हरियाणा सरकार बनाम यूटर्न सरकार :- वरुण चौधरी।
April 29th, 2020 | Post by :- | 37 Views

अंबाला , मुलाना ( गुरप्रीत मुल्तानी )

प्रदेश की मौजूदा सरकार गेंहू की खरीद पर रोक लगाकर एक बार फिर किसान-आढ़ती-मजदूर के गठजोड़ को षडयंत्रकारी तौर से तोड़ने का काम किया है ये बात हल्का मुलाना विधायक वरूण चौधरी ने प्रदेश सरकार द्वारा गेंहूँ की पर रोक लगाने से अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कही।उन्होंने कहा कि हरियाणा के गठन में पहली बार इस तानशाही सरकार के राज में गेहूं खरीद में किसान-आढ़ती की इतनी दुर्दशा हुई है।उन्होंने कहा कि सरकार ने मंडी और खरीद केंद्रों पर 29 अप्रैल को खरीद बंद करने का आदेश दिया गया है। एक तरफ तो किसान मौसम की मार, वेब पोर्टल न चलने की मार, बारदाने की मार और बारिश से भीगे गेहूं को सुखाने की मार झेल रहा है। वहीं हरियाणा सरकार गेहूं खरीद में आना-कानी कर रही है।दाना दाना खरीदने की बात करने वाली सरकार ने प्रदेश के किसानों की आधी फ़सल भी नही खरीदी है।और सरकार ने खरीद बंद कर दी जो दुर्भाग्यपूर्ण है।इससे साफ जाहिर होता है कि मौजूदा सरकार किसानों का गेहूं खरीदना नहीं चाहती। इस सरकार की नीति व नियत दोनों में खोट है।इस सरकार ने हमेशा प्रदेश के हर वर्ग को धोखा दिया है ये सरकार अपने वायदे से हमेशा यूटर्न ले लेती है जिसका खामियाजा प्रदेश की जनता को भुगतना पड़ता है।साथ ही उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने किसान की फ़सल खरीद के बाद किसानों के खाते में 72 घण्टे के भीतर राशि के भुगतान का दावा किया था परंतु इस सरकार का ये वायदा भी जूठा निकला 15 दिन पहले सरसों बिक्री करने वाले किसान के खाते में भी अभी कोई पेमेंट नही आई है।यही हाल गेहूं बिक्री कर चुके किसानों का है। उनके बैंक खातों में भी अभी तक फसल बिक्री का कोई पैसा नहीं आया है।साथ ही किसानों को बोनस देने में यह सरकार आनाकानी कर रही अभी बोनस भी किसी किसान को नही दिया गया है।जिले में 15 अप्रैल से सरसों की खरीद चल रही है। जबकि 20 अप्रैल से गेहूं की खरीद चल रही है।परंतु किसान अपनी बिकी फ़सल की पेमेंट व बोनस से अभी भी वंचित है आढ़ती और किसानों में भुगतान को लेकर असमंजस की स्थिति है। कोई स्पष्ट नहीं कर पा रहा है कि कब तक पेमेंट होगी। चौधरी ने सरकार से अग्रह किया कि वह किसानों की फसल ख़रीद पर रोक न लगाए और अपने वायदे के मुताबिक किसान की फसल का दाना-दाना खरीद कर उनकी फ़सल की पेमेंट का भुगतान समय पर करे जिससे किसान को किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।
विधायक ने मौजूदा सरकार द्वारा प्रदेश में 1एक साल तक कोई भी भर्ती पर रोक लगाने को भी सरकार का तुगलकी करार दिया
उन्होंने कहा कि युवा पिछले काफी समय से लगातार पूरे देश में सबसे ज्यादा बेरोजगारी की मार झेल रहा है।कोरोना के बाद ये आंकड़ा और बढ़ने की आशंका है। ऐसे में अगर सरकारी भर्तियां भी बंद हो गई, तो प्रदेश के युवा को रोजगार कैसे मिलेगा। पहले ही पिछले साढ़े 5 साल में इस सरकार ने हरियाणा के जवान को रोजगार के नाम पर झूठे वादे किए हैं हमारे नौजवान नौकरी खो चुके हैं और सरकार कहती हैं कि एक साल तक नई भर्ती नहीं करेंगे।चौधरी ने सरकार से प्रदेश में एक साल तक कोई भर्ती न होने के फैसले को वापिस लेने की मांग की और प्रदेश के युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की बात कही ताकि युवाओं का मनोबल टूटने की बजाय बढ़ा रहे।

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