हिमाचल प्रदेश बेरोजगार संघ जायेगा कोर्ट –शिक्षा विभाग हल्के में न ले। प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप मनकोटिया।
April 30th, 2020 | Post by :- | 6486 Views

 लोकहित एक्सप्रेस (हिमाचल )- SMCअध्यापक भर्ती को ले कर माननीय प्रदेश उच्च न्यायालय अपना निर्देश पांच सितंबर को दे चुका है कि एसएमसी अध्यपकों का चयन एवं सेवा विस्तार न दिया जाए ओर रेगुलर भर्ती शिक्षा विभाग करे। शिक्षा विभाग अपने ही बनाए नियमों कि उल्लघना ना करे।। क्या था नियम एसएमसी पॉलिसी को के कर हिमाचल प्रदेश सरकार का यह प्रथम कर्तव्य है कि प्रदेश के सभी पात्र उमीदवारों को संविधान की धारा 309 के अन्तर्गत रोजगार के समान अवसर प्रदान करे/एक तरफ सरकार ने एस.एम. सी पालिसी वनाई जिसमें कलाज नं 9 के अन्तर्गत यह प्रावधान किया गया कि जैसे ही नियमित शिक्षिक आएगा वैसे ही एस.एम. सी शिक्षिक की सेवाऐं समाप्त हो जाएंगी/ कलाज नं 10 में यह प्रावधान किया गया कि हर साल नया सैलैकशन प्रासैस होगा और पहले से नियुक्त एस.एम. सी शिक्षिक की सेवाओं में किसी भी हालात में सेवा विस्तार नहीं किया जाऐगा/अव सरकार हाईकोर्ट से इन भर्तीयों पर लगा हुआ प्रतिवंध हटाने के लिए याचिका दर्ज करके एक असफल प्रयास कर रही है ताकि एस.एम.सी शिक्षकों को विस्तार दिया जा सके/सरकार द्वारा वनाए गए भर्ती नियम यह कहते हैं कि नियमित शिक्षकों की भर्ती या तो कमिशन से या वैचवाईज ही हो सकती हैं/शिक्षा का अधिकार नियम, 2010 यह कहता है कि एलीमेंटरी एजूकेशन में अस्थाई शिक्षकों की भर्ती नहीं होनी चाहिए ताकि विद्मार्थीयों की पढ़ाई पर विपरीत असर न पड़े/एसे में सरकार का हाईकोर्ट में जाना अपने ही वनाए नियमोें का पालन नहीं करना है जवकि एस.एम. सी शिक्षकों के स्थान पर भर्ती प्रक्रिया लाकडाऊन से पहले शूरू की जा चुकी थी/ लाकडाऊन के कारण इस भर्ती प्रक्रिया को मात्र स्थगित किया गया था/ अव इन भर्तीयों को रोकना वेरोजगारों के साथ वहुत वड़ा अन्याय होगा जिसे किसी भी सूरत में सहन नहीं किया जाऐगा/माननीय मुख्यमंत्री यह वताऐं कि यदि 2630 एस. एम. सी भर्तीयों में कमिशन से भर्ती नहीं होगी, वैचवाईज भर्ती नहीं होगी और न रोस्टर का पालन होगा तो प्रदेश के लगभग एक लाख वेरोजगारों को रोजगार के समान अवसर कैसे प्राप्त होंगे/ यदि वेरोजगारों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ तो वे सड़को पर आने के लिए मजबूर हो जाऐंगे जो सरकार की जिम्मेदारी होगी/ एसएमसी शिक्षक दावा कर रहे है कि बे बच्चों को ऑन लाइन शिक्षा दे रहे है।ये जानकारी मीडिया के माध्यम से प्राप्त हो रही है।स्कूल के मुख्याध्यापकों क्या अलग से नोटिस भेजना पड़ेगा? बेरोजगार संघ अब स्वयं ऐसे स्कूलों को तलाश करेगा जहां एसएमसी शिक्षक अभी भी सेवाएं दे रहे है ।ओर उचित कानून कारवाही अमल में लाई जाएगी।बेरोजगार संघ कई बार शिक्षा विभाग से आग्रह कर चुका है कि न्यालय के आदेशों को माने।अब ऐसी दशा मै कार्यवाही अवश्य होगी। शिक्षा विभाग ऑन लाइन काउंसलिंग ले कर अध्यापकों की भर्ती प्रक्रिया शुरू कर सकता है।

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