हरियाणा सरकार ने जनसहायक (Help me) एप किया लांच, राशन, पैसे, भोजन, पुस्तके, पास, डॉ० व एंबुलेंस सुविधा होगी उपलब्ध
April 26th, 2020 | Post by :- | 533 Views

कुरुक्षेत्र, लोकहित एक्सप्रेस, (सैनी)। कोरोना महामारी से जूझ रहे लोगों को अब मोबाइल पर एक बटन दबाते ही राशन, तैयार भोजन, डॉक्टर, पुस्तके, कहीं पर आने-जाने के लिए पास, वित्तीय मदद सहित अन्य तमाम सुविधाएं तुरंत प्रभाव से उपलब्ध होंगी। अगर आप गरीबों की मदद करना चाहते हैं तो यह भी एप की मदद से संभव होगा। इसके लिए हरियाणा सरकार ने जनसहायक (Help me) एप लांच किया है।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने बताया कि कोरोना रिलीफ फंड में दान करना हो या किसी परिवार के लिए राशन पहुंचाना हो या फिर खुद को वालंटियर के रूप में पंजीकृत करना हो, यह सब भी इस एप पर आसानी से किया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि एप पर राशन के लिए आवेदन करने वाले लोगों को टोकन दिया जाएगा। वह राशन की दुकानों पर टोकन दिखा कर सामान ले सकेंगे। इस पर एंबुलेंस बुलाने की भी सुविधा होगी। पढ़ाई के लिए तमाम तरह का पाठ्यक्रम मिलेगा। सरकार द्वारा दी जाने वाली वित्तीय सहायता का स्टेटस भी आप इस पर देख सकते हैं। एप पर कैश ऑन डिलीवरी का भी विकल्प दिया गया है। डाक विभाग के कर्मचारी आप तक यह राशि पहुंचाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी विभाग अपना काम कर रहे हैं। किसानों के लिए हर प्रकार की व्यवस्था की गई है। सभी लोग गरीबों की मदद कर रहे हैं।

एप में हिंदी और अंग्रेजी भाषाओं का विकल्प दिया गया है। एप डाउनलोड करने के लिए एंड्रॉयड फोन चाहिए। पंजीकरण के दौरान नाम और मोबाइल नंबर डालते ही वन टाइम पासवर्ड (ओटीपी) आएगा। फिर हिंदी या इंग्लिश भाषा चुनकर सुविधाओं का लाभ उठा सकते हैं। जिस विभाग से जुड़ी सेवा होगी, उसी विभाग के अफसर के पास आवेदन पहुंच जाएगा। जीपीएस से आपकी लोकेशन पता चल जाएगी और निश्चित समय में सेवाओं की डिलीवरी आपके द्वार पर हो जाएगी।
हरियाणा में आमजन को सरकारी सुविधाएं प्रदान करने वाली जनसहायक (हेल्प मी) एप का आइडिया लॉकडाउन के दौरान फरीदाबाद में बने कंट्रोल रूम की समस्याओं का निदान करते हुए आया।  खुद मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने प्रशिक्षु एचसीएस अधिकारियों जयप्रकाश और देवेंद्र शर्मा ,  उनके सहयोगियों सहित आइएएस अधिकारी यशपाल यादव, विजयेंद्र कुमार और प्रदीप दहिया का आभार जताया है।

कृपया अपनी खबरें, सूचनाएं या फिर शिकायतें सीधे editorlokhit@gmail.com पर भेजें। इस वेबसाइट पर प्रकाशित लेख लेखकों, ब्लॉगरों और संवाद सूत्रों के निजी विचार हैं। मीडिया के हर पहलू को जनता के दरबार में ला खड़ा करने के लिए यह एक सार्वजनिक मंच है।