डमटाल अनाज मंडी में बाहर से समान लेकर आने बाले ट्रक चालकों से साथ मंडी के मालिकों द्वारा की जा रही है मनमर्जी
April 23rd, 2020 | Post by :- | 475 Views
गगन ललगोत्रा(व्यूरो इंदौरा)
डमटाल अनाज मंडी में बाहर से समान लेकर आने बाले ट्रक चालकों से साथ मंडी के मालिकों द्वारा की जा रही है मनमर्जी
6-6 दिन गाड़ियों को रखा जा रहा है मंडियों में ही खड़ा
लॉक डाउन के चलते नही दे रहे है व्यापारी इन ट्रक चालकों को खाना
डमटाल अनाज मंडी हिमाचल प्रदेश की सबसे बड़ी होलसेल आनाज मंडी है इस मंडी से रोजाना हिमाचल के साथ साथ पंजाब में आनाज सप्लाई किया जाता है । इस मंडी में  सैंकड़ों दुकाने हैं मंडी का अपना एक व्यापार मंडल हैं ब एक लेबर यूनियन भी है। इस मंडी में कई दिनों से रोजाना एक बाकया देखने को मिल रहा है।
लॉक डाउन के चलते  जो भी बड़ी गाड़ियां बाहर से इस मंडी इस बड़े आढ़तियों का सामान लेकर आ रहीं हैं उन्हें 5 – 6 दिन तक मंडी में ही खड़ा  जा रहा है। मंडी में ट्रक समान लेकर आए ट्रक चालकों ने बताया के लॉक डाउन के पहले जब हम इस मंडी में समान लेकर आते थे तो बड़े व्यापारी सबसे पहले हमारी गाड़ियों से सामान को उतारकर अपने गोदामो में रखते थे और हमे उसी दिन फ्री करके भेज देते है और बाद में स्टोरों में रखे सामान को दूर दूर से आ रहे दुकानदारो  को बेचते थे। अब तो ट्रको को दुकानों के बाहर ही समान सहित 6 ,6 दिन खड़े रख रहे है सामान को स्टोरों में न रख कर , ग्राहक आने ओर सीधा हमारे ट्रको से ही माल उतारकर बेच रहे है । जिसके चलते हमे ट्रको में भूखे रहने के साथ साथ रोजाना ट्रक खड़े रहने से हजारों रुपए का आर्थिक घाटा पड़ रहा है । अगर यह मंडी के दुकानदार हमे एक एक सप्तह अपने पास ही मनमर्जी से खड़े रखे गए तो हम अपनी गाड़ियों की बैंक लोन की किस्तें ओर ड्राइवर , परिचालकों की तनख्वाह केसे देंगे। युबा भारत क्लब डमटाल के प्रधान ओर तमाम सदस्यों और समाजसेबीयो ने मंडी मालिको द्वारा ट्रक चालकों से किये जा रहे व्यावहार की कड़े शव्दों में निंदा करते हुए कहा के बाहरी राज्यो से आए ट्रक चालकों से यह को बर्तालाप किया जा रहा है
ये बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मनाक बात है । उससे भी शर्मनाक बात यह है के लोक डाउन के चलते आज हर कोई समाज सेबी ओर आम लोग गाँव गाँव जाकर जरूरतमंद लोगों को राशन ओर बना हुआ खाना वितरित कर रहे है के इस लॉक डाउन के चलते कोई भूखा न रहे ।परंतु शर्मनाक बात  ये है कि डमटाल अनाज मंडी के दम पर करोड़ों की कोठियां ओर बंगले बनाने बाले और लाखों की कीमत की कीमत की लंबी गाड़ियों में बैठकर मंडी में आने  वाले व्यापारी इन ड्राईवरों को  रोटी उपलब्ध कराने में किसी प्रकार की कोई मदद नहीं कर रहे हैं। जबकी इन व्यापारियों द्वारा चलाई जा रही मनमर्जी से ही रोजाना 15 से 20 ड्राइवर अपनी गाड़ियों में हफ्ता हफ्ता रहने को मजबूर है।
 अब बात यह है के इन
बाहर से आए इन ड्राईवरों को अगर इन करोड़पति  व्यापारियों के ऊपर छोड़ दिया जाए तो इन सब ड्राईवरों को भूखा ही सोना पड़ें। जैसा कि इस महामारी में कई लोग भूखों को रोटी उपलब्ध करबा रहें है लेकिन डमटाल मंडी में इतना बड़ा व्यापार मंडल होने के साथ साथ बहुत से ट्रक और जीप आदि के मालिक हैं जो कि भगवान् के आशीर्वाद से सब तरह से साधन संपन्न है लेकिन मात्र एक दो को  छोड़ कर बाकी कोई भी व्यापारी इनको भोजन देने के लिए आगे नही आ रहा है । युबा भारत क्लब के सदस्यों ने कहा के हमारे आदरणीय प्रधानमन्त्री मंत्री जी ने अपील की थी कि इस लॉक डाउन के दोरान कोई भी व्यक्ति भूखा नहीं रहना चाहिए, इसके लिए कुछ युवाओं को साथ लेकर बनाई गई हमारी युवा भारत क्लब के कुछ सदस्यों ने मिल कर मंडी के व्यापारियों की मनमर्जी का शिकार हो रहे उन ड्राईवरों के लिए इस लॉक डाउन में खाना उपलब्ध करवाया है। इसमे मंडी के एक दो व्यापारियों व दो जीप मालिकों ने भी क्लब की इस कार्य मे मदद की है।क्लब मेम्बरों ने
डमटाल मंडी के व्यापारियों, ड्राईवरों, कमीशन एजेंटो से अनुरोध किया है की  कृपा पैसा कमाना ही अपना ध्येय ना रखे उन ड्राईवरों के बारे भी सोचे जो दिन रात लॉक डाउन के दौरान आपका माल लेकर मंडी में  आ रहें है ओर जिसको आप रोजाना बेच रहे है। उन्होंने कहा के इंदौरा प्रशासन को भी इस पर कोई कार्यबाही करनी चाहिए ताकि बाहर से आ रहे ड्राइवरो के साथ हो रहे सोशन से ड्राइवर बच सके

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