काम-धंधे बंद होने के चलते भुखे मरने से बचने के लिए यह मजबूरी बन गई
April 20th, 2020 | Post by :- | 101 Views

मोरनी न्यूज़ (अरुण वर्मा)

भुखमरी से बचाने की मांग को लेकर 21 अप्रैल को 12 बजे 10 मिनट के लिए प्रदेश में मजदूर व जरूरमंद परिवार खाली बर्तन बजाएगें। मुख्य नारा होगा राशन दो, सुरक्षा दो, आर्थिक मदद करो। मजदूर संगठन सीटू के आह्वान पर इस कार्यवाही में बड़े पैमाने पर मजदूर, गरीब व जरूरतमंद लोग हिस्सेदारी करेंगे। अपने घरों की छतों, बालकोनियों, पसारों, कार्यस्थलो, जहां भी ठहरे हुए हैं वहां उचित दूरी रखते हुए, लाॅकडाउन का पालन करते हुए इस आयोजन को सफल बनाएगें।

उक्त जानकारी देते हुए सीटू जिला सचिव लच्छी राम ने कहा कि काम-धंधे बंद होने के चलते भुखे मरने से बचने के लिए यह मजबूरी बन गई। उन्होंने कहा कि सरकार ने राहत देने की घोषणाएं की है व दावे भी किए जा रहे हैं परन्तु धरातल पर हालात बेहद खराब है। भट्ठों पर काम कर रहे मजदूरों के पास कोई राशन नहीं पंहुचा है। राज्य के अधिकतर जिले में सुखे राशन की सप्लाई में केवल गुलाबी व खाकी कार्ड धारकों को छोड़ कोई राहत अभी किसी को नहीं मिली है। जबकि गावों-शहरों में हजारों की संख्या में जिनके हरे कार्ड हैं वे भी काफी खराब हालत में हैं। शहरों में रह रहे प्रवासी व असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को न सरकार ने सुखा राषन पंहुचाया व न ही आर्थिक मदद की है। निर्माण के मजदूरों को भी ज्यादा राहत नहीं मिली है। स्वयंसेवी संस्थाओ ंने शुरूआती दौर में मदद की परन्तु अब हालात खराब हैं।
उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस की इस महामारी में जरूरी सेवाओं में लगे सरकारी विभाग के कच्चे कर्मचारी व स्कीम वर्कर्स जान जोखिम में डालकर अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। परन्तु आषा वर्कर्स, स्वास्थ्य ठेका कर्मचारियों, ग्रामीण सफाई कर्मचारियों, आंगनबाड़ीकर्मिर्यों, ग्रामीण चैकीदारों, मिड डे मील वर्करों को सुरक्षा उपकरण तक नहीं मिले हैं। बड़े पैमाने पर फैक्ट्री मजदूरों को मार्च माह का वेतन नहीं मिला है। अप्रैल माह के लिए बोल दिया गया है कि काम नही तो वेतन नहीं। मजदूरों को नौकरी से हटाने की भी खबरे आ रही हैं। वहीं बेषर्मी पूवर्क केन्द्र सरकार काम के घंटे 8 की बजाय 12 करने के प्रयास कर रही है। इसलिए राज्य में 21 अप्रैल को दोपहर 12 बजे 10 मिनट के लिए अपनी मांगों के लिए मजदूर व गरीब लोग ’’खाली बर्तन बजाएगें’’। प्रमुख मांग होगी
ऽ सभी जरूरतमंदों को 2 महीने का सुखा राषन दो, फ्री में दो व घर तक पंहुचाना सुनिष्चित करो। (जैसे आट्टा/गेहुं, चावल, दाल, सरसों तेल, चीनी, चाय पती, साबुन, मसाले आदि)
ऽ प्रत्येक मजदूर व जरूरमंद परिवार को जो टैक्सदाता नहीं है उन्हें 7500 रूपये नगद राषि का भुगतान करो।
ऽ अभी भी जरूरी सेवाओं में लगे कच्चे कर्मचारियों जैसे आषा, आंगनवाड़ी, मिड डे मील, सफाई कर्मचारी, ग्रामीण चैकीदारों, स्वास्थ्य ठेका कर्मचारियों को पूरे सुरक्षा उपकरण उपलब्ध करवाओ। 50 लाख बीमा कवरेज दो, महामारी के दौरान समान काम समान वेतन या कम से कम डबल वेतन दो।
ऽ फैक्ट्री मजदूरों को पूरा वेतन मिले व किसी को नौकरी से न हटाया जाए। मनरेगा में काम दो
ऽ 8 घंटे प्रतिदिन की डयूटी को 12 घंटे करने के केन्द्र सरकार के प्रयासों का पुरजोर विरोध करो।

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