गणेश प्रतिमा स्थापना को लेकर आरोप – प्रतारोप का दौर, विधायक प्रतिनिधी श्रीवास्तव ने दिया सफ़ाई
September 2nd, 2019 | Post by :- | 154 Views

छत्तीसगढ़ (कोंडागांव) अरुण कुमार पाण्डेय । भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापना के स्थान परिवर्तन व हटाये जाने एवं विरोध को लेकर कोंडागांव की राजनैतिक गलियारों में आरोप – प्रत्यारोप का दौर जारी है।

कल बीजेपी नेता जसकेतु उसेंडी द्वारा लगाये आरोप को नगर पालिका उपाध्यक्ष मनीष श्रीवास्तव व विधायक प्रतिनिधि शिशिर श्रीवास्तव ने मनगढ़ंत आरोप बताते सिरे से खारिज करते हुए अपनी प्रतिक्रिया पत्र के माध्यम से जारी कर लिखा हैकि उनका विरोध सिर्फ उक्त मैदान में लगने वाले मीना बाजार हटाने हेतु था। उन्होंने लिखा हैकि उनकी पूर्ण आस्था भगवान पर है और वे गणेशोत्सव का समर्थन करते हैंं।

चौपाटी पर गणेश प्रतिमा स्थापित किये जाने को लेकर आरोप – प्रत्यारोप लगने के बाद कोंडागांव के विधायक प्रतिनिधि शिशिर श्रीवास्तव ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर जहां पूरे मामले पर सफाई देते हुए उक्त भाजपा नेता पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि:

“भाजपा धर्म के नाम पर राजनीति करती हैं और कांग्रेस ने कभी भी धर्म और आस्था के साथ कोई भी खिलवाड़ नही किया है।

उन्होंने आगे कहा कि गणेश उत्सव समिति के अध्यक्ष और भाजपा नेता जसकेतु उसेंडी ने मुझ पर और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम पर जो आरोप लगाया है वह सरासर गलत है।

जिसे मैं सिरे से खारिज करता हुं निसंदेह ही 14 वर्षो से चौपाटी में गणपति की स्थापना होती आ रही है परंतु सरकार का यह नियम है कि स्कूल व कॉलेज के समीप ऐसे कोई भी सार्वजनिक आयोजन न हो जिस से अध्ययन कार्य बाधित हो और राष्ट्रीय राजमार्ग होने के करण वहां पर सड़क दुर्घटना की आशंका भी हमेशा बनी रहती है।

कुछ दिन पूर्व ही उक्त स्थल पर एक ट्रक जा घुसी थी, बस गनीमत थी किसी प्रकार की जनहानि नही हुई और जिसे देखते हुए प्रशासन ने वहां पर ठेला लगाकर व्यवसाय कर अपना और अपने परिवार का जीवन निर्वाह करने वाले छोटे व्यवसाइयों को चौपाटी के अंदर अपने ठेले लगाने हेतु निर्देशित किया ।

भाजपा नेताओं के द्वारा 14 साल से वहां गणपति की स्थापना की जा रही है उस समय चूंकि भाजपा का शासन था और सत्ता के दबाव के चलते प्रशासन द्वारा स्कूल प्रबंधन की एक भी नही सुनी जाती थी और यहां तक कि भाजपा नेताओ के द्वारा गणेश स्थापना के आड़ में सूरज संस्थान के अंदर में एक कमरे को सामान रखने हेतु आरक्षित कर वहां पे जुआं – सट्टा तक खिलाया जाता था और जिसकी शिकायत कई बार की गयी लेकिन सत्ता होने के कारण भी कार्यवाही नही की गयी, तब समिति के सदस्यों की आस्था पे आघात नही लगा..

सरकार बदलते ही स्कूल प्रबंधन व स्थानीय ठेले लगाकर अपना जीवन यापन करने वाले छोटे -छोटे व्यापारियों को जिन्होंने लाखों रुपये की अमानत राशि जमा कर चौपाटी की दुकान नीलामी में ली है और मीना बाजार लगने से जिनका व्यवसाय प्रभावित होता है ने आकर निवेदन किया कि इस वर्ष मीना बाजार को कही अन्यत्र लगवाए बस उसी के आधार पर विधायक प्रतिनिधि होने के नाते मैंने एक पत्र जिलाधिकारी महोदय को जरूर लिखा और मुख्यनगर पालिका अधिकारी और अनुविभागीय अधिकारी राजस्व से दूरभाष पर चर्चा के दौरान कहा की ‘गणपति की स्थापना चौपाटी में हो पर मीना बाजार को स्कूल व उन छोटे व्यापारियों को होने वाले नुकसान के कारण अन्यत्र स्थान्तरित करे और जिस मीना बाजार की अनुमति की आड़ लेकर जसकेतु उसेंडी द्वारा मुझ पर जो आरोप लगाया है वह निराधार और बेबुनियाद है।

जबकि मीना बाजार लगाने हेतु उनके द्वारा किसी भी प्रकार की अनुमति नगर पालिका परिषद् से नही ली गई है जिसके आधार पर अनुविभागीय अधिकारी एसडीएम कोंडागांव द्वारा अनुमति निरस्त की गई ना कि मेरे या विधायक मोहन मरकाम के दबाव में, वैसे भी भाजपाइयों की पुरानी आदत रही है धर्म के आड़ लेकर राजनीति करने की और अब कोंडागांव में अपने खो चुके जनाधार को फिर से पाने के लिए वो इस प्रकार का प्रयास कर रहे है लेकिन कोंडागांव की जनता समझदार है और वो इनके इस प्रकार के मंसूबो को साकार होने नही देगी।”

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