लाक डाउन के चलते भी इंदौरा क्षेत्र के शराब के ठेको पर तैनात सेल्जमैनो ने मालिको के इशारे पर खूब बेची दुगने रेटों पर शराब
May 1st, 2020 | Post by :- | 208 Views
इंदौरा, ( गगन ललगोत्रा )    ।   ठाकुरद्वारा टू मिलबा बरोटा रोड पर स्थित ठेको पर तैनात सेल्जमैनो ने पुलिस की आंखों में धूल झोंककर दुगने रेटो पर शराब बेचकर खूब कुटी चांदी।
करोना महामारी के चलते सरकार ने कई एहतियातन कदम उठाए थे और सरकार ने पुरे प्रदेश में लाक डाउन लगाकर यहाँ हर तरह की दुकानों को बन्द रखने के आदेश जारी किए बही पूरे प्रदेश में शराब के ठेकों को भी बन्द रखने के आदेश देकर सभी प्रकार की शराब बेचने पर पूर्णतया प्रतिबंध लगा दिया था। इस आदेश के तहत प्रदेश के सभी अंग्रेजी व देशी शराब के ठेके बंद कर दिए गए थे और शराब के बड़े गोदाम भी लॉक कर दिए थे।

 

काल्पनिक फ़ोटो

 इसके बावजूद उपमंडल इंदौरा के अधीन पड़ते गाँवो में स्थित शराब की तमाम दुकानों पर करोना महामारी की भी प्रबाह न करते हुए शराब की दुकानो के मालिकों ने अपनी दुकानों के इर्द गिर्द अपने सेल्जमैनो की बिठा कर ओर ठेकों से जरूरत के अनुसार ताला खोलकर ओर शराब निकालकर इन सेल्जमैनो ने नजायज तौर पर शराब बेचकर 22 मार्च से लेकर अब तक लाखों रुपए की चांदी कूटी और  प्रिंट रेट से दो से तीन गुना रेट ग्राहकों को लगाकर मुनाफा कमाया।अगर कई बार ग्राहकों को रेट अधिक लगाने बारे इन सेल्जमैनो से पूछा गया तो उनका यह जबाब होता था के हमारे मालिको ने यह रेट बेचने को कहा है ।अब सबाल यह खड़ा होता है के अगर ठेके ही बन्द है तो मालिको ने अपने  सेल्जमैनो को अपने घरों में क्यो नही भेजा

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। बही  ठाकुरद्वारा,बरोटा, टांडा मोड़ ठाकुरद्वारा, तैयोडा, उलेहडिया मिलबा मेन ओर मिलबा ब्रिज आदि इन ठेको पर धड़ले से 24 घण्टे शराब बेची गई। मात्र उन ही ठेकों पर शराब नही बिक सकी यहाँ पुलिस की के नाके थे। इनमें मिलबा ओर ठाकुरद्वारा इन दो ठेकों पर कम शराब बिकी ओर बाकी टांडा मोड़ ठाकुरद्वारा, तैयोडा,उलेहडिया ड़सोली में ठेको पर तैनात सेल्जमेन अपनी अपनी दुकानो से शराब पूरी तरह बेचकर ओर खाली दुकानो को ताले लगाकर अपने अपने घरों के चलते बने है। सूत्रों के मुताबिक कई दुकानों के मालिक जिनकी शराब पुलिस की बजाह से नही बिक रही थी उन्होंने रातों रात दुकानों से शराब निकालकर ओर दूसरी जगह ले जाकर भी बेची है और बन्द पड़ी टीन नुमा दुकानों की लोहे की चादरें उखाड़कर ठेके से पूरी शराब चोरी हो जाने की बात भी उजागर हुई है इन मे कइयो ने तो पुलिस रिपोर्ट करबाना भी उचित नही समझा। अगर देखा जाए तो जो लाखों रुपए की शराब चोरी हो गई  वह चोरी की हुई शराब गई कहां क्योंकि शराब चोरी किए चोरों का अभी तक कोई सुराग तक नहीं मिल पाया है ऐसे में देखना यह होगा इस सरकार, प्रशासन ओर  आबकारी बिभाग

ऐसे ठेकेदारो के खिलाफ क्या कार्यवाही अमल में लाता है।

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जिन्होंने प्रशशन ओर स्थानीय पुलिस की आंखों में धूल झोंक कर तमाम दुकानों से अबैध तोर पर शराब बेचकर शराब की दूकानों को खाली कर दिया है। आखिर बिभाग ने इन ठेको को सील करना उचित क्यो नही समझा।

करोना के चलते सरकार ने तो लोगों की सुरक्षा के लिए बेहतर कदम उठाया था लेकिन उसके बावजूद शराब माफिया ने सरकार की आंखों में धूल झोंकी है वही शराब का सेबन करने  वाले लोगों को भी चुना लगा कर सरेआम कानून की धज्जियां उड़ाई  कई सामाजिक व धार्मिक संगठनों ने लाक डाउन में शराबबंदी को लेकर सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की सराहना की लेकिन इसके बावजूद शराब का अवैध कारोबार करने वालों के विरुद्ध सरकार ने आज तक कोई कठोर कार्यवाही करने के आदेश जारी नही कीये है। जनता के सरकार से अपील की है के 22 मार्च से लेकर जब तक लॉक डाउन रहता है ओर लॉक डाउन खुलने के तुरंत एक दिन बाद इन सब दूकानों के अंदर पड़ा शराब का स्टॉक इनके द्वारा 22 मार्च को भेजी गई स्टॉक लिस्ट में मिलाया जाए , ओर इन पर बनती कार्यबाही अमल में लाई जाए।
इस संबंध में जन एक्साइज इंस्पेक्टर कंदरोरी राकेश कुमार से बात की गई तो उन्होंने कहा के इंदौरा क्षेत्र में हर जगज से ठेकेदारो द्वारा नजायज तोर पर ठेके से शराब निकलाकर दुगने रेटो पर बेचने की शिकायतें मिली है । लॉक डाउन खुलते ही तमाम दुकानों के अंदर पड़े शराब के स्टॉक को लॉक डाउन के पहले के स्टॉक रिपोर्ट से मिलाया जाएगा ।अगर कोई शराब कम होने का मामला पाया गया तो बिभाग के जो आदेश उस बक्त होंगे उसके हिसाब से इन सब पर बनती कार्यबाही की जाएगी

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