सीआईटीयू के देशव्यापी आह्वान पर हजारों मजदूरों, गरीब लोगों ने खाली बर्तन बजाकर अपने गुस्से का किया ईज़हार।
April 21st, 2020 | Post by :- | 125 Views

हसनपुर पलवल (मुकेश वशिष्ट):-  मंगलवार को जिला भर में हजारों मजदूरों, गरीब लोगों व सरकारी विभाग के कच्चे कर्मचारियों ने राशन व आर्थिक मदद की मांग के लिए खाली बर्तन बजाकर अपने गुस्से का इजहार किया। मजदूर संगठन सीआईटीयू के देशव्यापी आह्वान पर हुई इस कार्यवाही में भट्ठा मजदूरों, निर्माण श्रमिकों, फैक्ट्री मजदूरों, ग्रामीण सफाई कर्मचारियों,  आशाओं,  आंगनवाड़ी,  मिड डे मील कर्मियों,  रेहड़ी-पटरी मजदूरों,  ग्रामीण चैकीदारों,  मनरेगा मजदूरों,  वन मजदूरों,  असंगठित क्षेत्र के मजदूरों,  खेतिहर मजदूरों,  गरीब किसानों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।

इसमें महिलाओं की बड़ी संख्या थी। इस कार्यक्रम में जनवादी महिला समिति, खेत मजदूर यूनियन, किसान सभा, नौजवान सभा जैसे संगठनों ने भी सक्रियता से भाग लिया। सीटू जिला अध्यक्ष श्रीपालसिंह भाटी, सचिव भगीरथ बैनवाल, उप प्रधान उर्मिला रावत, वित्त सचिव बाला ने कहा कि लॉकडाऊन को महीना भर होने को है। मजदूरों की बड़ी आबादी के घर का राशन खत्म होने को आया है परन्तु अभी तक सरकार की ओर से मदद के प्रयास बेहद नाकाफी हैं। प्रवासी मजदूरों, भट्ठा मजदूरों, अपंजीकृत निमार्ण मजदूरों, रेहड़ी-पटरी मजदूरों, असंगठित क्षेत्र के मजदूरों व घरेलू महिला मजदूरों की हालत दयनीय है।

फैक्ट्रिीयों में काम करने वाले मजदूरों की हालात भी खराब है। अब केवल भाषण से काम चलने वाला नहीं है। बल्कि राशन मिले, आर्थिक मदद,  मिले व जो मजदूर फैक्ट्रियों में काम करते हैं उनको पूरा वेतन मिले व किसी की नौकरी न हटे। सरकार काम के घंटे 8 से 12 करने के प्रयास बंद करे। इसलिए आज जरूरतमंद मजदूरों व गरीब लोगों ने अपने घरों की छतों, बालकोनियों, पसारों, कार्यस्थलो, जहां भी ठहरे हुए हैं वहां उचित दूरी रखते हुए, लाॅकडाउन का पालन करते हुए इस आयोजन को सफल बनाया है।

सीटू नेताओं ने मांग कि है कि सभी मजदूर व जरूरतमंद परिवारों को 3 महीने का सुखा राशन फ्री में दिया जाए व घर तक पंहुचाया जाए। प्रत्येक मजदूर व जरूरतमंद परिवार को जो टैक्सदाता नहीं है उन्हें 7500 रूपये नगद राशि का भुगतान किया जाए।

इसमें किसी भी प्रकार की कंडीशन न लगाई जाए। इस महामारी के दौरान जरूरी सेवाओं में लगे कच्चे कर्मचारियों जैसे आशावर्कर , स्वास्थ्य ठेका कर्मचारी, ग्रामीण सफाई कर्मचारी, आंगनवाड़ी, ग्रामीण चैकीदारों, मिड डे मील आदि को पूरे सुरक्षा उपकरण उपलब्ध हों। 50 लाख बीमा कवरेज दिया जाए। महामारी के दौरान समान काम समान वेतन या कम से कम डबल वेतन दिया जाए। स्कीम वर्कर्स व कच्चे कर्मचारियों का बकाया वेतन तुरंत जारी हो। भट्ठा मजदूरों सहित तमाम प्रवासी मजदूरों, निर्माण कल्याण बोर्ड में जो निर्माण मजदूर पंजीकृत नहीं है व तमाम असंगठित क्षेत्र के मजदूरों तक राशन व नगद रूपये देना सुनिश्चित किया जाए। फैक्ट्री मजदूरों को पूरा वेतन मिले व किसी को नौकरी से न हटाया जाए। मनरेगा के तहत काम मिले व खेती के कुछ कामों को भी इसके दायरे में लाया जाए व दिहाड़ी एक दिन की 600 रूपये हो। सरकार से मांग की गई कि 8 घंटे प्रतिदिन की डयूटी को 12 घंटे करने के केन्द्र सरकार के प्रयास तुरत बंद हो।

जिला में इन आयोजनों का नेतृत्व भवन निर्माण कामगार यूनियन के नेता कंवरपाल व जगराम आशा  वर्कर्स यूनियन की गीता व रामरती चौहान सफाई कर्मचारी यूनियन के अर्जुन व चंद्रवीर आंगनवाड़ी वर्कर्स हैल्पर्स यूनियन की कृष्णा व शशि मिड डे मील वर्कर्स यूनियन की संतोष व उषा ग्रामीण चैकीदार सभा के ज्ञानेन्द्र व थान सिंह वन मजदूर यूनियन के राजू व वीरपाल, स्वास्थ ठेका कर्मचारी नरदेव आदि ने किया।

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