जन सहायक ऐप मी के माध्यम से मिलेगी ऑनलाईन 12 सेवाएं-संयुक्त आयुक्त गगनदीप सिंह।
April 29th, 2020 | Post by :- | 90 Views

करनाल, हरियाणा (रजत शर्मा)। नगर निगम के संयुक्त आयुक्त गगनदीप सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार ने कोविड-19 के संकट के दौरान आम आदमी को घर बैठे ही सरकारी सेवाओं को प्रदान करने की सुविधा ऑनलाईन ऐप के माध्यम से प्रदान की है। उन्होंने बताया कि इस ऐप का नाम जन सहायक हेल्प मी है और इसे एंड्रोयड फोन में आसानी से डाउनलॉड किया जा सकता है।

संयुक्त आयुक्त बुधवार को लघु सचिवालय के सभागार में जन सहायक हेल्प मी ऐप की जानकारी देने से संबंधित अधिकारियों की बैठक को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने बताया कि उपायुक्त निशांत कुमार यादव के मार्गदर्शन में जिले के अधिकारियों को इस ऐप की जानकारी मुहैया करवा दी गई है।

इसके लिए उपायुक्त ने नोडल अधिकारी नियुक्त कर दिए गए है, इनमें नगर निगम के लिए संयुक्त आयुक्त, ग्रामीण क्षेत्रों के लिए संबंधित बीडीपीओज और संबंधित शहरी क्षेत्रों के लिए नपा के सचिव शामिल है। उन्होंने बताया कि फिलहाल इस ऐप पर 12 तरह की सेवाएं व सहायता आम लोगों को मिलेंगी, कोई भी नागरिक प्ले स्टोर पर जाकर इस ऐप को डाउनलोड कर सकता है।

डाउनलॉड के बाद उसे फीड किए हुए मोबाईल नम्बर पर ओटीपी आऐगा और उसे इससे पहले अपने फोन की लोकेशन ऑन करनी होगी। एक बार पंजीकरण होने के बाद नागरिक सेवाओं का उपयोग कर सकते हैं। संयुक्त आयुक्त ने जिलावासियों से यह ऐप डाउनलोड करने की अपील करते हुए कहा कि यह एक इंटीग्रेटेड ऐप है जो नागरिकों को एक ही मोबाइल ऐप में सभी सुविधाएं प्रदान करेगी।

इस ऐप के माध्यम से नागरिक जरूरत के अनुसार एलपीजी सिलेंडर, एम्बुलेंस, डॉक्टर, गेहूं की ई-खरीद, स्थानांतरण पास, बैंक, यात्रा बुक करने, सूखा राशन, पका हुआ भोजन, वॉलंटियर की मदद, वित्तीय सहायता तथा आदि के लिए अनुरोध कर सकता है। अनुरोध प्राप्त होने पर उसे एसएमएस भेजा जाएगा और उसे निर्धारित समय पर सेवा मिलेगी।

उन्होंने कहा कि कोई भी जरुरतमंद व्यक्ति इस एप पर आवश्यकता के अनुसार पके हुए भोजन या राशन की मांग कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस एप के माध्यम से चिकित्सा से सम्बन्धी जानकारी भी प्राप्त की जा सकती है और डाक्टर की सलाह के अनुसार अपनी सेहत का ध्यान भी रखा जा सकता है। अगर कोई जरुरतमंद व्यक्ति किसी भी राहत शिविर में आश्रय के लिए अनुरोध करेगा तो उसे नजदीकी राहत शिविर में भिजवा दिया जाएगा, वित्तीय सहायता भी मांग सकता है।

किसान इस ऐप का उपयोग करके किसी भी मंडी में अपनी फसल की उपज बेचने के लिए एक स्लॉट (समय) बुक कर सकते हैं। इससे मंडियों में सामाजिक दूरियां बनाए रखने में मदद मिलेगी।उन्होंने कहा कि इस एप के माध्यम से आमजन डाक बैंक सेवा के माध्यम से बैंक स्लॉट (नकद जमा / निकासी सीमित राशि) या घर पर नकद वितरण के लिए अनुरोध कर सकते हैं।

नागरिक किसी भी आवश्यक सेवा जैसे चिकित्सा कारणों, परिवार में मृत्यु आदि के लिए ई-पास के लिए अनुरोध कर सकते हैं। उद्योगों और दुकानों के लिए पास की सुविधा भी उपलब्ध है। जो कोई भी अपने संसाधनों व श्रम का योगदान करके लोगों की मदद करना चाहता है वह पंजीकरण कर सकता है। यदि कोई भी परिवार अन्य जरूरतमंद व्यक्तियों के लिए पका हुआ भोजन या राशन उपलब्ध कराने में रुचि रखता है तो वे अपना योगदान दर्ज करवा सकते हैं।

इच्छुक छात्र स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास के लिए सीखने के संसाधनों का उपयोग कर सकते हैं। संयुक्त आयुक्त ने बताया कि यह ऐप मोबाईल से लिंकड है तथा यह जीयो टैग पर आधारित है। उन्होंने नोडल अधिकारियों को कहा कि संबंधित नोडल अधिकारी को निर्धारित समय सीमा के दौरान अपनी रिपोर्ट जमा करवानी होगी।ज्यादा से ज्यादा आम आदमी को इस ऐप के बारे में बताए ताकि हर नागरिक इस ऐप का प्रयोग कर सके।

इस अवसर पर डीडीपीओ राजबीर सिंह खुंडिया, डिप्टी डीआईओ पलविन्द्र सिंह के अलावा सभी बीडीपीओज और सभी नपा सचिव मौजूद थे।

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