श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय एवं हरियाणा स्किल डवलेपमेंट मिशन कोरोना महामारी के दौरान शैक्षणिक एवं सामाजिक दायित्व के निर्वहन में निरंतर प्रयासरत :- राज नेहरू
April 22nd, 2020 | Post by :- | 41 Views

हसनपुर पलवल (मुकेश वशिष्ट):-  बुधवार को श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय के कुलपति एवं हरियाणा स्किल डवलेपमेंट मिशन के मिशन डायरेक्टर राज नेहरू ने ऑनलाइन माध्यम से प्रेस कॉफ्रेंस की एवं दोनों संस्थानों द्वारा कोरोना महामारी में निरंतर प्रयास के बारे में जानकारी दी, जिसमें राज नेहरू ने छह मुख्य बिदुओं के बारे में विस्तार से मीडिया को बताया|

  1. कौशल सेतु (ऑनलाईन एजुकेशन) – कौशल सेतु के अंतगर्त सभी प्रकार की शैक्षणिक गतिविधियां ऑनलाइन माध्यम से करवाई जा रही हैं। गो टू मीटिंग एप्लिकेशन के माध्यम से विद्यार्थियों को हर प्रकार के शैक्षणिक, सांस्कृतिक, इंजीनियिंरग एवं प्रतिभा से संबंधित कार्यक्रमों से जोड़ा गया है, जिसमें करीबन 100 से ज्यादा एक्सपर्ट लेक्चर, सेमीनार, वर्कशाप, कॉफ्रेंस करवाया जा चुके हैं। सप्ताह में तीन दिन योग की ट्रेनिंग भी ऑनलाइन माध्यम से सबको दी जा रही है। कौशल सेतु कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय ने नई पहल करते हुए राष्ट्रीय एवं अंतराष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा का एक प्लेटफार्म तैयार किया है, जिसमें बेहतर शिक्षकों, इंड़स्ट्री एक्सपर्ट एवं प्रोफेशनलस को आमंत्रण करके विद्यार्थियों को शिक्षा मुहैया करवाइ जा रही है। जरूरी नहीं कि वह विद्यार्थी एसवीएसयू से संबंध रखता हो, किसी भी प्रदेश, जिला, गांव का विद्यार्थी इसमें जुड़कर शिक्षा ग्रहण कर सकता है, अपनी समस्यों का समाधान प्राप्त कर सकता है।
  2. जैसे ही कोरोना महामारी ने हर क्षेत्र में फैलना शुरू किया, विश्वविद्यालय ने अन्नपूर्णा नामक योजना के तहत पलवल, फरीदाबाद एवं गुरूग्राम में जरूरतमंद लोगों तक भोजन पहुंचाने की व्यवस्था शुरू की जिसमें 2 लाख व्यक्तियों तक भोजन एवं सुखा सामान पहुंचाने के लिये विश्वविद्यालय रात-दिन जुड़ा हुआ है। इसमें लगभग 1.80 लाख घरों तक भोजन पहुंचाने में कामयाब हुए हैं। विश्वविद्यालय की टीम, इंडस्ट्री पार्टनर, ग्राम पंचायत, शिक्षण संस्थान एवं सामाजिक संगठनों का भरपूर सहयोग प्राप्त हो रहा है। इन सबके सहयोग से ही विश्वविद्यालय ने पलवल, फरीदाबाद एवं गुरूग्राम के लगभग 20 से ज्यादा ऐसे स्पॉट तलाश किए जिसमें लोगों को भोजन की बेहद आवश्यकता है। एक हर स्पॉट के लिए टीम बनाकर दो टाइम सभी तक खाने की व्यवस्था की गई है। इसमें प्रशासन का सहयोग काफी मिल रहा है। इस नेक कार्य में विद्यार्थी भी अपना काफी सहयोग प्रदान कर रहे हैं, एसवीएसयू के विद्यार्थी मनीष, वीबॉक रोबोटिक्स एडं ऑटोमेशन ने 250 किलोग्राम सूखा राशन उपलब्ध करवाया)2. अन्नपूर्णा (2 लाख भोजन/राशन
  3. आरोग्य सेतु – आरोग्य सेतु के माध्यम से विश्वविद्यालय निशुल्क और स्वैच्छिक मनोवैज्ञानिक परामर्श जरूरतमंद व्यक्तियों को प्रदान कर रहा है, जैसा कि हम सबको पता है कि लॉक डाउन के चलते लोग घरों में हैं एवं कुछ मनोवैज्ञानिक समस्याओं का सामना उन्हें करना पड़ रहा है, जैसे तनाव, अवसाद, हताशा, चिंता आदि। इसी के मददेनजर विश्वविद्यालय ने मनोवैज्ञानिक एक्सपर्ट की एक टीम बनाई। टीम में विभिन्न क्षेत्रों के मनोवैज्ञानिक एक्सर्ट है। इन एक्सपर्ट से हर प्रकार की सलाह ली जा सकती है, इसके लिए प्रतिदिन का समय निर्धारित किया गया है, एवं फोन नम्बर दिये हैं, जिस भी व्यक्ति को किसी भी प्रकार का तनाव, चिंता या अन्य प्रकार की समस्या है वह बिना किसी हिचक के जानकारी प्राप्त कर सकता है। एक्सपर्ट का मुख्य कार्य ही लोगों को बेहतर सेवाएं देना है, जिससे लॉकडाउन के दौरान उन्हें किसी प्रकार की बिमारी का सामना न करना पडे़।
  4. सखा – विश्वविद्यालय ने कोरोना महामारी से लोगों की सुरक्षा एवं वचाव हेतु सखा नाम से सुरक्षा कवच अभियान की शुरूआत की है, जिसके अंतगर्त लगभग 20 लाख मास्क वितरण का लक्ष्य रखा गया है। हमारी कोशिश है कि नोवल कोरोना वायरस से बचाव के लिए घर पर निर्मित फेस मास्क एक बहुत अच्छा और आसान उपाए है। ये फेस मास्क घर पर ही उपलब्ध साफ कपड़े से बनाए जा सकते हैं, जिसे सिलने से पहले अच्छी तरह से साफ करके धोना चाहिए। शोध के बाद विशेषज्ञों के द्वारा यह सुझाव दिये गये हैं कि ऐसे लोग जो किसी प्रकार भी चिकित्सीय स्थिति से पीड़ित नहीं हैं या फिर सांस लेने में किसी भी प्रकार की कठिनाई अनुभव नहीं  करते हैं वे घर के पुन उपयोग योग्य फेस मास्क का उपयोग कर सकते हैं। प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल जी भी सुरक्षा कवच अभियान की तारीफ कर चुके हैं। हमारा भी यहीं उददेश्य है कि प्रत्येक व्यक्ति तक यह सुरक्षा कवच पहुंचे जिससे ज्यादा से ज्यादा लोगों को संक्रमण से बचाया जा सके।
  5. हैल्थटीम – पलवल सीविल सर्जन एवं गुरूग्राम सीविल सर्जन के अनुरोध पर विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय के विद्यार्थी स्वास्थ्य सेवाओं में अपना बेहतर योगदान दे रहे हैं। विश्वविद्यालय के विद्यार्थी हैल्थ से संबंधित सेवाओं में अपना भरपूर सहयोग प्रशासन को प्रदान कर रहे हैं। इससे पलवल, फरीदाबाद एवं गुरूग्राम में स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित जहां भी जरूरत होती है, यह विद्यार्थी तत्पर तैयार होते हैं। क्षेत्र के अनुसार इन विद्यार्थियों की टीम बनाई गई है, यह टीम हर समय एवं हर स्तर के लिये तैयार है।
  6. ड्रोन बेस्ट हिट सेसिंग – जल्द ही ड्रोन बेस्ट हिट सेसिंग की शुरूआत की जा रही है, जिसके अंतगर्त ड्रोन के माध्यम से बाहर घुम रहे व्यक्त्यिं का कोरोना टेस्ट किया जाएगा, अगर किसी व्यक्ति में कोरोना के लक्षण होगें तो उसकी इमेज ड्रोन के माध्यम से उपलब्ध हो जाएगी। ड्रोन विधि का मुख्य उददेश्य ज्यादा से ज्यादा व्यक्तियों को कोरोनो टेस्ट करना है। जिस प्रकार से यह महामारी फैलती जा रही है, हर स्तर पर कोरोना के टेस्ट की आवश्यकता है, इसकी लिए ड्रोन विधि सबसे बेहतर है। इससे हर स्तर पर कोरोना के टेस्ट संभव है।

    इसके साथ ही उन्होंने बताया कि कोरोना महामारी के दौरान श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय एवं हरियाणा स्किल डवलेपमेंट मिशन से स्टाफ भी अपना भरपूर सहयोग इस सामाजिक कार्यों में प्रदान कर रहा है।

इस दौरान श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय की कुलसचिव डॉ. ऋतु बजाज, डीन एकेडमिक प्रो. आरएस राठौर, प्रो. आइटी रविन्द्र कुमार, डिप्टी रजिस्ट्रार चंचल भारद्वाज, एसिस्टेंट रजिस्ट्रार डॉ. जयपाल, पीएस टू वीसी अनिल जांगिड़, आइटी एक्सपर्ट श्री गणेश एवं हरियाणा स्किल डवलेपमेंट मिशन की ओर से मुख्य कौशल अधिकारी डॉ. दीपक शर्मा एवं संयुक्त निदेशक अंबिका पाटियाल शामिल हुए।

 

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