हसनपुर में अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस पर कर्मचारियों के महंगाई भत्ते व एलटीसी आदि रोकने के खिलाफ किया विरोध-प्रदर्शन|
May 1st, 2020 | Post by :- | 284 Views

हसनपुर पलवल (मुकेश वशिष्ट) :-  आठ घंटे कार्यदिवस को बचाने तथा कोरोना महामारी की आड़ में कर्मचारी व मजदूरों पर किए जा रहे हमलों के बीच आज सर्व कर्मचारी संघ व सीआईटीयू के संयुक्त तत्वाधान में मजदूर दिवस मनाया गया। हसनपुर बिजली बोर्ड के प्रांगण में बिजली कर्मचारियों, आशा वर्करो, आगनवाड़ी वर्करो ने शारीरिक दूरी रखते हुए सरकार द्वारा कर्मचारियों के डीए व एलटीसी पर रोक लगाने, एनपीएस में सरकारी शेयर 14% से घटा कर 10% करने, ठेकाप्रथा पर रोक  लगवाने, कच्चे कर्मचारियों को पक्का कराने तथा जीपीएफ फ्रीज करने जैसी तमाम कटौतियों का विरोध करते हुए मई दिवस (मजदूर दिवस) का आयोजन किया गया। सब यूनिट प्रधान रणसिंह की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम का संचालन होडल यूनिट उप प्रधान योगेश कुमार ने किया।

कार्यक्रम में बोलते हुए सर्व कर्मचारी संघ ब्लॉक हसनपुर प्रधान अनिल कुमार ने बताया कि  केन्द्र सरकार कोरोना वायरस की आड़ मे 8 घंटे कार्य दिवस को बढ़ा कर 12 घंटे काम करने के लिये 1948 के कानून मे संसोधन का  फैसला दिया है, 150 साल पहले मज़दूरों के द्वारा आंदोलनों से हासिल 8 घंटे काम करने के अधिकार को खत्म करके फिर से  गुलामी जैसे हालात पैदा करना है। अब भारत सरकार के कामगारों को अर्थव्यवस्था को ठीक करने के लिए 60 घंटे काम करना पड़ेगा। बिजली का काम, सफाई का काम, कृषि का काम व व निर्माण का काम आदि इतना कठिन हाड़ तोड़ है जिसके कारण मज़दूर 6 – 7 घंटे मे ही थक जाता है। जिसके कारण आज लड़ाई 8 घण्टे कार्य दिवस को बचाने के साथ साथ सरकार द्वारा लागू की जा रही जनविरोधी नीतियों का विरोध करने की भी है। आठ घण्टे काम आठ घण्टे आराम व आठ घण्टे हमारी मर्जी पर,यह नारा मजदूर दिवस का नारा बन गया। सरकार की नव उदारवाद की गलत नीति सिर्फ पूंजीपतियों की झोली भरने के लिए है। जिस वजह से अमीर अमीर होता चला गया और गरीब गरीब इन गलत नीतियों के कारण की चंद पूंजीपति  देश की लगभग 70% सम्पत्ति के मालिक बन गए।

मई दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल कर्मचारी अमर सिंह, सतीस कुमार,गंगाराम  JE, नारायण धर्मेन्द्र, कल्याण, आगनवाड़ी प्रधान विमलेश, सचिव विमलेश चौहान, आशा वर्कर प्रधान पुष्पा, शिमला, रीना, भावना आदि ने अपने विचार रखते हुए कहा इस मई मज़दूर दिवस मजदूरों को आह्वान करते हुए बताया कि हमें शहीदों के सिखाए जद्दोजहद के रास्ते पर चलने के लिए एक मजबूत आंदोलन खड़ा करना होगा, इसके अलावा मजदूर व कर्मचारी वर्ग के पास कोई रास्ता नहीं बचा है।

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