भारत ने चीन से भी टेस्ट किट मंगवाई शामिल लेकिन कोरोना संक्रमण की जांच करने में यह भारतीय मानदंडों पर खरी नहीं उतरी – जहां से आईं वहां वापस भेजेंगे
April 24th, 2020 | Post by :- | 136 Views

नई दिल्ली  :    देश के कई प्रदेशों से रैपिड टेस्ट किट खराबी की बात सामने आ रही हैं। ये टेस्ट किट गलत रिपोर्ट दे रही हैं जिसके चलते डॉक्टरों को और भी ज्यादा परेशानी हो रही है। इसको लेकर केंद्र सरकार ने कड़ा एक्शन लिया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन ने कहा कि इन टेस्ट किटों को उन्हें उनके संबंधित देशों को वापस किया जाएगा। मतलब भारत ने जिस भी देश से ये किट मंगवाई हैं उसी देश को वापस लौटा दी जाएंगी।

चीन ने किटें बेकार
भारत ने चीन से भी टेस्ट किट मंगवाई शामिल लेकिन कोरोना संक्रमण की जांच करने में यह भारतीय मानदंडों पर खरी नहीं उतरी हैं। जिसके वजह से इन्हें लौटाया जाएगा। उन्होंने बताया कि इनके लिए अभी तक भुगतान नहीं किया गया है। इन किट के नतीजों को लेकर कई राज्यों से शिकायतें आ रही थीं। स्वास्थ्य मंत्री और स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी चौबे ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बात की। जिसमें उन्होंने कहा कि सभी दोषपूर्ण एंटीबॉडी परीक्षण किट को लौटा दिया जाएगा। बेशक उन्हें किसी भी देश से क्यों न खरीदा गया हो, जिसमें चीन भी शामिल है। हमने अभी तक एक भी रुपये का भुगतान नहीं किया है।

वापस लौटा देंगे- हर्षवर्धन
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने राज्य स्वास्थ्य मंत्रियों से बातचीत की। उन्होंने कहा, ‘जब भी जरुरत होगी हम आपकी मदद के लिए अपने वरिष्ठ अधिकारियों को भेज देंगे। उन्हें निगरानी करने के लिए नहीं भेजा जाएगा। वे आपका हाथ थामने और सहयोग के लिए हैं। ताकि हमें आगे आपकी मदद के लिए फीडबैक मिल सके।’

चीन नहीं आ रहा हरकतों से बाज
कोरोना के खिलाफ जंग में हर देश पूरी ताकत से जुटा हुआ है। कोरोना को मात देने के लिए भारत ने रैपिड टेस्ट किट चीन से मंगवाए लेकिन उस किट के गुणवत्ता पर बड़े सवाल उठे थे। स्थिति ये है कि राजस्थान ने तो रैपिड किट से जांच तक को रोक दिया। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) ने भी अगले दो दिनों तक सभी राज्यों को इस किट से जांच रोकने का आदेश दिया था। जिसके बाद सभी प्रदेशों ने दो दिनों तक जांच रोक दी है।

राजस्थान, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात और भी तमाम प्रदेशों से इन किटों को लेकर शिकायत आ रहीं थीं। दरअसल, जिस चीनी कंपनियों की जांच किट पर सवाल उठे हैं, उन पर यूरोप पहले ही प्रतिबंध लगा चुका है। परिणाम भरोसेमंद न मिलने पर यूरोपीय देशों ने 20 लाख किट चीन को वापस भेज दी थीं। आरोप है, चीन ने महीने भर बाद करोड़ों की यही किट भारत को भेज दीं। अब जब भारत में तेजी से जांच का दायरा बढ़ाया जा रहा है तब ये किट धोखा दे रही हैं। जिसको देखते हुए अब केंद्र सरकार ने फैसला लिया है कि इन किटों को वापस भेजा जाएगा।

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