हाई कोर्ट के आदेशों की अवहेलना:बेरोजगार संघ
April 27th, 2020 | Post by :- | 3632 Views

 

बिना आदेशों से ले रहा शिक्षा विभाग एसएमसी शिक्षकों की सेवाएं।

 लोकहित एक्सप्रेस :-हाई  कोर्ट शिमला के आदेशों की हो रही अवहेलना।बेरोजगार संघ हिमाचल प्रदेश। एसएमसी केस टीचर्स भरती पर माननीय हाई कोर्ट शिमला ने आदेश दिए दीय थे कि सरकार रेगुलर भरती करे।साथ है यह कहते हुए एसएमसी भरती पर रोक लगा दी थी कि ये सरकार कोई प्रशंसनीय कार्य नहीं है।एसएमसी को बार बार रिस्टोर करके सरकार अपने ही बनाए हुए नियमों कि अवहेलना कर रही है। पॉलिसी में लिखे क्लाउज के अनुसार रेगुलर शिक्षक आते ही एसएमसी की सेवाएं समाप्त कर दी जाएंगी। परंतु सरकार बार बार एसएमसी को एक्सटेंशन दे कर रेगुलर शिक्षक ना भेज कर अपने ही बनाएं नियमों की धज्जियां उड़ाती रही।सरकार को हाई कोर्ट के आदेश मिलने के बावजूद भी एसएमसी शिक्षक विभाग में बिना आदेशों से सेवा दे रहे है।स्कूल के मुख्याध्यापक कैसे इनकी सेवाएं ले रहे है! विभाग बिना मंजूरी दीए कैसे इनकी सेवाओं को जारी रखे हुए है।एसएमसी अध्यापक बिना आदेशों सरकारी स्कूलों मै ऑन लाइन वॉट्सएप के माध्यम से बच्चो को टीच कर रहे है।ये कार्य विभाग की पोल खोल रहा है कि कैसे विभाग हाई कोर्ट के आदेश की अवहेलना गुप चुप तरीके से कर रहा है।अगर सरकार को ऐच्छिक सेवाओं की आवश्यकता है तो बेरोजगार संघ सरकार की मदद कर सकता है। हैरानी की बात है कि माननीय शिक्षा मंत्री बिना आदेशों के इस कार्य की प्रशंशा कर रहे है।प्रदेश मै कोई लॉ एंड आर्डर नहीं ।बेरोजगार संघ अपना सुझाव दे रहा है कि शिक्षकों की भर्ती की प्रोसेस जो कोविड 19 के कारण रुकी है उसको ऑन लाइन काउंसिलिंग ले कर शिक्षक भर्ती को पूरा कर सकती है।बेरोजगार संघ के अध्यक्ष कुलदीप मनकोटिया ने प्रेस को जानकारी दी है कि सरकार तुरंत प्रभाव से हाई कोर्ट के आदेश को माने ओर ऑन लाइन काउंसलिंग करवा कर प्रेदश में रिक्त पड़े अध्यपकों के पद को भरे।सरकार हाई कोर्ट के आदेशों को माने।

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