हरियाणा की तर्ज पर हिमाचल के शक्ति पीठों के खजाने खोले सरकार
April 23rd, 2020 | Post by :- | 259 Views
  • दुकानदार, व्यापारी व छोटे उद्यमियों को सम्भाले जयराम सरकार :  मेला राम चन्देल     

      

 बद्दी – 23 अप्रैल 2020 । राज कश्यप 

विश्व में फैले कोरोना महामारी के चलते हर कोई संकट से जुझ रहा है तथा हर आदमी अपने स्तर पर सेवा कार्योँ में जुटा हुआ है। देखने में आता है कि सबसे ज्यादा सेवा कार्य समाज सेवी संस्थाओं तथा सरकार द्वारा हर व्यक्ति तक भोजन सामग्री पहुंचाना पहली प्राथमिकता है। इसी कडी में बीबीएन में लगभग 4 दर्जन से ज्यादा स्वयंसेवी संस्थायें इन सेवा कार्यों में पिछले 25 दिनों से अनवरत जुटी हैं।

वहीं दूसरी ओर प्रदेश सरकार सभी से अपनी बचत का कुछ अंश इस विपदा की घडी में मुख्यमन्त्री कोविड फंड में सहयोग करने की अपील भी कर रही है। जिसमें अभी तक 20 करोड से ज्यादा का फंड इकठ्ठा भी हो चुका है।

पड़ोसी राज्य हरियाणा की यदि बात करें तो माता मनसा देवी श्रांय बोर्ड पंचकुला ने दस करोड तथा माता शीतला देवी श्रांय बोर्ड गुरूग्राम ने पांच करोड की सहयोग राशि हरियाणा कोविड रीलिफ फंड में दान दी है।

भारतीस मजदूर संघ हिमाचल प्रदेश के कार्यकारी अध्यक्ष मेलाराम चन्देल का कहना है कि हिमाचल में भी अनेक शक्ति पीठ ऐसे हैं जहां पर हजारों करोड रूपये जमा है। प्रदेश सरकार को चाहिए कि इन शक्तिपीठों का खजाना आम जनता के खोले। क्योंकि यह आम जनता का ही पैसा है और यदि इस संकट की घडी में भी यह पैसा आम जनता के काम नहीं आता है तो फिर इस जमापूंजी का क्या फायदा।

बजाय इसके कि यहां के दुकानदार, व्यापारी, छोटे उद्यमी तथा उद्योगपतियों से सहयोग की अपील करे। क्योंकि सभी व्यापारी तथा उद्यमी अपने अपने स्तर पर आस पास के सेवा क्षेत्रों में पिछले लम्बे समय से सेवा कार्यों में लगे हैँ। परन्तु पिछले एक महीने से दुकानें तथा कारखानों के बन्द होने के कारण अब इनके यहां काम कर रह रहे कर्मचारियों की भी चिंता सताने लगी है।

क्योंकि दुकान, शोरूम अथवा शैड का किराया, सैलरी, बिजली के बिल, बैंको का ब्याज, होम लोन, कार लोन, टर्म लोन के इलावा अपने घर के खर्चे के साथ साथ बच्चों की पढाई का खर्च भी शामिल है जोकि पिछले एक महीने के बन्द के दौरान आमदनी न होने के कारण पूरी तरह से प्रभावित हुआ है। इसलिए प्रदेश सरकार का छोटे व्यापारियों तथा उद्यमियों को राहत पहुचाने के लिए तुरंत उचित कदम उठाने चाहिए।

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