रेवा कोविड-19 के राहत कोष में देगी ₹1 लाख से अधिक की राशि
April 22nd, 2020 | Post by :- | 59 Views

चंडीगढ़(मनोज शर्मा) रूरल एजुकेशन वेलफेयर एसोसिएशन ग्रामीण शिक्षा के लिए विशेष रूप से समर्पित है।  गावों के प्राइवेट स्कूलों का मार्गदर्शन करती है।  इसका कार्य गावों के प्राइवेट स्कूलों का उत्थान करना है।

  एसोसिएशन के प्रधान वीबी कपिल ने बताया कि गांवों में आर्थिक तौर से कमजोर वर्ग के लोगों के  बच्चे इन स्कूलों में शिक्षा ग्रहण करते हैं। ये स्कूल नो प्रॉफिट नो लॉस के आधार पर कार्य करते हैं। इन स्कूलों के विकास के लिए रेवा यानि रूरल एजुकेशन वेलफेयर एसोसिएशन दृढ़ संकल्प है।
इस एसोसिएशन का कार्य  शिक्षा की गुणवत्ता को बनाए रखना है। चंडीगढ़ के सभी ग्रामीण क्षेत्रों के अधिकतर स्कूल इस एसोसिएशन के सदस्य हैं। एसोसिएशन के पदाधिकारी दिन- रात अर्थात परिश्रम के द्वारा इन स्कूलों की समस्या का समाधान करने के लिए अग्रसर हैं। एसोसिएशन के अभूतपूर्व कार्यों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। इसने हमेशा प्रशासन और शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों के बीच अपनी बात को ठोस रूप अर्थात बखूबी से प्रस्तुत किया है।
यह एसोसिएशन शिक्षा जैसे पवित्र कार्य के लिए समर्पित है वहीं जरूरत पड़ने पर देश हित की सेवा में भी सलंग्न है।
एसोसिएशन के प्रधान वीबी कपिल ने बताया कि एसोसिएशन कोविड-19 जैसी महामारी से जूझ रहे अपने देश के लिए इस संकट की घड़ी में कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। ग्रामीण क्षेत्रों के प्राइवेट स्कूलों ने अपनी  नेक कमाई में से अपना यथासंभव योगदान देने का प्रयास किया है।
सोसिएशन के वित्त सचिव प्रदीप शर्मा ने बताया की एसोसिएशन ने अब तक ₹1 लाख तक की राशि कोविड-19 के राहत कोष के लिए एकत्रित कर ली है।

      एसोसिएशन के प्रेस प्रवक्ता डॉ. विनोद कुमार शर्मा ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों के अधिकतर स्कूल अपना पूर्ण सहयोग दे रहे हैं। इसमें सभी स्कूलों का योगदान सराहनीय है। उन्होंने प्रधान कपिल के साथ कदम से कदम मिलाने के लिए  सभी स्कूल संचालकों का धन्यवाद किया।

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