मुख्यमंत्री को प्रदेश की खराब वित्तिय हालात को देखते हुए प्रधानमंत्री से राहत पैकेज मांगना चाहिए : योगेश्वर शर्मा
April 28th, 2020 | Post by :- | 26 Views

कालका, (हरपाल सिंह) :

आम आदमी पार्टी का कहना है कि हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल को केंद्र सरकार से राहत पैकेज मांगना चाहिए था, मगर उन्होंने ऑल इज वेल कह कर काम चला लिया। जबकि प्रदेश की आर्थिक हालत काफी खराब है। सरकार जहां सरकारी कर्मचारियों के भत्ते रोक रही है, वहीं नौकरियों की भर्ती पर भी रोक लगा रही है। पार्टी ने आगे कहा है कि और नहीं तो कुछ मुख्यमंत्री अपने पड़ौसी पंजाब के मुख्यमंत्री से ही सबक ले लेते जिन्होंने केंद्र से पैसे मांगे हैं। आज यहां जारी एक ब्यान में आम आदमी पार्टी हरियाणा के उत्तरी जोन के सचिव योगेश्वर शर्मा ने कहा कि सोमवार को प्रधानमंत्री के साथ हुई विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में जहां प्रत्येक राज्य ने कोरोना की अपने अपने राज्य की स्थिति का जिक्र किया, वहीं कुछ ने अपनी आर्थिक स्थिति की भी वास्ता दिया है। उन्होंने कहा कि आज हरियाणा के जो आर्थिक हालात हैं वे किसी से नहीं छिपे हुए। ऐसे में हरियाणा के मुख्यमंत्री मनेाहर लाल को केंद्र से प्रदेश के लिए राहत पैकेज मांगना चाहिए था। मगर उन्होंने प्रधानमंत्री से सिर्फ ऑल इज वेल कहकर अपना काम चला दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के वित्तीय हालात सही नहीं है और यह मुख्यमंत्री मनोहर लाल जिनके पास वित्त का विभाग भी है उनसे बेहतर कौन जान सकता है। उन्होंने कहा कि राज्य की प्रदेश सरकार कोरोना वायरस के कारण अब तक लगभग 5 हजार करोड़ से ज्यादा का वित्तिय नुकसान झेल चुकी है। हालात इतनी खराब हो रही है कि इसी वजह से सरकार ने नई भर्तियों पर रोक लगाने के साथ-साथ कर्मचारियों को महंगाई भत्ता, यात्रा भत्ता आदि न देने का फैसला किया है। शर्मा ने आगे कहा इस सरकारी फैसले के मुताबिक अब एक साल तक कोई नई भर्ती नहीं होगी ना ही अगले एक साल तक सरकारी कर्मचारी को महंगाई भत्ता और एलटीसी यानी यात्रा भत्ता भी नहीं मिलेगा। इससे यह बात तो स्पष्ट है कि हरियाणा का खजाना खाली है और आने वाले दिनों में कर्मचारियों को वेतन के भी लाले पड़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि बेहतर होता मुख्यमंत्री मनोहर लाल कर्मचारियों के भक्तों पर रोक लगाने की वजह प्रधानमंत्री से विधायकों एवं सांसदों की एक से ज्यादा मिल रही पेंशन पर रोक लगाने की मांग करते। उन्होंने कहा कि और भी अच्छा होता यदि मुख्यमंत्री मनोहर लाल प्रधानमंत्री से राज्य के लिए राहत पैकेज मांगते। उन्होंने कहा कि हकीकत से मूंह मोडऩे से तो वास्तविकता में सुधार नहीं होगा। उन्होंने मांग की कि जब तक नई भर्ती नहीं होती सरकार सभी बेरोजगार युवाओं को कम से कम दस हजार रुपये महीना बेरोजगारी भत्ता दे।

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