सभी सावधानी बरते तथा अपना फर्ज निभाते हुए सोशल डिस्टेंसिंग बनाकर 3 मई, 2020 तक राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन का पालन करें : दुष्यंत चौटाला
April 23rd, 2020 | Post by :- | 49 Views

चंडीगढ़, ( महिन्द्र पाल सिंहमार )    ।    कोविड-19 संकट को पूरे विश्व के लिए एक चुनौती बताते हुए हरियाणा के उप-मुख्यमंत्री श्री दुष्यंत चौटाला ने प्रदेश के लोगों से अपील की कि इस समय सभी सावधानी बरते तथा अपना फर्ज निभाते हुए सोशल डिस्टेंसिंग बनाकर 3 मई, 2020 तक राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन का पालन करें।

आज यहां जारी एक वक्तव्य में श्री चौटाला ने कहा कि सरकार किसानों की उपज का एक-एक दाना खरीदने के लिए वचनबद्ध है। अन्नदाता के एक-एक दाने का पैसा खरीद के साथ ही उसे मिले इसलिए सरकार ने आढ़तियों को उनके पुराने बैंक खातों से खरीद का भुगतान करने की अनुमति दी है, साथ ही आढ़तियों को भी उनकी 2.5 प्रतिशत आढ़त का पैसा साथ-साथ मिलता रहे इसके लिए सरकार ने लगभग 22 हजार करोड़ रुपये गेहूं की खरीद के भुगतान के लिए तथा लगभग 275 करोड़ रुपये आढ़त के लिए रिजर्व रखे हैं। जैसे ही मण्डियों से गेहूं का उठान होता रहेगा साथ-साथ किसान व आढ़ती दोनों का भुगतान होता रहेगा। उन्होंने कहा कि मंडियों में मास्क व सेनेटाइजेशन, बारदाना, तिरपाल, पंखा, झरना इत्यादि व्यवस्था की गई है।

उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना के कारण राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के बावजूद मण्डिय़ों में सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखकर सरकार ने न केवल सरसों व गेहूं की खरीद प्रक्रिया सुचारू रूप से आरम्भ की है बल्कि पंजाब से अधिक गेहूं की खरीद की है। उन्होंने कहा कि सरकार ने खरीद प्रक्रिया से जुड़े सभी व्यक्तियों, चाहे वह किसान है, आढ़ती है, मजदूर है या खरीद एजेंसियों के कर्मचारी हैं, कोविड-19 के संक्रमण को देखते हुए इन सभी के लिए 10 लाख रुपये के जीवन बीमा कवर देने का निर्णय लिया है।

उन्होंने कहा कि कुछ लोग आढ़ती एवं किसान दोनों को भम्रित करने का कार्य कर रहे हैं, जो सही नहीं है। यह समय किसी के हड़ताल पर जाने का समय नहीं है, बल्कि कोरोना के विरूद्ध लड़ाई मिलजुल कर लडऩे का है। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन अवधि के दौरान किस प्रकार से हर प्रकार की गतिविधियां फिर से सामान्य हों यह सरकार के साथ-साथ देश की 130 करोड़ जनता के लिए भी चुनौती है।

श्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि कई मंडियों में जाकर उन्होंने स्वयं खरीद प्रक्रिया का जायजा लिया है। इस दौरान उनकी किसानों, आढ़तियों व अन्य लोगों से बातचीत हुई। सरकार द्वारा किये गए खरीद प्रबन्धों से सभी संतुष्ट हैं और उनका मानना था कि कोविड-19 संकट के बावजूद भी सरकार ने व्यापक प्रबन्ध किये हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना लड़ाई में किसानों ने बड़ा सराहनीय कार्य किया है। किसानों ने इस अवधि के दौरान न तो दूध के और न ही सब्जियों के दाम बढ़ाएं हैं।
उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी दिशानिर्देशों के अनुसार चरणबद्ध तरीके से औद्योगिक गतिविधियां फिर से आरम्भ करने के लिए सरकार ने कुछ निर्णय लिए हैं। इसके लिए ब्लॉक, जिला व राज्य स्तर पर कमेटियां गठित की गई हैं, जो उद्योगों को फिर से चलाने के लिए अनुमति प्रदान करने के लिए अधिकृत हैं।

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