भाजपा प्रदेशाध्यक्ष अरुण सूद द्वारा प्रशासन द्वारा आमंत्रित सुझावों कीे कड़ी में संलग्न 33 सूत्रीय सुझाव पेश किये गये ।
May 1st, 2020 | Post by :- | 134 Views

चंडीगढ़ (मनोज शर्मा) यूटी प्रशासन द्वारा मई 3 को समाप्त हो रहे लाॅकडाऊन अवधि के बाद की तैयारियों के लिये गठित की गई कमेटी द्वारा आमंत्रित सुझावों की कड़ी में भाजपा चंडीगढ़ ने प्रदेशाध्यक्ष अरुण सूद की अध्यक्षता में पार्टी और विभिन्न कार्यक्षेत्रों के प्रतिनिधियों के साथ कांफ्रेंस काॅल पर ढ़ाई घंटे तक चर्चा आयोजित की । इसमें सांसद किरण खेर, भाजपा पूर्व अध्यक्ष संजय टंडन, संगठन महामंत्री दिनेश शर्मा, महासचिव चन्द्रशेखर और रामबीर भट्टी तथा मैडीकल, व्यापार एवं उद्योग, बुद्धिजीवियों, रेजीडेंट्स वैल्फेयर ऐसोसियेशन के प्रतिनिधियों आदि ने भाग लेकर अपने सुझाव व्यक्त किये।

चंडीगढ़ भारतीय जनता पार्टी ने प्रशासन द्वारा किये गये प्रयासों पर संतोष व्यक्त किया गया परन्तु गत कुछ दिनों से चंडीगढ़ में कोरोना के मामलों के बढ़ने पर चिंता भी व्यक्त की। सुझावों पर चर्चा की गई और सर्वसम्मति से प्रशासन को उचित फैसले लेने का आग्रह किया गया।  हस्पताल में डाॅक्टरों और पैरामैडीकल स्टाफ में कोरोना ग्रस्त होने के मामलों पर गहन चिंतन करते हुये सुझाव दिया गया कि कोविड हस्तपालों में तैनात डाक्टर्स, नर्सेस, पैरामैडिकल स्टाफ, वार्डबाॅयस तथा सफाई कर्मचारियों को निकटतम हाॅस्टल्स में ही रहने का उचित प्रबंध किया जाये ताकि वे अपने परिवार और अन्य लोगों के संपर्क में न आ सकंे।
पीजीआई चंडीगढ़ में पड़ोसी प्रदेशों से उपचार के लिये आने वाले मरीजों के लिये कुछ नियम बनाने का सुझाव दिया गया जैसे की पीजीआई द्वारा हैल्पलाईन नंबर जारी किया जाये जिसपर परामर्श और सहमति के बाद ही कोई मरीज अन्य प्रदेशों से पीजीआई में आये ताकि बाहरी प्रदेशों से संभावित संक्रमण पर अंकुश लगाया जा सके।
पीजीआई और सेक्टर 32 स्थित जीएमसीएच के अतिरिक्त भी कोविड टेस्टिंग की सुविधा की जाये तथा टेस्टिंग क्षमता को अधिक से अधिक बढ़ाया जा सके। सेक्टर 48 स्थित हस्पताल को भी कोविड हस्पताल बनाया जाये।

आने वाले समय में संभावित बढ़ते हुये मरीजो की संख्या को देखकर हस्पतालों में मरीजों में लक्षणों को देखते हुये वार्डो की ग्रेडिंग की जाये । कम लक्षणों वाले मरीजों का जहां उचित तथा संभव हो, घर पर ही ईलाज हो तथा जिन मरीजों का ईलाज घर पर संभव नहीं है उनके लिये अलग आईसोलैशन वार्ड का प्रबंध हो। रेलवे द्वारा कोरोना वार्ड में परिवर्तित रेल के डिब्बों का उपयोग भी कोविड वार्ड के रुप में किया जाये। प्रशासन यह सुनिश्चित करे कि आईसोलेशन वार्ड आबादी वाले क्षेत्र में न बनाये जायें बल्कि अन्य भवनों, होटलों में ऐसी व्यव्स्था की जाये जो रिहाईशी ईलाकों से उचित दूरी पर हों।
हस्पताल में अगर किसी अन्य रोग से ग्रस्त मरीज को दाखिल किया जाता है तो उसका कोविड टेस्ट अनिवार्य किया जाये। पीजीआई, सेक्टर 32 स्थित जीएमसीएच तथा अन्य हस्पतालों में स्क्रिनिंग डेस्क बनायंे जाये जहां पर सबसे पहले किसी भी बीमारी से ग्रस्त मरीज के आने पर यह सुनिश्चित हो सके कि उसमें कोरोना के लक्षण नहीं है।

कोरोना वार्डो में डाक्टरों, नर्सो और अन्य कर्मचारियों की शिफ्ट वाईस डियूटियां लगाई जायें तथा स्वास्थ्य कर्मियों की उचित प्लानिंग व बैक-अप की व्यवस्था की जाये।हस्पतालों में कोविड वार्ड, ऐमेरजैंसी तथा अन्य वार्डो में तैनात स्वास्थ्य कर्मचारियों, सहायक कर्मचारियों तथा सफाई कर्मचारियों को वहां होने वाले खतरे को भांपते हुये उसी अनुसार सुरक्षा उपकरण जैसे एन95 मास्क, पीपीई किट्स, दस्ताने, फेस शील्ड्स, शू-कवर्स तथा अन्य जरुरी उपकरण उपलब्ध करवाये जायें।

सेक्टर 32 स्थित जीएमसीएच में ऐमरजैंसी की मेडीकल ओपीडी में कोविड वार्ड बनाये जाने की समीक्षा की जाये।
शहर की सुरक्षा के लिये हस्पताल में कार्यरत कोविड वारियर्स की सेहत की सुरक्षा करने पर भी बल दिया जाये ।
चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा सुनिश्चित किया जाये कि कोई भी व्यक्ति घर से बाहर तभी निकले जब उसके मोबाईल में आरोग्य सेतू एप डाउनलोड हो तथा चंडीगढ़ प्रशासन शहर की सरकारी तथा गैर सरकारी संस्थाओं के माध्यम से यह सुनिश्चित करें कि शहर के हर व्यक्ति के मोबाईल पर आरोग्य सेतू एप्प डाउनलोड हो जाये।

प्रशासन चंडीगढ़ में बढ़ते संक्रमण को देखते हुये इसकी रोकथाम के लिये बड़े पैमाने पर जन जागरण अभियान चलाये और इस अभियान की देखरेख के लिये एक नाॅडल अधिकारी की नियुक्ति की जाये। इस अभियान में शहर की सभी संस्थाओं तथा व्यक्तियों के सहयोग को सुनिश्चित किया जाये। केन्द्रीय सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के तहत चंडीगढ़ में फंसे हुये बाहरी प्रदेशों के प्रवासी मजदूर, तीर्थ यात्री, पर्यटक, विद्यार्थी, पेईंग गेस्ट को उनके प्रदेश में भेजने की प्रक्रिया तुरन्त शुरु की जाये जिसके तहत डीसी चंडीगढ़ को नाॅडल अधिकारी नियुक्त किया जाये तथा चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा  इन व्यक्तियों की सुविधा तथा इनकी रजिस्ट्रेशन के लिये हैल्पलाईन नंबर जारी करें जिससे की चंडीगढ़ में फंसे हुये बाहरी प्रदेशों के लोगों की संख्या पता चल सके तथा संबंधित राज्य सरकार तथा यूटी को सूचित किया जा सके। इसी अधिसूचना के तहत जो बाहरी प्रदेश का व्यक्ति निजी वाहनों से अपने प्रदेश में जाना चाहते हैं उनको कफ्र्यू पास उपलब्ध करवाये जायें।

केन्द्रीय सरकार की अधिसूचना के तहत चंडीगढ़ प्रशासन यह सुनिश्चित करे कि देश के अन्य हिस्सों में जो चंडीगढ़ के लोग फंसे हुये हैं उन्हे सकुशल चंडीगढ़ वापिस लाने की व्यव्स्था की जाये। चंडीगढ़ प्रशासन बाहरी प्रदेशों में फंसे चंडीगढ़ के लोगों के लिये भी हैल्पलाईन नंबर जारी करे ताकि वे अपने आप को चंडीगढ़ प्रशासन के पास रजिस्टर्ड करवा सकें।
चंडीगढ़ प्रशासन विदेशों में फंसे चंडीगढ़वासियों के लिये भारत सरकार तथा विदेश मंत्रालय के माध्यम से चंडीगढ़ के लोगों को वापिस लाने की व्याव्स्था सुनिश्चित करे। भाजपा, चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा अलग अलग सैक्टरों और कालोनियों को पार्षदों, आरडब्लयूए तथा अन्य संस्थाओं द्वारा सील करने के आहवान पर पुर्नविचार करने का आग्रह करती है तथा अनुरोध करती है कि जिन सेक्टरों, गांवों और काॅलोनियों को सील करने की आवश्यकता है, उसे चंडीगढ़ प्रशासन और चंडीगढ़ पुलिस द्वारा ही सील किया जाये और आवश्यक हो तभी निजी संस्थाओं या व्यक्तियों की मदद ली जाये।

शहर में सब्जी, फल, दूध तथा अन्य आवश्यक सामान बेचने वाले वैंडर्स की सेक्टर / सब-सेक्टर, गांव और कालोनी की जरुरत के हिसाब से संख्या तथा इनका कार्यक्षेत्र सुनिश्चित किया जाये। समय समय पर इन वैंडर्स के स्वस्थ्य की स्क्रिनिंग हो तथा इन वैंडर्स द्वारा मास्क, दस्ताने पहनना तथा हाथ साफ रखना अनिवार्य किया जाये। सभी वैंडर्स को फोटोयुक्त पहचान पत्र दिये जायें तथा स्थानीय पुलिस द्वारा समय समय पर इन वैंडर्स की उचित जांच की जाये। संक्रमण से प्रभावित क्षेत्र से किसी को लाईसेंस या पास जारी न किये जायें। यदि किये भी हैं तो सुरक्षा के मद्देनजर स्थिति सामान्य होने तक उन्हें तुरन्त प्रभाव से रद्द कर दिया जाये। शहर में बढ़ रही कोरोना मरीजों की संख्या को देखते हुये भारतीय जनता पार्टी अनुरोध करती है कि परिस्थितियां नियंत्रण में होने तक कफर््यू में कोई बड़ी ढ़ील न दी जाये परन्तु स्थितियों में सुधार के साथ शहर के बाजारों में दुकानें खोलने की चरणबद्ध तरीके से जरुरी आंक्षिक छूट दी जाये।

गर्मियों में सभी वर्ग के लोगों के स्वास्थ्य का ख्याल रखते हुये जरुरी सेवाओं की दुकानें दोपहर की बजाय सुबह 8 से 12 बजे के बीच खोली जायंे। चंडीगढ़ में स्ट्रीट वेंडर प्रति माह नगर निगम को निरधारित शुल्क अदा करते है, स्थिति सामान्य होने तक उनसे शुल्क न वसूला जायेे। गत एक माह से शहर में उद्योग बंद हैं, इसको ध्यान में रखते हुये उद्योगों के लिये बिजली के फिक्स्ड चार्जेस क्र्फयू जारी रहने तक माफ किये जायें।

भाजपा मानती है कि शहर के उद्योगों पर बहुत बड़ी संख्या में श्रमिक आश्रित हैं जिसको ध्यान में रखते हुये परिस्थितियों में सुधार होने पर अन्य पडोसी राज्यों की तरह चरणबद्ध तरीके से संक्रमित क्षेत्र के बाहर पड़ने वाले उद्योग खोलने पर विचार किया जाये। आगजनी से ग्रस्त सभी फर्नीचर माकेट के व्यापारियों जिनकी सेक्टर 53/ 54 विभाजित सड़क पर स्थित 19 दुकानें 13 मार्च को आग की भेंट चढ़ गई थी, उन सभी दुकानदारों को सीमित दायरे में रहकर अपनी ही लेबर के माध्यम दुकानों को पुनः व्यवस्थित करने की अनुमति दी जाये ताकि क्र्फयू खुलने के बाद वे तुरन्त प्रभाव से अपना व्यापार कर सकें। भाजपा मांग करती है कि पानी और बिजली के बिल, हाऊस टेक्स, प्रोपर्टी टेक्स, लीज़ मनी, ग्राऊंड रेंट तथा अन्य स्थानीय करों को शहर में क्र्फयू जारी रहने तक न वसूलें जायें। और इस संदर्भ में प्रशासन अधिसूचना जारी करे।

हरियाणा सरकार द्वारा लिये गये निर्णय अनुसार निजी स्कूलों को विद्यार्थियों के अभिभावकों से सिर्फ टियूशन फीस/ लेने की अनुमति दी जाये तथा अन्य कोई भी फीस/ फंड्स न वसूली जायें। शहर में निजी संस्थाओं द्वारा चलाई जा रही रसोईयों तथा भोजन वितरण में सफाई, सोशल डिस्टेंसिंग आदि नियमों का पालन करवाया जाये। तथा समय समय पर इन रसोईयों की सैनिटाईजैशन करवाई जाये। भाजपा मानती है कि पूरे शहर को काॅनटेमिनेटिड जोन में रखने की जगह जिन क्षेत्र में संक्रमण है उन क्षेत्रों व खंड़ों को कोनटेमिनेटिड जोन में रखा जाये तथा परिस्थितियों अनुसार इन क्षेत्रों को बढ़ाया या घटाया जाये। इस विषय पर संपूर्ण नीति निर्धारित की जाये। भाजपा मांग करती है कि समय समय पर शहर की विभिन्न राजनैतिक पार्टियों, समाजिक और धार्मिक संगठनों, आरडब्लयूए, मार्केट ऐसोसियेशनों, व्यापार संगठनों तथा विभिन्न कार्यक्षेत्रों के विशेषज्ञों के साथ  प्रशासन अलग अलग स्तरों पर आवश्यकतानुसार बैठक आयोजित करता रहे ताकि सभी सुझावों को ध्यान में रखकर भविष्य में आने वाली चुनौतियों का सही से सामना किया जा सके

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