केरावाही में ग्रामीणों ने दिखाई हठधर्मिता वार्षिक मेला आयोजित कर बाजार में भीड़, एवं मंदिर में धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन कर किया 144 धारा का उलंघन
April 17th, 2020 | Post by :- | 159 Views

कोण्डागांव/ अमरेश झा  —-जिला मुख्यालय से लगभग २०कि०मी० दुर ग्राम केरावाही में ग्राम वासियों को नोवेल कोरोना(कोविड-१९) जैसी महामारी का कोई भी डर नहीं है.संक्रमण नियंत्रण के लिए शासन ने संपूर्ण तालाबंदी व धारा-१४४ को  पुरे जिले में प्रभावशाली कर जुलूस, सभा,रैली, सांस्कृतिक, राजनैतिक तथा सभी धार्मिक कार्यक्रमों पर प्रतिबंध लगा दिया हुआ है।

परन्तु विकास खण्ड माकड़ी के ग्राम केरावाही में ग्रामीणों ने हठधर्मिता दिखाते हुए दिनांक-१५/४/२०को वार्षिक मेला आयोजित कर बाजार स्थल पर भीड के बीच कुवंर बाबा मंदिर में धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन किया।

इस आयोजन के बाबत् शासन के मैदानी कर्मचारियों द्वारा अपने  उच्चाधिकारियों को तहसील स्तर अथवा जिला मुख्यालय में किसी को भी अवगत कराने का कष्ट नहीं किया,जिला प्रशासन के आदेशों को जमीनी स्तर पर कडा़ई से क्रियान्वयनवित कराने की जवाबदेही मैदानी कर्मचारियों पर होती है.ऐसी गंभीर लापरवाही के चलते ग्राम पटवारी (हल्का क्र००८) शत्रुघ्न सिंह चौहान व  सचिवसविता पोयाम को निलंबित कर तहसील कार्यालय माकड़ी में उपस्थिति देने हेतु आदेशित किया गया है।ग्राम कोटवार धुमादास को भू-राजस्व संहिता की धारा -२३० के अन्तर्गत निलंबित एवं ग्राम पटेलक्षबामन राम नेताम कोभू-राजस्व संहिता की धारा-२२२के तहत् पद से बर्खास्त कर दिया गया है।

यह बात सर्वविदित है कि वर्तमान परिस्थितियों में मैदानी कर्मचारियों का यह फर्ज है कि अपने प्रभार क्षेत्र में  होने वाली गतिविधियों पर नजर रखें व वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराते रहें,परन्तु इन के द्वारा अपने पदीय दायित्वों के निर्वाहन में घोर लापरवाही बरतने के कारण उक्त कार्रवाई की गई है।

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