से गले मिल कर हो रही है बिदा। वैर उपखण्ड के गांव नगला धरसौनी-अजीतनगर में बिन माता-पिता की एक बेटी की शादि में ना बराती थे ना ही घराती और न ही रिस्तेदार। शादि में शामिल हुए दूल्हा-दुल्हन व उसका भाई तथा पंडित।

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