खाली बर्तन बजाकर अपने गुस्से का इजहार किया
April 21st, 2020 | Post by :- | 106 Views

मोरनी न्यूज़ ( अरुण वर्मा)

आज जिला भर में

मजदूरों, गरीब लोगों व सरकारी विभाग के कच्चे कर्मचारियों ने राषन व आर्थिक मदद की मांग के लिए खाली बर्तन बजाकर अपने गुस्से का इजहार किया। मजदूर संगठन सीआईटीयू के देषव्यापी आह्वान पर हुई इस कार्यवाही में भट्ठा मजदूरों, निर्माण श्रमिकों, फैक्ट्री मजदूरों, ग्रामीण सफाई कर्मचारियों, आषाओं, आंगनवाड़ी, मिड डे मील कर्मियों, रेहड़ी-पटरी मजदूरों, ग्रामीण चैकीदारों, नरेगा मजदूरों, वन मजदूरों, असंगठित क्षेत्र के मजदूरों, खेतिहर मजदूरों, गरीब किसानों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। इसमें महिलाओं की बड़ी संख्या थी। इस कार्यक्रम में जनवादी महिला समिति, खेत मजदूर यूनियन, किसान सभा, नौजवान सभा जैसे संगठन भाग लिया। सीटू जिला अध्यक्ष रमा जिला सचिव लच्छीराम ने कहा कि लाॅकडाऊन को महीना भर होने को है। मजदूरों की बड़ी आबादी के घर का राषन खत्म होने को आया है परन्तु अभी तक सरकार की ओर से मदद के प्रयास बेहद नाकाफी हैं। प्रवासी मजदूरों, भट्ठा मजदूरों, अपंजीकृत निमार्ण मजदूरों, रेहड़ी-पटरी मजदूरों, असंगठित क्षेत्र के मजदूरों व घरेलू महिला मजदूरों की हालत दयनीय है। फैक्ट्रिीयों में काम करने वाले मजदूरों की हालात भी खराब है। अब केवल भाषण से काम चलने वाला नहीं है। बल्कि राषन मिले, आर्थिक मदद मिले व जो मजदूर फैक्ट्रियों में काम करते हैं उनको पूरा वेतन मिले व किसी की नौकरी न हटे। सरकार काम के घंेटे 8 से 12 करने के प्रयास बंद करे। इसलिए आज जरूरतमंद मजदूरों व गरीब लोगों ने अपने घरों की छतों, बालकोनियों, पसारों, कार्यस्थलो, जहां भी ठहरे हुए हैं वहां उचित दूरी रखते हुए, लाॅकडाउन का पालन करते हुए इस आयोजन को सफल बनाया है।
सीटू नेताओं ने मांग कि है कि सभी मजदूर व जरूरतमंद परिवारों को 3 महीने का सुखा राषन फ्री में दिया जाए व घर तक पंहुचाया जाए। प्रत्येक मजदूर व जरूरतमंद परिवार को जो टैक्सदाता नहीं है उन्हें 7500 रूपये नगद राषि का भुगतान किया जाए। इसमें किसी भी प्रकार की कंडीषन न लगाई जाए। इस महामारी के दौरान जरूरी सेवाओं में लगे कच्चे कर्मचारियों जैसे आषा, स्वास्थ्य ठेका कर्मचारी, ग्रामीण सफाई कर्मचारी, आंगनवाड़ी, ग्रामीण चैकीदारोंमिड डे मील आदि को पूरे सुरक्षा उपकरण उपलब्ध हों। 50 लाख बीमा कवरेज दिया जाए। महामारी के दौरान समान काम समान वेतन या कम से कम डबल वेतन दिया जाए। स्कीम वर्कर्स व कच्चे कर्मचारियों का बकाया वेतन तुरंत जारी हो। भट्ठा मजदूरों सहित तमाम प्रवासी मजदूरों, निर्माण कल्याण बोर्ड में जो निर्माण मजदूर पंजीकृत नहीं है व तमाम असंगठित क्षेत्र के मजदूरों तक राशन व नगद रूपये देना सुनिष्चित किया जाए। फैक्ट्री मजदूरों को पूरा वेतन मिले व किसी को नौकरी से न हटाया जाए। मनरेगा के तहत काम मिले व खेती के कुछ कामों को भी इसके दायरे में लाया जाए व दिहाड़ी 600 रूपये हो। सरकार से मांग की गई कि 8 घंटे प्रतिदिन की डयूटी को 12 घंटे करने के केन्द्र सरकार के प्रयास तुरत बंद हांे।
जिला में इन आयोजनों का नेतृत्व भवन निर्माण कामगार यूनियन के नेता जयचन्द आषा वर्कर्स यूनियन की वन्दना स्वास्थय ठेका के सतीश,जगत सिह,वहिदा मिड डे मील वर्कर्स यूनियन की ऊषा ,जसबीरा रेहड़ी-पटरी मजदूर यूनियन के राम आसरे,रामदेव पटेल आदि ने किया।

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