किताबें, एसी, पंखे व कूलर की दुकानें खोलने पर होगी कार्रवाई:धीरेंद्र
April 21st, 2020 | Post by :- | 743 Views

कुरुक्षेत्र, लोकहित एक्सप्रेस, (सैनी) । उपायुक्त धीरेंद्र खडग़टा ने कहा कि सरकार के आदेशानुसार लॉकडाउन के दौरान 3 मई तक सभी किताबों, एसी, पंखे व कूलर विक्रेताओं व इनकी मुरम्मत करने वाली दुकानें बंद रहेंगी। यदि किसी दुकानदार द्वारा दुकान खोली गई तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यही नहीं मेडिकल दुकानों पर सोशल डिस्टेसिंग के नियमों को दरकिनारे करने की सूचना मिल रही है। प्रशासन की ओर से इस मेडिकल दुकानों पर निगरानी रखी जा रही है। यदि कहीं सोशल डिस्टेसिंग व निर्धारित समय के बाद दुकानें खुली मिली तो मेडिकल स्टोर संचालकों पर भी कार्रवाई की जाएगी।
मंगलवार को लघु सचिवालय परिसर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उपायुक्त धीरेंद्र खडग़टा ने बताया कि राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग हरियाणा सरकार द्वारा निर्धारित शर्तों के अनुसार वही कार्य शुरू होंगे, जिनकी अनुमति दी गई है। हालांकि उससे पहले आनलाइन आवेदन करना होगा, तभी कार्य के शुरू करने की अनुमति दी जाएगी। सरकार की ओर से किताबों की दुकानें, एसी, पंखे, कूलर व इन्हें रिपेयर करने की दुकानें बंद करने के आदेश जारी किए गए हैं। यह फैसला लॉकडाउन में कोरोना महामारी को ध्यान में रखते हुए ऐसे संस्थानों पर उमडऩे वाली भीड़ की आशंका के मध्यनजर लिया गया है। सरकार के अगले आदेश तक ये दुकानें बंद ही रहेंगी। जिले भर में निगरानी टीमें दौरा कर रही हैं, कहीं पर नियमों की उल्लंघना मिलती है तो तुरंत कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
उन्होंने एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि राज्य सरकार के आदेशानुसार कुछ ओद्योगिक, कर्मिशयल व कंस्ट्रक्शन साईट को शर्तो के अनुसार खोलने की अनुमति दी जाएगी। इसके लिए लेबर का प्रबंध स्थानीय स्तर पर ही किया जाएगा, प्रदेश के बाहर से लेबर को लाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इतना ही नहीं होम शेल्टरों में रहने वाले श्रमिकों को स्थानीय स्तर पर काम दिया जा सकता है, लेकिन जिनको अनुमति दी जाएगी, उन सभी को सोशल डिस्टैंस की पालना करनी होगी। उन्होंने कहा कि दिशानिर्देशों के अनुसार राज्य में उद्योगों तथा अन्य प्रतिष्ठानों का संचालन पुन: शुरू करने की अनुमति लेने और पास प्राप्त करने के लिए आवेदक को सरल हरियाणा पोर्टल https://saralharyana.gov.in/ पर आवेदन करना होगा। वाहनों के अन्तर्राज्यीय आवागमन के लिए ई-पास प्राप्त करने हेतु भारत सरकार के पोर्टल पर आवेदन करना होगा।
उन्होंने कहा कि उद्योगों तथा अन्य प्रतिष्ठानों के संचालन हेतु ऐसे आवेदनों की जांच एवं स्वीकृति के लिए खण्ड, कस्बा और शहर स्तरीय कमेटियां गठित की जाएंगी। ग्रामीण क्षेत्रों में एसडीएम, डीएसपी, बीडीपीओ एवं सहायक श्रम आयुक्त की कमेटी द्वारा उद्योगों तथा अन्य प्रतिष्ठानों हेतु 25 व्यक्तियों तक के लिए और शहरी क्षेत्रों में एसडीएम, डीएसपी, नगर निगम के ईओ/सचिव तथा सहायक श्रम आयुक्त की कमेटी द्वारा पास की अनुमति दी जाएगी। इसी प्रकार, 25 व्यक्तियों से 200 व्यक्तियों तक के लिए ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में, नगर निगम क्षेत्र को छोडकऱ, क्षेत्र के एडीसी, डीएसपी, बीडीपीओ एवं सहायक श्रम आयुक्त की कमेटी द्वारा और नगर निगम क्षेत्र में निगम आयुक्त, क्षेत्र के डीएसपी, नगर निगम के ईओ/सचिव तथा सहायक श्रम आयुक्त की कमेटी द्वारा पास की अनुमति दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, 200 व्यक्तियों से अधिक के लिए पास की अनुमति क्षेत्र के उपायुक्त, एसपी एवं पुलिस कमिशनर, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के महाप्रबंधक और उप-श्रम आयुक्त की कमेटी द्वारा दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि खण्ड स्तरीय कमेटी द्वारा 25 कर्मचारियों वाले, अतिरिक्त उपायुक्त या आयुक्त, नगर निगम, जैसा भी मामला हो, के नेतृत्व में गठित कमेटी द्वारा 25 व्यक्तियों से 200 व्यक्तियों तक और उपायुक्त की अध्यक्षता में गठित कमेटी द्वारा 200 से अधिक कर्मचारियों वाले उद्योगों, औद्योगिक प्रतिष्ठानों, वाणिज्यिक एवं निजी प्रतिष्ठानों से प्राप्त आवेदनों की जांच के बाद स्वीकृति दी जाएगी। आवेदनों की जांच और पास देने की समस्त प्रक्रिया सरल हरियाणा पोर्टल के माध्यम से चरणबद्ध रूप से चलाई जाएगी। यह स्वीकृतियां पहले आओ-पहले पाओ आधार पर दी जाएंगी। उन्होंने कहा कि आवेदनों की जांच और पास देने की समस्त प्रक्रिया ‘सरल हरियाणा’ पोर्टल के माध्यम से चरणबद्ध रूप से चलाई जाएगी। आईटी और आईटी सक्षम सेवा इकाइयों को छोडकऱ उद्योगों, औद्योगिक प्रतिष्ठानों, वाणिज्यिक एवं निजी प्रतिष्ठानों के सम्बन्ध में जारी दिशा निर्देशानुसार 20 लोगों तक के लिए पास की आवश्यकता होने पर शत-प्रतिशत स्वीकृति दी जाएगी, जबकि 20 व्यक्तियों से अधिक के लिए पास की आवश्यकता होने पर कुल आवश्यकता के 50 प्रतिशत या 20 पास, जो भी अधिक हो, की अनुमति दी जाएगी। इसी प्रकार, आईटी और आईटी सक्षम सेवा इकाइयों के मामले में 20 व्यक्तियों के लिए पास की आवश्यकता होने पर 50 प्रतिशत और 20 व्यक्तियों से अधिक के लिए पास की आवश्यकता होने पर कुल आवश्यकता का 33 प्रतिशत या 10 पास, जो भी अधिक हो, की अनुमति दी जाएगी।
उपायुक्त ने कहा कि इन सिटू निर्माण परियोजनाओं के मामले में कुल मानव शक्ति के 50 प्रतिशत के साथ संचालन की अनुमति दी जाएगी। बहरहाल, पास जारी नहीं किए जाएंगे, जबकि गैर इन सिटू परियोजना के मामले में कुल मानव शक्ति के 50 प्रतिशत के साथ संचालन की अनुमति दी जाएगी और श्रमिकों को नीले रंग के पास जारी किए जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि राजमार्गों पर दुकानों एवं ढाबों को खोलने और स्व: नियोक्ताओं की गतिविधियां केन्द्र सरकार के दिशानिर्देशानुसार ही होंगी। उन्होंने कहा कि आवश्यक सेवा प्रदाताओं को लाल रंग के तिकोणे विशेष पास दिए जाएंगे और वे निर्धारित समयावधि के दौरान कंटेनमेंट क्षेत्र में और उससे बाहर सेवाएं प्रदान कर सकेंगे, जबकि आवश्यक सेवा प्रदाताओं के अलावा अन्य के मामले में उद्योगों एवं वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों के लिए हरे रंग के तिकोणे साधारण पास और निर्माण परियोजनाओं के लिए नीले रंग के पास दिए जाएंगे और उन्हें कंटेनमेंट क्षेत्र में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।

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