पीलीभीत : चलना है शूल मिलें तो क्या पथ में अंगार मिलें तो क्या चलना ही अपना काम है
March 27th, 2020 | Post by :- | 147 Views

पीलीभीत, विक्रान्त ऋषि ।

उत्तराखंड से यूपी तक अपने दो मासूम छोटे छोटे बच्चों के साथ पीलीभीत पहुँची विधवा बेसहारा महिला ,

रुद्रपुर से पीलीभीत तक 130 km तक पैदल सफर तय कर मासूम बच्चों के साथ पहुँची महिला,,

पुलिस ने जरूररत का सामान व राशन देकर घर तक पहुँचाया

यूपी के पीलीभीत में उत्तराखंड के रूद्रपुर से यूपी तक एक विधवा अपने दो मासूम बच्चों के साथ यूपी के पीलीभीत तक पैदल चलकर पहुँची । देश मे लॉक डाउन के चलते उत्तराखंड से यूपी तक इस बेसहारा महिला अपने मासूमो के साथ पुलिस से टकरा टकरा कर पीलीभीत आ ही पहुँची ।

तस्वीरो को आप जरा गौर से देखिए उत्तराखंड की प्लाइवुड में काम करने वाली 34 वर्षीय विधवा अपने दो मासूम बच्चों के साथ uk से यूपी तक का पैदल ही घर तक का सफर तय किया । यूं तो पूरे देश मे आज लॉक डाउन का पांचवा दिन है जहां सरकार द्वारा अपने घरों से दूर फंसे लोगों घर तक पहुचाने का दावा पेश कर रही है लेकिन पीलीभीत में एक 34  वर्षीय विधवा अपने दो छोटे छोटे मासूम बच्चों के साथ फैक्टरी बंद होने के बाद लाचारी की मार लेकर उत्तराखंड से यूपी तक पैदल ही सफर तय कर पीलीभीत के बरखेड़ा थाना क्षेत्र में अपने गांव पहुँची । पूरे सफर के बाद महिला को अपने घर के नजदीक थानाध्यक्ष ने पूछताछ के लिए रोका हांलाकि हाल जानने के बाद यूपी पुलिस के इस दरोगा को महिला की लाचारी पर रहम आ गया ।

और उसे खाने पीने की व्यवस्था मुहैया करवा कर अपनी गाड़ी से उसे घर तक पहुँचा दिया । लेकिन सवाल यह उठता है कि मासूम बच्चों के साथ विधवा मां ने उत्तराखंड से यूपी तक करीब 130 km दूरी तक का पैदल सफर तय किया लेकिन राह में शूल कठिनाइयां और पूछताछ तो कई जगह हुई लेकिन सरकार की मदद गार पुलिस ने बे सहारा औरत के साथ इन मासूम बचचो पर जरा भी रहम नहीं किया । और बेचारी पैदल ही अपने घर के नजदीक आ पहुँची जहां दरोगा ने उस पर दरियादिली दिखाते हुए उसकी मदद की ।

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