खुले आसमान के नीचे अनाज़ मंडी में पडा किसानों का गेंहू बरसात में भीगा|
April 25th, 2020 | Post by :- | 51 Views

हसनपुर पलवल (मुकेश वशिष्ट):-  अनाज मंडी होडल में सरकारी खरीद करवाने के लिए किसानों द्वारा लाए गए गेहूं को बारिश आदि से सुरक्षित रखने के मार्केट कमेटी होडल व आढ़तियों द्वारा किए गए इंतजामात व दावों की शनिवार सुबह अचानक हुई हल्की बरसात ने ही पोल खोलकर रख दी। शनिवार सुबह अचानक हुई बूंदाबांदी में सरकारी खरीद होने की बाट जोहड रहा किसानों के खून पसीने की कमाई मंडी में पड़ा हुआ पीला सोना भीग गया। सरकारी खरीद एजेंसियों द्वारा खरीदा गया सरकारी कट्टों में भरा गेहूं भी भीग गया जो कि लिफ्टिंग ठेकेदार की मनमानी व अनुचित मांगों के चलते समय पर नही उठाया गया और समय पर उठान ना होने के कारण मंडी परिसर में खुले आसमान के नीचे पड़ा हुआ सैकड़ों क्विंटल सरकारी गेहूं बरसात की भेंट चढ़ गया।

इतना ही नही आढ़तियों की मनमानी व लापरवाही का आलम यह है कि आढ़तियों द्वारा बरसात में भीगे किसानों के गेहूं को सरकारी कट्टों में भरकर तोल दिया जाता है और अपने कर्तव्य की इतिश्री कर सरकारी खरीद एजेंसियों को चूना लगाने का कार्य किया जा रहा है। मजेदार बात यह है कि आढ़तियों द्वारा मंडी परिसर में सरेआम उपरोक्त कृत्य को मार्केट कमेटी अधिकारियों की नाक के नीचे अंजाम दिया जा रहा है लेकिन ना तो मार्केट अधिकारी इस ओर कोई ध्यान दे रहे हैं और ना ही सरकारी खरीद एजेंसी। अधिकारियों द्वारा उपरोक्त सन्दर्भ में कोई कार्रवाई करने की जहमत उठाना गवारा किया जा रहा है।

गौरतलब है कि सरकारी आदेशों के अनुसार अनाज मंडी में गेहूं की तुलाई करने के लिए पारम्परिक तराजू के बजाय इलेक्ट्रॉनिक तराजू का प्रयोग करने के आदेश जारी किए हुए हैं लेकिन बावजूद इसके सम्बन्धित विभागीय अधिकारियों की उदासीन व लापरवाह कार्यशैली के चलते होडल की अनाज मंडी में परम्परागत तराजू का ही प्रयोग किया जा रहा है।

क्या कहते हैं अधिकारी:– इस बारे में जानकारी लेने पर मार्केट कमेटी सचिव मनोज शर्मा ने कहा कि बरसात से किसानों की फसल बचाने के लिए विभाग द्वारा तिरपाल आदि की व्यवस्था कर आढ़तियों को दिए जाते हैं और कुछ इंतजाम करने की जिम्मेदारी सम्बन्धित आढ़ती की होती है और फसल को भीगने से बचाने के लिए पर्याप्त इंतजाम ना करने की सूरत में सम्बन्धित आढ़ती के प्रति कार्यवाई करने का प्रावधान है।

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