भंगवां गांव में गरीबों के नाम लिस्टों में काटे जाने से कई लोग सस्ती गेहू लेने से वंचित ।
April 21st, 2020 | Post by :- | 309 Views
भंगवां गांव में गरीबों को कई गरीबों को लिस्टों में नाम नही होने से लाभ लेने से रहे वंचित ।

वहीं गांव के सरपंच के पति ने सभी जरूरतमन्द लोगों को गेहूं देने का किया दावा ।
जंडियाला गुरु कुलजीत सिंह
भले ही सरकार द्वारा इस कर्फ्यू लॉकडौन के चलते हर गरीब और जरूरतमंद को सहायता देने का दावा किया गया। लेकिन  गांव भंगवां में कई ऐसे गरीब और जरूरतमंद लोग  हैं जिन्हें ना कोई राशन और ना ही सरकारी सस्ती गेहूं मिली ।इसी गांव के रहने वाले हरदेव सिंह पुत्र सुलखन सिंह ने बताया कि वह मेहनत मजदूरी का काम करते है ।पर अब लॉकडौन की वजह से वह घर मे ही रह रहें है औऱ हम हर रोज़ दिहाड़ी लगाकर कमाते थे ।इसके चलते हमारी अर्थ दशा की कमर टूट गई है। हम जब गेहूं लेने के लिए डिपू होल्डर के पास गए तो उसने भी हमारा नाम लिस्ट में नही है कहकर वापिस घर भेज दिया। हमने सरपंच परमजीत कौर के पति सुखजिंदर सिंह को भी कहा लेकिन हमें गेंहू नही मिली ।इसी गांव की मेंबर पंचायत सरबजीत कौर ने कहा कि हमारे गांव में बहुत सारे ऐसे गरीब और जरूरतमन्द लोग हैं जिन्हें नाम बिना जांच के काटे जाने की वजह से गेहूं नही मिल पाई है ।उन्होंने ने कहा कि वह हल्का विधायक सुखविंदर सिंह डैनी औऱ पंजाब सरकार से अपील करते हैं कि इन गरीबों और जरूरतमंद लोंगो को गेहूं दी जाए। इसके इलावा उन्होंने ने डिपू होल्डर और विभाग के इंस्पेक्टरों पर आरोप लगाते हुए  कहा कि  गरीबों के राशन कार्ड काटे जाने के मामले में उचित जांच होनी चाहिए ।
इस मामले में गांव के सरपंच परमजीत कौर के पति ,मेजर सिंह और राजविंदर सिंह ने बातचीत करते हुए कहा कि हल्का विधायक सुखविंदर सिंह डैनी के दिशा निर्देशों के अनुसार कोविड 19 की महामारी से निपटने के लिए गांव के हर गरीब और जरूरतमन्द लोगों को गेहूं के इलावा राशन भी दिया गया है। गांव में कुछ ऐसे लोग हैं जो आर्थिक रूप से मजबूत है लेकिन उन्होंने ने भी सस्ती गेंहू लेने के लिए कार्ड बनाये हुए है जो कि सरासर गलत है ।ऐसे लोगों की मैं कड़ी निंदा करता हूँ क्योंकि यह सभी धनी लोग है ।इस बार गांव में गेहूँ आबंटन के दौरान 1 बैग कम देकर जो बचे हुए गेहूं के बैग ऐसे लोगों को दिये गए हैं जिनके नाम राशन कार्ड में काटे गए हैं ।

फ़ोटो  कैैैप्शन :सरपंच के पति औऱ मोहतबर व्यक्ति बातचीत करते हुए ।

गरीब परिवार की।तस्वीर

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