राज्य में सरकारी विभागों में कार्यरत ठेका व कच्चे कर्मचारियों, स्कीम वर्करों ने आज काले रिबन बांधकर आंदोलन किया :- सीटू
April 18th, 2020 | Post by :- | 110 Views

हसनपुर पलवल (मुकेश वशिष्ट) :-  शनिवार को सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन्स (सीटू ) के आह्वान पर हरियाणा सरकार के उपेक्षापूर्ण रुख के खिलाफ हजारों ग्रामीण सफाई कर्मचारियों, आशा वर्कर्स, आंगनवाड़ी वर्कर्स एण्ड हेल्पर

, मिड डे मिल वर्करों, ग्रामीण चौकीदारों, स्वास्थ्य विभाग के ठेका व कच्चे कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर अपने-अपने गाँव तथा कार्यस्थल पर काम करते हुए काले बिल्ले, काले रिबन, बांधकर,  काली चुन्नी ओढ़कर  विरोध कार्यवाही में बढ़चढ़ कर भाग लिया।

सीटू  हरियाणा जिला पलवल के प्रधान श्री पाल सिंह भाटी   उप प्रधान उर्मिला रावत व कैशियर बाला ने दावा करते हुए कहा की  कोराेना वायरस महामारी में भी कर्मचारियों का यह हिस्सा मामूली वेतन में अपनी जान जोखिम में डाल कर देश व समाज की रक्षा कर रहा है। अपनी जायज मांगों को लेकर सरकार के पास कोरोना अवधि के दौरान बार-बार पत्र व ज्ञापन भेज चुके है। लेकिन सरकार इन कच्चे कर्मचारियों की बात सुनने को तैयार नहीं है। न तो इन कर्मचारियों को पूरे सुरक्षा उपकरण उपलब्ध करवाए जा रहे हैं और न ही इन्हें डबल वेतन का लाभ दिया जा रहा है।

कायदे से सरकार को इन्हें इस अवधि में समान काम समान वेतन देना चाहिए। ठेकेदारी प्रथा ख़तम करके ठेका मजदूरों को अपने पे रोल पर लेना चाहिए। 50 लाख की बीमा कवरेज सभी कर्मियों को मिलनी चाहिए। परंतु इस बारे सरकार ने अभी तक भी कोई ठोस निर्णय नहीं लिया है। इन कर्मियों को बुनियादी सुविधा देने के लिए सरकार तेयार नहीं है और दूसरी तरफ हरियाणा सरकार कोरोना सैनिक होने का जरूर ढिंढोरा पीटने का नाटक किया जा रहा है।

सीटू ने आगामी घोषणा करते हुए कहा की 21 अप्रैल को अपनी मांगों के समर्थन में भाषण नही स्थाई रोजगार चाहिए, सामाजिक सुरक्षा चाहिए  भाषण नहीं, राशन चाहिए मांग दिवस मनाया जाएगा इस दिन अपनी अपनी मांगों को लेकर नारे लगाते हुए अपने-अपने गांवों में आशा, आंगनवाड़ी,मिड डे मिल वर्कर, ग्रामीण सफाई कर्मचारी व गांव के चौकीदार,निर्माण व भट्ठा मजदूर, फेक्ट्री मजदूर, रेहड़ी पटरी मजदूर, असंगठित क्षेत्र के मजदूर सब मिलकर पूरे हरियाणा में थाली बजाओ-बर्तन बजाओ आंदोलन करेंगे।

प्रमुख मांग:-

1.ग्रामीण सफाई कर्मियों, स्वास्थ्य विभाग के ठेका कर्मचारियों, आशा, आंगनवाड़ी, चौकीदारों, मिड डे मील वर्करों को भी कोरोना अवधि के दौरान समान काम समान वेतन या डबल वेतन दिया जाय।

2.इस समय सेवारत इन कर्मियों को तमाम सुरक्षा उपकरण जैसे मास्क, दस्ताने, जूते, सेनेटाइजर, जाकेट आदि पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध करवाए जाएं।

3.कोरोना अवधि के दौरान किसी भी कच्चे कर्मचारी/स्किम वर्कर को 50 लाख रुपये बीमा कवरेज योजना में शामिल किया जाए।

4.सभी कच्चे कर्मियों को रेगुलर किया जाए।ठेका प्रथा ख़तम हो तथा रेगुलर करने के लिए विशेष पॉलिसी बनाई जाए।

5.सभी कर्मियों को सामाजिक सुरक्षा की गारन्टी दी जाए।

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