मंदी के दौर में ट्रक यूनियन नालागढ़ ने की मालभाडे में कमी
September 1st, 2019 | Post by :- | 577 Views
  • 2 से लेकर 12 फीसदी तक की हुई कमी।
  • औद्योगिक विकास में होगा भारी इजाफा, हिमाचल का आकर्षण बरकरार।
  • प्रदेश के तमाम उद्योग संगठनों ने किया स्वागत

शिमला, 31 अगस्त। राज कश्यप

एशिया की सबसे बडी ट्रक यूनियन नालागढ़ ने भी आर्थिक मंदी में अपने मालभाडे में 2 प्रतिशत से 12 फीसदी तक की कमी की है। औद्योगिक एसोसिएशनों व ट्रक यूनियन में लंबे समय से खींचातान चली हुई थी। उद्यमियों का दबाब था कि युनियन का भाडा बहुत ज्यादा है तो यूनियन का कहना था कि गत सालों में ट्रकों से जुडे हर सामान में बढोतरी हुई है इसलिए खर्चे भी बढे हैं। वहीं इनवेस्टर मीट के मददेनजर सरकार का भी दबाव था कि भाड़ो को तर्कसंगत किया जाए।

एशिया की सबसे बडी ट्रक यूनियन दी ट्रक आपरेटर यूनियन नालागढ़ , उद्योग जगत, सरकार व समाज के दबाव के आगे झुक गई है और उसने अपने मालभाडों में 2 से 12 फीसदी तक कमी कर दी है। यह निर्णय यूनियन ने राष्ट्रव्यापी भाडों की तुलना करने के बाद लिया है ताकि हिमाचल का उद्योग जगत यहां टिका रहे।

यूनियन पर बीबीएन उद्योग संघ, लघु उद्योग भारती, गत्ता उद्योग संघ व एचडीएम उद्योग संघ का लगातार आरोप था कि आपके भाडे पडोसी राज्यों की तुलना में बहुत ज्यादा है। सभी प्रकार के पैकेेज समाप्त होनेे के बाद यहां पर उद्योगों को ज्यादा मालभाडे अदा करने पर रहे थे जिससे उनके उत्पाद दर मंहगी हो रही थी। उद्यमियों ने कई बार तमाम पडोसी राज्यों के बददी से भाडों का तुलनात्मक अध्ययन करके यूनियन व सरकार के समक्ष भी सौंपा था कि हमारी मांग तर्कसंगत व जायज है।

ट्रक यूनियन के अध्यक्ष विद्यारतन चौधरी ने बताया कि नए समझौते के अनुसार प्रारंभिक 150 किमी तक किसी भी प्रकार की कमी नहीं हुई है। वहीं अगर कंपनी हमसे सीधा ट्रक लेती है तो उसको 2 फीसदी की छूट मिलेगी। लंबी दूरी के रुट पर 400 किमी तक 7 फीसदी मालभाडा कम हुआ है। बीबीएन से माल ले जाने की दूरी अगर 400 किमी से ज्यादा की होगी तो वहां पर उद्यमी के किराए में सर्वाधिक 12 फीसदी किराए की दर में कमी की गई है।

ट्रक यूनियन के कोषाध्यक्ष वीर सिंह चंदेल ने बताया कि ट्रांसपोर्ट के तहत अगर कोई गाडी लेता है तो उस पर कोई छूट मान्य नहीं होगी। वहीं दूसरी ओर ट्रक यूनियन मलपुर जोन के निर्वाचित सदस्य संजीव ठाकुर ने कहा कि हम चाहते हैं कि यूनियन का काम भी रहे और उद्योग भी यहां पर फलते फूलते रहे। उन्होने कहा कि हम दोनो एक दूसरे के पूरक है और हिमाचल में जितना औद्योगिक विकास होगा रोजगार के अवसर भी उतने ही बढेंगे।
यूनियन ने सरकार व उद्यमियों के आग्रह पर रेटों में कमी की है जिसका असर हमारे उपर पडेगा लेकिन हमें सबको साथ लेकर चलना है। उन्होने कहा कि ट्रकों के डीजल, इंसोंरेंस, टायरों के रेट, टैक्स व टोल हर साल बढ जाते हैं जिसका खामियाजा आपरेटरों को उठाना पडता है। मंदी के दौर में केंद्र सरकार से हमारा आग्रह है कि इंसोरेंटस के रेटों में कमी की जाए और टोल तथा टैक्सों में कमी की जानी जरुरी है ताकि ट्रांसपोर्टर भी सारे खर्च निकाल कर अपनी रोजी रोटी चला सके।

जयराम सरकार पर भी था दबाव ।

पंजाब में अमरेंद्र सिंह की सरकार बनते ही उन्होने वहां की तमाम ट्रक यूनियनों को भंग कर दिया था। जयराम सरकार ने भी शपथ लेते ही कुछ ऐसे ही संकेत दिए थे । हिमाचल में उद्योग टिकाने व औद्योगिक विकास को तेज करने के लिए रेट कम करने बहुत जरुरी है।

सीएम जयराम ठाकुर ज्यादा निवेश लाने के लिए कई राज्यों में इनवेस्टर मीट कर रहे हैं लेकिन वहां पर ट्रक  यूनियनों की मनमानी पर उनको जबाव देना मुश्किल हो जाता था। बडे बडे उद्यमी कहते थे कि अगर यूनियनों की चलनी है तो आप मित्रवत शासन कैसे दे सकते हो। वर्तमान में रोजगार देने के लिए उद्योग की सबसे कारगार माध्यम है इसलिए उद्योगों के बगैर न यूनियन की, न सरकार की न समाज की गति है।

उद्योग रहेंगे तो तीनों का भरण पोषण होता रहेगा। सरकार कहीं पंजाब की तर्ज पर राज्यों की तमाम यूनियनों को भंग न कर दे यह डर भी कहीं न कहीं अंदर ही अंदर सता रहा था इसलिए माल भाडे में कमी करके उन्होने सकारात्मक संदेश दिया है जिसका फायदा हर वर्ग को मिलेगा।

उद्योग जगत ने किया स्वागत-

बीबीएन उद्योग संघ के अध्यक्ष संजय खुराना, महामंत्री वाई एस गुलेरिया, अजय चौधरी, दिनेश जैन, मुकेश जैन, आर के शर्मा, सुकेश अग्रवाल, दवा उद्योग संघ के प्रधान डा. राजेश गुप्ता, सलाहकार सतीश सिंगला, लघु उद्योग भारती के प्रदेशाध्यक्ष राजीव कंसल, महामंत्री विकास सेठ, कैशियर हरबंस पटियाल, नेत्र प्रकाश कौशिक, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुरेंद्र जैन, फार्मा विंग के राष्ट्रीय संयोजक राजेश गुप्ता, फार्मा विंग एचपी संयोजक चिरंजीव ठाकुर, मृणाल यादव, गत्ता उद्योग संघ के राज्य प्रधान सुरेंद्र जैन, पैकेजर्स एसोसिएशन के प्रधान हेमराज चौधरी, महामंत्री अशोक राणा, लघु उद्योग भारती नालागढ़ के प्रधान पंकज मित्तल ने यूनियन के मालभाडे में कमी करने के निर्णय का स्वागत किया और कहा कि इससे औद्योगिक विकास को और ज्यादा गति मिलेगी।

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