जिला बाल संरक्षण अधिकारी रीना फौगाट व कांउसलर डॉ0 पूनम शर्मा द्वारा एम.डी.डी बाल भवन, फूसगढ़, श्रद्धानंद व माता करतार कौर बाल कल्याण निकेतन (निर्मल धाम) संस्थाओं का किया गया निरीक्षण।
April 24th, 2020 | Post by :- | 65 Views

करनाल,(रजत शर्मा)। माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा कोविड-19 महामारी के चलते बाल देखरेख संस्थाओं के बच्चों की सुरक्षा को मद्देनजऱ रखते हुए निर्णय लिया गया है कि सभी बाल देखरेख संस्थाओं में प्राथमिकता के आधार पर सभी बच्चों को मास्क, सैनिटाईजऱ, साबुन आदि आवश्यक सामान उपलब्ध करवाया जाये।

सभी संस्थाओं को समय-समय पर सैनिटाईज़ किया जाये तथा सभी बच्चों व स्टाफ को इसके बारे में जागरुक व बचाव के तरीकों के बारे में जानकारी देने के निर्देश प्राप्त हुए हैं।

महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा उच्चतम न्यायालय के आदेशों की अनुपालना करने हेतु सभी जिलों के जिला बाल संरक्षण अधिकारियों व कांउसलर को सप्ताह में एक बार सभी संस्थाओं का निरीक्षण करने व बच्चों की कांउसलिंग करने तथा अन्य सुविधाओं को जांच करने हेतु निर्देश दिये गये हैं।

जिला बाल संरक्षण अधिकारी रीना फौगाट व कांउसलर डॉ0 पूनम शर्मा द्वारा शुक्रवार को एम.डी.डी बाल भवन, फूसगढ़, श्रद्धानंद व माता करतार कौर बाल कल्याण निकेतन (निर्मल धाम) संस्थाओं का निरीक्षण किया गया।

संस्थाओं के सभी बच्चों को कोविड-19 के फैलने के कारण व उससे बचाव के तरीकों के बारे में जागरुक किया गया ताकि बच्चों को किसी भी प्रकार के डर, चिंता आदि से बचाया जा सके।

साथ ही सभी संस्थाओं के बच्चों का स्क्रीनिंग टेस्ट भी किया गया। जिला बाल संरक्षण अधिकारी ने बताया कि करनाल जिले की संस्थाओं द्वारा सप्ताह में 2-3 बार संस्था को सैनिटाईज़ किया जा रहा है तथा सभी बच्चों को आवश्यक सुविधायें भी उपलब्ध करवाई जा चुकी हैं।

 

कृपया अपनी खबरें, सूचनाएं या फिर शिकायतें सीधे editorlokhit@gmail.com पर भेजें। इस वेबसाइट पर प्रकाशित लेख लेखकों, ब्लॉगरों और संवाद सूत्रों के निजी विचार हैं। मीडिया के हर पहलू को जनता के दरबार में ला खड़ा करने के लिए यह एक सार्वजनिक मंच है।