– बीती 19 अप्रैल से पलवल जिले में एक भी नया केस नहीं, लॉकडाउन में भी नहीं आई लोगों के चेहरे पर परेशानी की शिकन
May 1st, 2020 | Post by :- | 93 Views

होडल,  ( मधुसूदन भारद्वाज )  ।        हरियाणा  मेंअप्रैल माह के पहले सप्ताह में कोरोना संक्रमित मरीजों के मामले पलवल जिला पहले नंबर पर था लेकिन बीती 19 अप्रैल से जिला में संक्रमण का एक भी नया केस नहीं आया है। साथ ही कोरोना के 34 केस में 32 स्वस्थ होकर डिस्चार्ज होकर घर जा चुके हैं। कोरोना पर पलवल की बढ़त अब न केवल हरियाणा बल्कि देश के अन्य राज्यों के लिए भी एक मॉडल बन चुकी है। लॉकडाउन के दौरान जिस तरीके के जिला प्रशासन ने बेहद सजगता व जिलावासियों ने समझदारी का परिचय दिया उससे न केवल जिला में आवश्यक वस्तुओं व सेवाओं की कमी नहीं हुई साथ ही कोरोना पर सक्सेस रेट भी दूसरे इलाकों की तुलना में अधिक रहा।

*सबसे पहले किया कंटेनमेंट प्लान पर काम*
उपायुक्त नरेश नरवाल ने बताया कि पलवल जिला में जनता कफ्र्यू के अगले दिन लॉकडाउन लागू करने की घोषणा कर दी गई थी। पलवल में जिस तेजी से कोरोना संक्रमण के केस आए उसी तेजी से जिला प्रशासन ने एक्शन लेते हुए कंटेनमेंट प्लान पर काम आरंभ किया। पलवल जिला के 17 गांव व हथीन नगर पालिका का एक वार्ड को पॉजीटिव केस मिलने पर तुरंत कंटेनमेंट जोन तथा साथ लगते 41 गांवों व हथीन नगर पालिका के 12 वार्डों के साथ-साथ नूंह जिला की सीमा से सटे पांच गांवों को बफर जोन में शामिल करते हुए स्वास्थ्य विभाग के आवश्यक प्रोटोकॉल को लागू किया गया। पलवल हरियाणा का पहला जिला होगा जिसने सबसे पहले कंटेनमेंट प्लान पर काम आरंभ किया जिसका नतीजा यह निकला कि जिला में सामुदायिक संक्रमण पर रोक लग सकी।

*जरूरी वस्तुओंओं पर रखी गई निगरानी, घर तक पहुंचाया राशन*
उपायुक्त ने बताया कि लॉकडाउन की घोषणा के साथ ही आवश्यक वस्तुओं के स्टाक की डेली मॉनीटरिंग करनी आरंभ कर दी साथ ही अधिकारियों की कमेटी बनाकर फल, सब्जी, किरयाने के सामान व दवाओं की आपूॢत को सुचारू बनाए रखा। इतना ही नहीं कंटेनमेंट जोन में शामिल गांवों में तो सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत मिलने वाले राशन की डोर स्टेप डिलीवरी की गई। हथीन के एसडीएम वकील अहमद ने बताया कि कंटेनमेंट जोन में आवश्यक सेवाओं व वस्तुओं की आपूॢत के लिए बड़ा सराहनीय कार्य हुआ। प्रशासन की एक अपील पर रमजान के दौरान भी लोग तरावीह की नमाज भी घर पर अदा कर रहे हैं साथ ही इफ्तार के बाद बाहर निकलने की बजाए घर पर भी रहते हैं। धाॢमक संस्थाओं ने ऐसे अवसर पर जो सौहार्द दिखाया उसकी जितनी प्रशंसा की जाए उतनी कम है।

लॉकडाउन तोडऩे वालों से सख्ती से निपटा गया
पुलिस अधीक्षक दीपक गहलावत ने बताया कि पलवल जिला में लॉकडाउन के दौरान पुलिस ने बड़ा एक्टिव काम किया। शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार फ्लैग मार्च के साथ-साथ लॉकडाउन तोडऩे वालों से सख्ती के निपटा गया। जिला में लॉकडाउन के दौरान नियम तोडऩे वालों के खिलाफ 191 एफआईआर दर्ज की गई जिनमें 221 को गिरफ्तार किया गया। साथ ही मोटर व्हीकल एक्ट के तहत 1841 चालान जिनमें 535 वाहन जब्त तथा एक करोड़ 62 लाख 92 हजार सात सौ रुपए जुर्माना लगाया गया। उन्होंने बताया कि पुलिस विभाग में एक हजार से अधिक स्टाफ ने लॉकडाउन में दिनरात काम किया है।

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