सनातन धर्म मे बैसाख मास का विशेष महत्व :- पालीवाल
April 26th, 2020 | Post by :- | 115 Views

हसनपुर पलवल (मुकेश वशिष्ट):-  अध्यापक संघ के प्रधान सुभाष पालीवाल ने सभी को अक्षय तृतीया पर्व की बधाई व शुभकामनाऐ दी| पालीवाल ने बताया कि सनातन धर्म मे बैसाख मास का विशेष महत्व है बैसाख मास की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को अक्षय तृतीया का पर्व मनाया जाता है इस वर्ष यह शुभ तिथि 26 अप्रैल दिन रविवार को है यह बहुत ही शुभ और सौभाग्यशाली माना जाता है|

इस दिन स्नान, जप, तप, दान, अनुष्ठान आदि का बहुत महत्व है इस दिन भगवान विष्णु ने परशुराम अवतार लिया था  भगवान परशुराम को भगवान  विष्णु का छठा अवतार माना जाता है पालीवाल ने बताया कि परशुराम शब्द का अर्थ है (फरसा लिए हुए भगवान राम) जब परशुराम को भगवान शिव से परशु प्राप्त होने के बाद  पृथ्वी लोक पर किसी भी व्यक्ति को उन्हे हराना असंभव हो गया था पालीवाल ने बताया कि वह शिव के बहुत बड़े भक्त थे वरदान मे उन्हे यह फरसा प्राप्त हुआ यही कारण है कि उनका नाम परशुराम है|

भगवान शिव ने उन्हे युद्ध कौशल भी सिखाया पालीवाल ने यह भी बताया कि वे ऋषि जमदग्नि व रेणुका देवी के पुत्र थे जब वह छोटे थे तभी से वे एक गहन शिक्षार्थी थे वह सदैव अपने पिता की आज्ञा मानते थे परशुराम जी सबसे पहले ब्राह्मण योद्धा थे यही कारण है कि उन्हे ब्राह्मण क्षत्रिय कहा जाता है इस दिन तुलसी पूजा का विशेष महत्व है पालीवाल ने बताया कि ऐसे महापुरुषो से जीवन मे सफलता प्राप्त करने के लिए प्रेरणा लेनी चाहिए, हम सभी को इनका अनुसरण करना चाहिए|

इस महापर्व को बड़ी धूमधाम से मनाना चाहिए लेकिन पूरी दूनिया मे लॉकडाउन लगा हुआ है इसलिए इस महापर्व  को घर पर रहकर ही प्राप्त संसाधनो से सादगी से मनाए इस अवसर पर स्पर्श पालीवाल ने अपने कठिन परिश्रम से एक भगवान परशुराम की तस्वीर बनाने का प्रयास किया जिसका मार्गदर्शन अभिभावको ने किया अक्षय तृतीया का दिन पुण्य कार्यो के लिए माना जाता है|

इस दिन कोई भी ऐसा काम नही करना चाहिए जिससे किसी को दुख पहुंचे इस अवसर पर भगवान परशुराम की आरती के साथ साथ उनके चरणो मे पुष्प अर्पित कर उनसे आशीर्वाद लेना चाहिए इस अवसर पर पंकज पालीवाल व डिगम्बर पालीवाल मुख्य रूप से उपस्थित थे |

 

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